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यूपी: फर्जी मार्कशीट बनाने वाले गैंग का पर्दाफाश, दो युवकों को किया गिरफ्तार
Sun, 08 Sep 2019 10:58 AM IST
मेरठ ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
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Published by: मेरठ ब्यूरो
Updated Sun, 08 Sep 2019 10:58 AM IST
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मेरठ के गंगानगर पुलिस ने फर्जी मार्कशीट बनाने गिरोह के दो युवकों को गिरफ्तार किया है। यह गिरोह 15 से 20 हजार रुपये में फर्जी मार्कशीट बना रहा था। पुलिस ने आरोपियों के पास से यूपी बोर्ड, हरियाणा बोर्ड, उत्तराखंड बोर्ड, देहरादून और गुवाहाटी के शिक्षण संस्थानों की भी मार्कशीट बरामद की है।
एसएसपी अजय साहनी व एसपी सिटी डॉ. अखिलेश नारायण सिंह ने शनिवार को प्रेस वार्ता में बताया कि दो युवक काफी समय से फर्जी मार्कशीट बनाने का काम कर रहे थे। शुक्रवार को दोनों युवक मवाना रोड स्थित एक स्कूल के सामने एक युवक को मार्कशीट देने आए थे।
जहां एसओ गंगानगर रवि चंद्रवाल ने दीपक शर्मा पुत्र राजकुमार शर्मा निवासी ग्राम रोरी थाना मोदीनगर व मनीष पुत्र प्रमोद कुमार निवासी डबल स्टोरी गोविंदपुरी थाना मोदीनगर को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में बताया कि पिछले छह माह से दसवीं व बारहवीं की फर्जी मार्कशीट बना रहे थे।
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एसएसपी अजय साहनी व एसपी सिटी डॉ. अखिलेश नारायण सिंह ने शनिवार को प्रेस वार्ता में बताया कि दो युवक काफी समय से फर्जी मार्कशीट बनाने का काम कर रहे थे। शुक्रवार को दोनों युवक मवाना रोड स्थित एक स्कूल के सामने एक युवक को मार्कशीट देने आए थे।
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जहां एसओ गंगानगर रवि चंद्रवाल ने दीपक शर्मा पुत्र राजकुमार शर्मा निवासी ग्राम रोरी थाना मोदीनगर व मनीष पुत्र प्रमोद कुमार निवासी डबल स्टोरी गोविंदपुरी थाना मोदीनगर को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में बताया कि पिछले छह माह से दसवीं व बारहवीं की फर्जी मार्कशीट बना रहे थे।
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दसवीं की मार्कशीट की कीमत लगभग पंद्रह हजार व 12वीं की मार्कशीट के लिए बीस हजार रुपए लेते थे। मार्कशीट बनाने के लिए फोटोशॉप व प्रिंटर का उपयोग किया जाता था। मोदीपुरम स्थित एक साइबर कैफे से बनने के बाद मार्कशीट मेरठ के कई क्षेत्रों में सप्लाई की जाती थीं। बताया कि ज्यादातर मार्कशीट कुंवारे युवकों को सप्लाई की जाती थी ताकि इंटर पास सर्टिफिकेट होने पर शादी आसानी से हो जाए।
एसएसपी ने बताया कि गिरोह से जुड़े अन्य लोगों के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है। दोनों के पासे से 24 फर्जी दस्तावेजों की एक फाइल, एक मॉनिटर, सीपीयू, कीबोर्ड, माउस, एक कलर प्रिंटर, ब्लैक एंड व्हाइट प्रिंटर व मेमोरी कार्ड बरामद किया गया है। दोनों के आपराधिक रिकार्ड की जांच की जा रही है।
एसएसपी ने बताया कि पुलिस ने कई अन्य युवकों को भी ट्रेस किया है जिनकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस काम कर रही है। पता चला कि वेस्ट यूपी के अलावा अन्य राज्यों में भी इस गिरोह ने फर्जी मार्कशीट बनाकर युवकों को दी हैं।