UP: मेरठ में कारोबारी ने मांगी इच्छा मृत्यु, सीएम को लिखा पत्र, बैंक पर लगाए गंभीर आरोप
मेरठ के एक उद्यमी ने बैंक पर संपत्ति की नीलामी के दौरान बड़ा खेल करने के आरोप लगाए हैं। इससे आहत हुए उद्यमी ने मामले में सुनवाई न होने पर इच्छामृत्यु की मांग की है। कारोबारी ने सीएम के नाम पत्र लिखकर सांसद को सौंपा है।
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मेरठ में खाता एनपीए होने के बाद एक बैंक ने उद्यमी की संपत्ति को नीलाम कर दिया। दिल्ली रोड निवासी उद्यमी प्रवीन कुमार जैन का आरोप है कि बैंक ने नीलामी में खेल कर दिया। संपत्ति बेचकर जमा की गई राशि को लोन राशि में से न घटाकर ब्याज राशि में से घटाया।
वहीं, 15 करोड़ की फैक्टरी को महज 8.5 करोड़ रुपये में बेच दिया गया। उद्यमी ने सांसद राजेंद्र अग्रवाल को ज्ञापन दिया है। इसमें उन्होंने सुनवाई न होने पर परिवार सहित इच्छा मृत्यु दिलाने की मांग की है। सांसद ने सोमवार को बैंक अधिकारियों सहित वित्त मंत्री को उद्यमी की समस्या बताने का आश्वासन दिया है।
उद्यमी के अनुसार उनकी रुड़की स्थित भगवानपुर में 7,340 वर्गमीटर क्षेत्रफल में उनकी कूलर सहित अन्य इलेक्ट्राॅनिक्स उत्पादों की फैक्टरी थी। 30 सितंबर 2016 में उनके खाते एनपीए में चले गए।
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उन्होंने 2 जनवरी 2019 में एक राष्ट्रीयकृत बैंक को संपत्ति हैंडओवर कर दी। इस बीच बैंक ने परतापुर और अन्य जगह की चार करोड़ रुपये की संपत्ति को दो करोड़ रुपये में बेच दिया। यह संपत्ति बेचकर आई दो करोड़ रुपये की राशि को बैंक ने लोन के मूल से न घटाकर ब्याज में से घटाया। ऐसे में कर्ज के मूल में कोई परिवर्तन नहीं हुआ।
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उद्यमी का कहना है कि अब 26 अगस्त 2022 में रुड़की की फैक्टरी को भी 8.5 करोड़ रुपये में बेच दिया गया है, जबकि इस संपत्ति की कीमत 15 करोड़ रुपये से अधिक है। आठ सितंबर को संपत्ति का बैनामा, सेल लेटर और उस व्यक्ति को संपत्ति पर कब्जा भी दे दिया गया है।
प्रवीन कुमार जैन का कहना है कि बैंक की ओर से ओटीएस (एकमुश्त समाधान) का लाभ भी नहीं दिया गया है। उन पर अब भी 14 करोड़ के कर्ज का बोझ है। वहीं, फैक्टरी के 250 कर्मचारियों का रोजगार प्रभावित हुआ है। उद्यमी ने समस्या का समाधान न होने पर सांसद को प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा है।