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मेरठ में नौकरशाहों ने एक और अपराधी को दिया शस्त्र लाइसेंस, कार्रवाई के नाम पर अफसर खामोश

Thu, 03 Oct 2019 01:02 PM IST
Arun Sharma न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ Published by: Arun Sharma Updated Thu, 03 Oct 2019 01:02 PM IST
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Bureaucrats gave arms license to another criminal
पुलिस द्वारा पकड़े गए मोबाइल - फोटो : अमर उजाला

मेरठ में एक के बाद एक अपराधी को नौकरशाह शस्त्र लाइसेंस बांट रहे हैं। अब ताजा नाम अंतर्राष्ट्रीय बदमाश शरद गोस्वामी का है, जिसे दो लाइसेंसी शस्त्र मिले हैं।

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हिस्ट्रीशीटर शरद पर कई मुकदमे दर्ज होने और दिल्ली से भगोड़ा घोषित होने के बावजूद उसके लाइसेंस निरस्त नहीं हुए। पुलिस-प्रशासन के कारनामे उजागर हो रहे हैं और कार्रवाई के नाम पर सब खामोश हैं।
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माधवपुरम, ब्रह्मपुरी निवासी अंतर्राष्ट्रीय अपराधी शरद गोस्वामी ने जून-जुलाई 2009 में पिस्टल और 315 की राइफल का लाइसेंस बनवा लिया था। तभी से वह अपराध की वारदात को अंजाम दे रहा है। पुलिस रिकार्ड में साल 2014 से शरद का नाम दर्ज है।
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दिल्ली, नोएडा और मेरठ में उसके खिलाफ 11 मुकदमे दर्ज हैं। जनवरी 2019 से दिल्ली से भगोड़ा घोषित हुआ। लेकिन ब्रह्मपुरी थाना पुलिस ने इसकी रिपोर्ट प्रशासन को नहीं भेजी। दोनों शस्त्र लाइसेंस के नवीनीकरण भी शरद पुलिस प्रशासन से कराता रहा। लग्जरी गाड़ी में दोनों शस्त्र लेकर चलता था।

पुलिस वाले करते थे सेल्यूट

शरद की पुलिस महकमे में गहरी घुसपैठ थी। पुलिस वाले उसे सेल्यूट करते थे। लूट व चोरी करने वाले बदमाश पकड़े जाने के बाद शरद का नाम बताते थे। लेकिन शरद सेटिंग कर मुकदमे से अपना नाम हटवा लेता था और इसकी जानकारी अधिकारियों तक नहीं जाती थी। पुलिसकर्मियों को रिश्वत के नाम पर शरद मोटा पैसा देने के साथ शॉपिंग और विदेश यात्राएं तक कराता था।

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पोल खुली, कार्रवाई शून्य

कुख्यात भूपेंद्र बाफर के पास दो गनर, तेल कारोबारी धनेंद्र जैन के पास तीन गनर, हिस्ट्रीशीटर पूर्व सांसद शाहिद अखलाक को शस्त्र लाइसेंस और अब शरद गोस्वामी सामने आया है। हर बार पोल खुलने पर शोर मचता है। लेकिन जिम्मेदारों पर कार्रवाई नहीं होती। यही नहीं शाहिद अखलाक का शस्त्र लाइसेंस निलंबित कर दिया गया। लेकिन शस्त्र थाने में अभी तक जमा नहीं हुआ और पुलिस पर कार्रवाई भी नहीं हुई।

बसपा नेता बताया गया अमरीश गिरि

पुलिस के अनुसार शरद के साथ पकड़ा गया अमरीश बसपा नेता है। वह माधवपुरम से पार्षद का चुनाव लड़ चुका है। दिल्ली में भी उसका एक साथी बैठा है। पुलिस शरद के चार साथियों अनीस, इरफान, सरताज और इनाम को जेल भेज चुकी है। 

डीएम को भेजी रिपोर्ट

शरद के दोनों शस्त्र लाइसेंसों के निरस्तीकरण की रिपोर्ट डीएम को भेजी है। पहले से दो असलहे कैसे उसके पास थे, इसकी जांच हो रही है। इस मामले में जो भी शामिल हैं, वे जेल जाएंगे। -अजय साहनी, एसएसपी

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