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काली कमाई बैंक में समाई, पंद्रह महीने में शरद के खाते से हुआ चार करोड़ का आदान-प्रदान

Thu, 03 Oct 2019 01:03 PM IST
Arun Sharma न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ Published by: Arun Sharma Updated Thu, 03 Oct 2019 01:03 PM IST
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New trend of garayam .. loot of crores ... and goods in bank
पकड़े गए आरोपी - फोटो : अमर उजाला

अंतर्राष्ट्रीय लुटेरा गैंग का खुलासा होने पर जरायम का नया ट्रेंड सामने आया है। करोड़ों का काला धंधा करने वाले लूट का माल बैंक में जमा कर रहे थे। सरगना शरद गोस्वामी और उसकी मां और पत्नी के विदेशों में बैंक खाते हैं। जिनके जरिये 15 महीने में चार करोड़ से ज्यादा का लेनदेन भारत के बैंक खातों में होता रहा।

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लेकिन बड़ा सवाल है कि क्या लूट या चोरी के मोबाइलों से करोड़ों की ट्रांजेक्शन हो सकती है या मामला देश के लिए इससे भी ज्यादा खतरनाक है। शरद की फर्जी कंपनी कहां रजिस्टर्ड है। पैन नंबर और सीजीएसटी नंबर हैं या नहीं, इन बिंदुओं पर तो प्रेस वार्ता में खुलासा हुआ ही नहीं। वहीं, लंबे समय से ये अपराधी केंद्रीय वित्तीय एजेंसियाें के रडार पर नहीं आए।
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हिस्ट्रीशीटर शरद दसवीं पास और पेशे के नाम पर गोलमाल। उसके विदेशी बैंकों में खाते पुलिस ने होना बताया। भारत के केनरा बैंक के चार खातों में विदेशों के इन बैंकों से हर महीने 25 लाख से ज्यादा का लेनदेन होता रहा। शरद के अलावा उसकी माता सुमन और पत्नी प्रियंका के भी भारत में केनरा बैंक में खाते होना बताया गया।

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इनमें शरद की मां के खाते में 15 माह में 86.62 लाख, शरद की पत्नी के खाते में 15 माह में 1.84 करोड़, शरद के एक खाते में 12 माह में 62.46 लाख तो दूसरे खाते में 15 माह में 1.43 लाख का लेनदेन हुआ। पुलिस के अनुसार इन चारों खातों में 15 माह में 3.34 करोड़ से ज्यादा का लेनदेन सामने आ चुका है।

पुलिस के अनुसार यह गैंग पूरे देश से चोरी और लूट के मोबाइल एक जगह इकट्ठा करता था। उसके बाद 100-100 मोबाइल फोन का कंसाइजमेंट दूसरे राज्यों और विदेशों में भेजा जाता था। इनमें दुबई, चीन, बैंकाक और नेपाल सहित दूसरे देशों में शरद के एजेंट बैठे हैं। जो इन मोबाइल फोन का पैसा शरद के बैंक खातों में ट्रांसफर कर देते थे। बड़ा सवाल ये है कि क्या ये कंसाइजमेंट रोजाना भेजा जाता था या सप्ताह में एक बार।

या फिर इन मोबाइल फोन के कंसाइजमेंट की आड़ में इससे भी बड़ा कोई काला धंधा किया जा रहा था। ये भी सामने आया है कि शरद ने काफी बड़ी मात्रा में सोना जमा कर रखा था। वह शेयर बाजार का भी बड़ा खिलाड़ी बताया गया।

उसके पास लाइसेंसी हथियार भी हैं। यही नहीं शरद जरायम से कमाए करोड़ों रुपयों से मेरठ में 2500 गज में थ्री स्टार होटल भी बनवा रहा है। पुलिस अधिकारियों का यही कहना है कि इस संबंध में अभी जांच कर विस्तृत जानकारी प्राप्त की जा रही है।

सीए के जरिये फैलाया नेटवर्क  
पुलिस के मुताबिक शरद ने पूछताछ में बताया कि एक सीए के जरिये उसका नेटवर्क फैला है। बैंक खाते खुलवाने और लेनदेन की जिम्मेदारी सीए को सौंपी गई थी। विदेशों में चोरी और लूट के मोबाइल बेचकर पैसा अपने खातों में आता था।

बैंकों को क्या बताना है और आयकर विभाग से कैसे बचा जा सकता है, इसकी जिम्मेदारी सीए की थी। लेकिन शरद ने सीए का नाम नहीं बताया। जीएसटी, इनकम टैक्स समेत कई विभागों को इसकी जानकारी दी गई है।
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