जेब पर असर: महंगाई से मेरठ पर हर दिन बढ़ा 3.5 करोड़ का बोझ, प्याज के दाम पहुंचे 60 रुपये किलो
पेट्रोल-डीजल और रसोई गैस के बाद अब सीएनजी के रेट बढ़ने से आम आदमी की जेब पर असर पड़ रहा है। सितंबर 2020 से 11 अक्तूबर 2021 के बीच रसोई गैस सिलिंडर पर 304 रुपये बढ़े हैं। पेट्रोल, डीजल और सिलिंडर के दाम बढ़ने के कारण नाश्ते से डिनर तक महंगा हो गया है।
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त्योहारों के सीजन में पेट्रोल-डीजल और रसोई गैस के बाद अब सीएनजी के रेट बढ़ने के बाद बुधवार से मेरठियों की जेब पर हर दिन 3.57 करोड़ रुपये का अतिरिक्त बोझ पड़ना शुरू हो गया है। रसोई गैस सिलिंडर पर पर ही सितंबर के मुकाबले अब हर दिन लोगों को 3 करोड़ 37 लाख रुपये ज्यादा खर्च करने पड़ रहे हैं।
दवा कंपनी में स्टेट हेड राहुल सेठी कहते हैं कि वह पहले वह हर महीने चार हजार रुपये का पेट्रोल खर्च करते थे, जो अब 10 हजार तक पहुंच गया है। कॉरपोरेट में जॉब कर रहे देवेंद्र कुमार कहते हैं कि पेट्रोल के दाम बढ़ने पर सीएनजी लगवाई थी पर अब इसके भी रेट बढ़ रहे हैं। राहुल और देवेंद्र जैसे लाखों मध्यवर्गीय परिवारों को भी अब घर की रसोई से सफर तक के बजट में कटौती करनी पड़ रही है।
उत्पाद: प्रतिदिन खपत सितंबर में रेट 13 अक्तूबर के रेट बढ़े
पेट्रोल: 276666ली. 98.47 101.20 2.73
डीजल: 320000 ली. 90.02 93.34 3.32
रसोई गैस: 450000 सिलिंडर 822.50 897.50 75
सीएनजी: 80000 किलो. 59.00 61.00 2.00
पीएनजी: 21000 घरों में सप्लाई, 34.75 38.00 3.25
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घाटा झेला, फिर भी कम बढ़ाए दाम
सरकार की तरफ से मिलने वाली सीएनजी-पीएनजी के रेट में एक अक्तूबर से 70 प्रतिशत की वृद्धि हुई थी। कंपनी ने नुकसान झेला और अब भी मामूली बढ़ोतरी की है। - शिल्पी टंडन, सीनियर मैनेजर कारपोरेट कम्यूनिकेशन गेल गैस लिमिटेड
रसोई गैस की डिलीवरी घटी
गैस के रेट लगातार बढ़ रहे हैं। उज्ज्वला में जो फ्री गैस कनेक्शन बांटे थे, उनमें से अधिकांश सिलिंडर नहीं ले रहे। इससे उठान पर फर्क पड़ा है। - अजीत टंडन, उपाध्यक्ष- ऑल इंडिया एलपीजी डिस्टीब्यूटर फेडरेशन
हर चीज पर असर
पेट्रोल-डीजल के रेट अंतरराष्ट्रीय बाजार पर निर्भर करते हैं। डीजल- पेट्रोल पर महंगाई का असर अन्य वस्तुओं पर भी पड़ता है। - राकेश जैन, अध्यक्ष- पेट्रोल पंप एसोसिएशन
क्यों नहीं बोल रहे वीआईपी
सांसदों, विधायकों और मंत्रियों को कोई फर्क नहीं पड़ता। आम आदमी कैसे घर चला रहा है, इन्हें कोई मतलब नहीं। केंद्र में कांग्रेस की सरकार थी तो पेट्रोल के रेट में 30 पैसे प्रति लीटर वृद्धि होने पर अटल विहारी वाजपेयी बुग्गी में बैठकर संसद गए थे। अब इतनी महंगाई होने पर भी कोई बोल नहीं रहा है। - नवीन गुप्ता, अध्यक्ष- संयुक्त व्यापार संघ।
नवरात्र में कम खपत के बावजूद प्याज के दाम पहुंचे 60 रुपये किलो
नवरात्र में खपत कम होने के बावजूद प्याज के दाम फुटकर में 60 रुपये किलो तक पहुंच गए हैं। सात दिन में ही प्रति किलो पांच रुपये बढ़े हैं। एक सप्ताह में ही मंडी में प्याज की आवक 1500 से घटकर 600 क्विंटल प्रतिदिन रह गई है।
थोक में प्याज 35 रुपये किलो तक बिक रही है जबकि शहर की कॉलोनियों में जनता को फुटकर में 50 से 60 रुपये प्रति किलो तक मिल रही है। प्याज व्यापारी साहिल बताते हैं कि एक सप्ताह में ही 5 रुपये किलो दाम बढ़े हैं। हालांकि दिवाली तक आवक बढ़ने और दाम कम होने की उम्मीद है।
प्याज श्रेणी 7 दिन पूर्व भाव 13 अक्तूबर
निम्न 10-12 14-17
मध्यम 20-24 23-28
प्रथम 25-30 30-35
नोट: भाव प्रति किलो में हैं।