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कुत्तों का शेल्टर हाउस बनाना नगर निगम के सामने चुनौती
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आवारा कुत्तों की खबर के साथ लगा लें...
- निगम के बजट में सिर्फ दो करोड़... गल्ली-मोहल्लों में कुत्तों का अंबार
माई सिटी रिपोर्टर
मेरठ। कुत्तों का शेल्टर हाउस बनाना नगर निगम के सामने बड़ी चुनौती है। निगम में कुत्तों की नसबंदी और रैबीज इंजेक्शन लगाने के लिए कुल दो करोड़ का बजट रखा हुआ है। महानगर के गल्ली-मोहल्लों में आवारा कुत्तों की भरमार है और रोजाना वह लोगों को घायल कर रहे हैं। नगर निगम पूरे साल कम बजट होने का रोना रोता रहता है। इसके चलते आवारा कुत्तों की धड़पकड़ निगम नहीं कर पाता।
नगर आयुक्त सौरभ गंगवार का कहना है कि कोर्ट का आदेश सर्वोपरि है। कुत्तों का शेल्टर हाउस बनाना मेरठ निगम के सामने चुनौती है। शासन द्वारा जो गाइडलाइन जारी होगी, उसी आधार पर निगम कार्रवाई शुरू करेगा। शहर में आवारा कुत्तों की भरमार है इससे इन्कार नहीं किया जा सकता। रोजाना 20-25 कुत्तों को रैबीज इंजेक्शन और उनकी नसबंदी कराने का काम नगर निगम द्वारा कराया जाता है। जहां से शिकायत आती है, वहां पर तुरंत टीम भेजकर आवारा कुत्तों की धड़पकड़ कराने का काम निगम कराता है। शेल्टर हाउस बनाने के लिए निगम अधिकारी भी आपस में जल्द मंथन करेंगे।
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- निगम के बजट में सिर्फ दो करोड़... गल्ली-मोहल्लों में कुत्तों का अंबार
माई सिटी रिपोर्टर
मेरठ। कुत्तों का शेल्टर हाउस बनाना नगर निगम के सामने बड़ी चुनौती है। निगम में कुत्तों की नसबंदी और रैबीज इंजेक्शन लगाने के लिए कुल दो करोड़ का बजट रखा हुआ है। महानगर के गल्ली-मोहल्लों में आवारा कुत्तों की भरमार है और रोजाना वह लोगों को घायल कर रहे हैं। नगर निगम पूरे साल कम बजट होने का रोना रोता रहता है। इसके चलते आवारा कुत्तों की धड़पकड़ निगम नहीं कर पाता।
नगर आयुक्त सौरभ गंगवार का कहना है कि कोर्ट का आदेश सर्वोपरि है। कुत्तों का शेल्टर हाउस बनाना मेरठ निगम के सामने चुनौती है। शासन द्वारा जो गाइडलाइन जारी होगी, उसी आधार पर निगम कार्रवाई शुरू करेगा। शहर में आवारा कुत्तों की भरमार है इससे इन्कार नहीं किया जा सकता। रोजाना 20-25 कुत्तों को रैबीज इंजेक्शन और उनकी नसबंदी कराने का काम नगर निगम द्वारा कराया जाता है। जहां से शिकायत आती है, वहां पर तुरंत टीम भेजकर आवारा कुत्तों की धड़पकड़ कराने का काम निगम कराता है। शेल्टर हाउस बनाने के लिए निगम अधिकारी भी आपस में जल्द मंथन करेंगे।
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