{"_id":"5e3586b38ebc3e4b41027702","slug":"budget-2020-there-is-no-announcement-for-the-establishment-of-the-museum-in-sinauli-of-baghpat","type":"story","status":"publish","title_hn":"बजट 2020: फिर खाली हाथ रहा बागपत, सिनौली में संग्रहालय की स्थापना के लिए नहीं हुई घोषणा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बजट 2020: फिर खाली हाथ रहा बागपत, सिनौली में संग्रहालय की स्थापना के लिए नहीं हुई घोषणा
Sun, 02 Feb 2020 12:51 AM IST
कपिल kapil
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बागपत
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बागपत
Published by: कपिल kapil
Updated Sun, 02 Feb 2020 12:51 AM IST
विज्ञापन
सिनौली उत्खनन
- फोटो : अमर उजाला
आम बजट में मेरठ क्षेत्र के हस्तिनापुर में संग्रहालय की स्थापना को 500 करोड़ की मंजूरी दिया जाना पश्चिम उत्तर प्रदेश के लिए खुशी की बात है। मगर, जनपद बागपत के सिनौली में संग्रहालय की स्थापना के लिए फिर से निराशा हाथ लगी है।
विज्ञापन
शहजाद राय शोध संस्थान के निदेशक डॉ. अमित राय जैन ने बताया कि 2005, 2018 और 2019 में सिनौली में कराए गए उत्खनन में तलवार, रथ और ताबूत आदि पुरावशेष मिल चुके हैं। भारतीय पुरातत्व विभाग इन पुरावशेषों के 3800 साल पुराने होने की पुष्टि कर चुका है। उन्होंने केंद्र सरकार को 2018 एवं 2019 में द्वितीय एवं तृतीय चरण के बाद यहां से मिले पुरातात्विक संपदा को संग्रहित करने के लिए एक साइट म्यूजियम की मांग की थी। पूर्व में उनकी मांग के समर्थन में तत्कालीन जिला अधिकारी बागपत जीडी त्रिपाठी ने भी केंद्र सरकार को लिखा था। परंतु हर बार जनपद बागपत के हिस्से में मायूसी ही हाथ लगती है। इस बार भी बजट में निराशा ही हाथ लगी है।
विज्ञापन
यह भी पढ़ें: Budget 2020 की बड़ी घोषणा: हस्तिनापुर का होगा पुरातात्विक विकास, बनेगा राष्ट्रीय संग्रहालय
विज्ञापन
डॉ. जैन कहना है कि सिनौली या बागपत के किसी भी प्रमुख स्थान पर संग्रहालय की स्थापना के बाद इस पूरे क्षेत्र में मिल रहे पुरातात्विक प्रमाणों को संग्रहित किया जा सकता है। विश्वभर के शोधार्थियों को संग्रहालय का लाभ मिलेगा।
वरिष्ठ इतिहासकार डॉ. कृष्ण कांत शर्मा का कहना है की हस्तिनापुर में 500 करोड़ का बजट साइट म्यूजियम के लिए दिया जाना वाकई पश्चिम उत्तर प्रदेश के इतिहास प्रेमियों के लिए एक खुशी की बात है। यदि शहजाद राय शोध संस्थान के प्रस्ताव को माना जाता तो भारत की प्राचीन सभ्यता व संस्कृति को सिनौली के संग्रहालय के माध्यम से वैश्विक स्तर पर मान्यता प्राप्त हो जाएगी।
नोट- इन खबरों के बारे आपकी क्या राय हैं। हमें फेसबुक पर कमेंट बॉक्स में लिखकर बताएं।
शहर से लेकर देश तक की ताजा खबरें व वीडियो देखने लिए हमारे इस फेसबुक पेज को लाइक करें
https://www.facebook.com/AuNewsMeerut/