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अंतिम बजट से उम्मीदें बहुत..., स्पोर्ट्स कारोबार को टैक्स में छूट की दरकार

Thu, 31 Jan 2019 09:01 PM IST
कपिल kapil न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ Published by: कपिल kapil Updated Thu, 31 Jan 2019 09:01 PM IST
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Budget 2019: Sports business expects tax exemption from central government
बजट 2019

मेरठ जिले में बढ़ते स्पोर्ट्स कारोबार को संजीवनी की दरकार है। इसलिए केंद्र सरकार के आम बजट से स्पोर्ट्स इंडस्ट्रीज को बहुत उम्मीदें हैं। वहीं प्रदेश सरकार ने अलग स्पोर्ट्स हब बनाने की बात कही थी, लेकिन आज तक इंडस्ट्रीज के लिए सालों से जगह मुहैय्या नहीं कराई गई।

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पिछले बजट में सरकार ने खेलों के सामान को जीएसटी के दायरे में ले लिया। ऐसे में जिले के बड़े स्पोर्ट्स कारोबारी और मध्यम कारोबारियों ने बजट में यूथ को ध्यान में रखते हुए टैक्स में छूट की मांग की है। कारोबारियों को सरकार से सुविधाओं के साथ जीएसटी में छूट चाहिए। उनका कहना है कि खेलों के सामान पहले टैक्स फ्री था, लेकिन अब खेल सामान पर 12, 18, 28 प्रतिशत जीएसटी है। विरोध करने पर सरकार ने 28 प्रतिशत टैक्स समाप्त कर अलग-अलग सामानों पर 12 और 18 प्रतिशत जीएसटी लगा दी। सूरजकुंड स्पोर्ट्स व्यापारियों के अनुसार खेल सामान को जीएसटी दायरे में लेने के बाद बिक्री में गिरावट आई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने यूथ के लिए ‘खेलो इंडिया खेलो’ जैसी योजनाएं चालू की हैं। इसमें सरकार खिलाड़ियों को 5 लाख रुपये स्कालरशिप के रूप में दे रही है। व्यापारियों को उम्मीद है कि सरकार स्पोर्ट्स इंडस्ट्री को राहत देगी।

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युवाओं का रखें ख्याल
सरकार को आम बजट में खिलाड़ियों को टैक्स में छूट देनी चाहिये, मेरठ स्पोर्ट्स इंडस्ट्री देश और विदेशों में अपनी पहचान बना चुकी है। लेकिन हमारे देश के खिलाड़ियों को संसाधनों की अधिक जरूरत है। इसके लिए सरकार को बजट में युवाओं का ख्याल रखना चाहिए। टैक्स समाप्त नहीं करें, लेकिन छूट जरूर हो। - विवेक कोहली, निदेशक स्टेग इंटरनेशनल

टैक्स खत्म होना चाहिए
सरकार युवाओं को खेलो इंडिया खेलो जैसी बड़ी योजनाओं से खेलों के लिए प्रेरित कर रही है। ऐसे में खेल सामान पर लगाया गया टैक्स सरकार की नियत पर सवाल उठा रहा है। खेलों को बढ़ावा देने को छोटे बच्चे और युवा ही आगे आते हैं, ऐसे में खेल सामान पर टैक्स पूरी तरह खत्म हो। - वरुण मक्कड़, निदेशक एचआरएस स्पोर्ट्स 

बजट में हो बढ़ोतरी
आम बजट में सरकार को खेलों को बढ़ावा देने के लिए बजट में बढ़ोत्तरी करनी चाहिए। खेल विभाग द्वारा संचालित स्पोर्ट्स स्टेडियम में खेलों के सुधार पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है। स्पोर्ट्स इंडस्ट्रीज को बढ़ावा देने के लिए सरकार को युवाओं को ध्यान में रखते हुए बजट लाना चाहिए। - राजाराम अत्री, निदेशक रेसिक्स स्पोर्ट्स

जीएसटी में मिले छूट
सरकार को आम बजट में जीएसटी में छूट देने की जरूरत है। खेल सामान पर कोई टैक्स नहीं था, सीधे सरकार ने 12 व 18 प्रतिशत जीएसटी लागू कर दिया। सरकार को टैक्स लगाना ही था, तो 5 प्रतिशत से शुरूआत होती, बजट में सरकार को खेल सामान पर छूट देनी चाहिए। - अनुज सिंघल, अध्यक्ष सूरजकुंड स्पोर्ट्स व्यापार संघ 

विशेष बजट की जरूरत
युवाओं को बढ़ावा देने के लिए सरकार को इंडस्ट्रीज के लिए विशेष बजट की जरूरत है। मेरठ जिले का नाम स्पोर्ट्स इंडस्ट्रीज में आज विदेशों में डंका बजा रहा है। इसके लिए सरकार को बजट में टैक्स पर छूट देने की आवश्यकता है। - सरदार इकबाल सिंह, सूरजकुंड स्थित नारंग स्पोर्ट्स

टैक्स से बिक्री में आई कमी
एक साल में खेल सामान पर लगाए गए जीएसटी से खेल सामान की बिक्री में कमी आई है। खेल सामान पर टैक्स में छूट मिले तो स्पोर्ट्स मार्केट में फिर से बहार आए। सरकार को बजट में टैक्स में छूट जरूर देनी चाहिए। - जितेंद्र कुमार, सूरजकुंड स्थित जेके स्पोर्ट्स

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