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खंडहर हुई अंग्रेजों की शान, 200 साल पुरानी इस इमारत में लगती थी अदालत

Mon, 07 May 2018 04:55 PM IST
यूपी डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
यूपी डेस्क, अमर उजाला, मेरठ Updated Mon, 07 May 2018 04:55 PM IST
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British Kothi ruins at meerut, This building seemed court
खंडहर हुई सिंचाई विभाग की कोठी - फोटो : अमर उजाला

मेरठ के फलावदा में ग्राम मंदवाड़ी मार्ग पर रजवाहे के समीप सिंचाई विभाग की ब्रिटिश कालीन कोठी रखरखाव के अभाव में खंडहर हो चुकी है। इसमें करीब 30 बीघा भूमि पर झाड़ियां खड़ी हैं। इसके रखरखाव के लिए कोई कर्मचारी तैनात नहीं है। जिसके चलते लोग कोठी के दरवाजे एवं खिड़की आदि उखाड़ कर ले गए हैं। कोठी के निकट खाली पड़े मैदान में प्ले ग्राउंड अथवा पिकनिक स्पॉट बनाया जा सकता है। विभागीय अफसरों की उदासीनता के चलते कोठी वीरान हो चुकी है।

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कस्बे के बुजुर्गों की माने तो ये कोठी करीब 200 वर्ष से अधिक पुरानी है। यह इमारत करीब 1808 में लाखों रुपए खर्च करके अंग्रेजों द्वारा बनवाई गई थी। बताते हैं कि उस जमाने में अफसर यहां अदालत लगाते थे। जिसमें सिंचाई विभाग से संबंधित मामलों की सुनवाई होती थी। अंग्रेजी शासनकाल का सूर्य अस्त होते ही यह कोठी लावारिस हो गई तथा देखभाल नहीं होने के कारण खंडहर में तब्दील होती चली गई। समय बीतने के साथ हालात बद से बदतर होते गए। सिंचाई विभाग ने भी इसकी सुध नहीं ली। 
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जिसके चलते अंग्रेजी जमाने की कोठी खंडहर में तब्दील हो गई। अब इसमें जंगली जानवरों समेत रात में आवारा लोगों का जमावड़ा रहता है। वीरान हो चुकी ब्रिटिश कालीन इस कोठी को विभाग ने भी लावारिस छोड़ दिया है। इसका अंदाजा वीरान पड़ी कोठी में खड़ी झाड़ियों से लगाया जा सकता है। इस इमारत को विभाग ने सुरक्षित रखने की दिशा में कोई कवायद नहीं की। लोग इसके दरवाजे, खिड़कियां आदि उखाड़कर ले गए हैं।

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आखिर करोड़ों रुपये की जमीन की विभाग को कोई चिंता नहीं है। हालांकि युवाओं के लिए क्षेत्र में कोई प्ले ग्राउंड नहीं होने से दिन में कोठी परिसर में उन्हें क्रिकेट खेलते देखा जा सकता है। उनका कहना है यदि सिंचाई विभाग चाहे तो इसमें युवाओं के लिए प्ले ग्राउंड बनाया जा सकता है। इसके अतिरिक्त यहां पिकनिक स्थल भी विकसित जा सकता है। खेल का मैदान बनने से युवाओं को आगे बढ़ने का मौका मिलेगा। हालांकि उनकी सुनने वाला कोई नहीं है।

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