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रिश्वत लेने का मामला: धर्मेंद्र को मिलता रहा थानों का चार्ज, अब खंगाल रहे रिकाॅर्ड

Thu, 29 Oct 2020 11:41 PM IST
Dimple Sirohi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ Published by: Dimple Sirohi Updated Thu, 29 Oct 2020 11:41 PM IST
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Bribery case: Dharmendra continues to get charge of police stations, records now being searched
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Demo pic
मेरठ निलंबित एसओ धर्मेंद्र सिंह को सपा-बसपा व अब भाजपा सरकार में विधायकों का संरक्षण मिला है। दागी होने के बावजूद भी पुलिस अधिकारी उसको लगातार थाने का चार्ज देते रहे। मेरठ व अलीगढ़ में मुकदमा दर्ज होने के बाद पुलिस अधिकारी धर्मेंद्र का छह साल का रिकॉर्ड खंगाल रहे हैं। 
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हस्तिनापुर में थानाध्यक्ष रहे धर्मेंद्र पर एक के बाद एक जांच बैठ रही हैं। विभाग उसके खिलाफ बड़ी कार्रवाई की तैयारी में है। मेरठ में बिजली चोरी के मुकदमे के बाद अलीगढ़ में भ्रष्टाचार का मुकदमा धर्मेंद्र के खिलाफ लिखा गया था। थानाध्यक्ष रहते हस्तिनापुर में वन्य क्षेत्र में आलीशान फार्म हाउस के मामले की जांच भी एसपी हापुड़ द्वारा की जा रही है।
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धर्मेंद्र सिंह के खिलाफ एंटी करप्शन ने जांच शुरू कर दी है। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार 2015 में धर्मेंद्र अलीगढ़ में थाना अध्यक्ष था। उस दौरान भी वह रिश्वत लेता था, जिसका मुकदमा 5 साल बाद अलीगढ़ में लिखा गया। यह जानकारी पुलिस के आला अधिकारियों को थी। धर्मेंद्र के रिकॉर्ड में भी उसके कारनामों का लेखा-जोखा है। सवाल है कि इतना सब कुछ होने के बाद भी उसे थानों का चार्ज कैसे मिलता रहा।

2016 में मेरठ में आया था धर्मेंद्र
अलीगढ़ में रिश्वत लेने के मामले में धर्मेंद्र सुर्खियों में था। 2016 में अलीगढ़ से मेरठ ट्रांसफर कराकर मेरठ आ गया। यहां आते ही उसे मेडिकल थाने का चार्ज मिल गया। भाजपा के विधायक का हाथ उसके सिर पर था। विधायक ने धर्मेंद्र की थानेदारी की कुर्सी मानो सुरक्षित कर ली थी।

धर्मेंद्र के खिलाफ मेरठ में दर्जनों शिकायतें अधिकारियों के पास पहुंचीं। इसके बावजूद उसे नहीं हटाया गया। एडीजी मेरठ जोन राजीव सभरवाल का कहना है कि धर्मेंद्र के खिलाफ अलग-अलग जांच चल रही है। मेरठ के बाद अलीगढ़ में धर्मेंद्र सिंह के खिलाफ मुकदमा भ्रष्टाचार का दर्ज हुआ। अलीगढ़ और मेरठ में पोस्टिंग रही है। अब दोनों जनपदों से उसकी जांच कराई जा रही है।

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