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ब्रांडेड कंपनी का नाम, मिला नकली सामान
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मेरठ। ब्रांड प्रोटेक्टर्स इंडिया प्राइवेट लिमिटेड (गुरुग्राम) ने टीपीनगर क्षेत्र में छापा मारकर ब्रांडेड कंपनी की नकली खेल सामग्री के साथ एक शख्स को गिरफ्तार किया। यह खेल सामग्री कई राज्यों में भेजी जा रही थी। टीपीनगर थाने में फैक्टरी संचालक सहित दो के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई है।
ब्रांड प्रोटेक्टर्स के निदेशक धीरेंद्र सिंह के नेतृत्व में टीम रविवार सुबह टीपीनगर थाने पहुंची। पुलिस को बताया कि क्षेत्र में बड़े स्तर पर निविया कंपनी की नकली फुटबॉल और वालीबॉल बनाकर सप्लाई की जा रही है। टीम ने पुलिस के साथ घेराबंदी कर नकली सामान पकड़ लिया। मौके से गोपाल नाम के युवक को हिरासत में लिया। गोपाल ने खुलासा किया कि वह कंकरखेड़ा सिल्वर सिटी निवासी विनय प्रताप की फर्म अराध्या स्पोर्ट्स के लिए काम करता है। मौके से पुलिस को 150 से ज्यादा निविया कंपनी के नाम से तैयार फुटबॉल व वालीबॉल मिलीं। फर्म संचालक की गिरफ्तारी के प्रयास किए गए, लेकिन वह फरार हो गया। देर शाम टीम ने फर्म संचालक विनय प्रताप व गोपाल को नामजद कर रिपोर्ट दर्ज कराई। बरामद बॉल की कीमत 1.5 से 2 लाख रुपये बताई गई।
वेस्ट बंगाल तक फैला जाल
कंपनी निदेशक धीरेंद्र सिंह ने बताया कि फर्म का जाल वेस्ट बंगाल तक फैला है। इसके अलावा राजस्थान, झारखंड और बिहार में भी माल सप्लाई हो रहा था। प्रदेश में सामान सप्लाई न करने की प्रमुख वजह नकली प्रोडक्ट का आसानी से पकड़ा जाना सामने आया है। नीविया ब्रांड की बॉल की वास्तविक कीमत 750 से तीन हजार रुपये प्रति बॉल है। फर्म से कुछ बिल बुक मिली हैं। किन-किन लोगों को माल बेचा गया है, उनकी लिस्ट तैयार कराई जा रही है।
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ब्रांड प्रोटेक्टर्स के निदेशक धीरेंद्र सिंह के नेतृत्व में टीम रविवार सुबह टीपीनगर थाने पहुंची। पुलिस को बताया कि क्षेत्र में बड़े स्तर पर निविया कंपनी की नकली फुटबॉल और वालीबॉल बनाकर सप्लाई की जा रही है। टीम ने पुलिस के साथ घेराबंदी कर नकली सामान पकड़ लिया। मौके से गोपाल नाम के युवक को हिरासत में लिया। गोपाल ने खुलासा किया कि वह कंकरखेड़ा सिल्वर सिटी निवासी विनय प्रताप की फर्म अराध्या स्पोर्ट्स के लिए काम करता है। मौके से पुलिस को 150 से ज्यादा निविया कंपनी के नाम से तैयार फुटबॉल व वालीबॉल मिलीं। फर्म संचालक की गिरफ्तारी के प्रयास किए गए, लेकिन वह फरार हो गया। देर शाम टीम ने फर्म संचालक विनय प्रताप व गोपाल को नामजद कर रिपोर्ट दर्ज कराई। बरामद बॉल की कीमत 1.5 से 2 लाख रुपये बताई गई।
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वेस्ट बंगाल तक फैला जाल
कंपनी निदेशक धीरेंद्र सिंह ने बताया कि फर्म का जाल वेस्ट बंगाल तक फैला है। इसके अलावा राजस्थान, झारखंड और बिहार में भी माल सप्लाई हो रहा था। प्रदेश में सामान सप्लाई न करने की प्रमुख वजह नकली प्रोडक्ट का आसानी से पकड़ा जाना सामने आया है। नीविया ब्रांड की बॉल की वास्तविक कीमत 750 से तीन हजार रुपये प्रति बॉल है। फर्म से कुछ बिल बुक मिली हैं। किन-किन लोगों को माल बेचा गया है, उनकी लिस्ट तैयार कराई जा रही है।
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