{"_id":"594972dd4f1c1b796c8b46af","slug":"boy-dead-in-accident-mother-also-died","type":"story","status":"publish","title_hn":"#एक्सीडेंट : हादसे में छात्र की मौत, मां सदमे में चल बसी ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
#एक्सीडेंट : हादसे में छात्र की मौत, मां सदमे में चल बसी
अमर उजाला ब्यूरो/ मेरठ
Updated Wed, 21 Jun 2017 02:16 AM IST
विज्ञापन
फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सड़क हादसे में बेटे के मरने की खबर सुनते ही मां को हार्टअटैक आ गया। परिवार के लोग कुछ समझ पाते कि महिला ने दम तोड़ दिया। एक चौखट से मां-बेटे की एक साथ अर्थी उठी तो परिजनों में कोहराम मच गया। गांव में भी मातम छा गया। शोक में पड़ोसियों के घर चूल्हे भी नहीं जले।
विज्ञापन
कंकरखेड़ा थानाक्षेत्र अंतर्गत खड़ौली गांव निवासी उज्ज्वल (18) पुत्र चेतराम (राजमिस्त्री) हाईस्कूल का छात्र था। जो गांव के ही एक युवक की बारात में सोमवार रात अपने दोस्त रोहित व टीटू के साथ संग जानी के पेपला गांव में गया था। रात करीब 11 बजे तीनों दोस्त एक ही बाइक से वापस लौट रहे थे। पेपला गांव के जंगल में दूल्हे की घोड़ा बग्घी से उनकी बाइक टकरा गई। जिसमें तीनों दोस्त गंभीर रूप से घायल हो गए। जिन्हें बागपत रोड स्थित सिरोही नर्सिंग होम में भर्ती कराया गया। बारात से लौटे गांव के लोग भी अस्पताल पहुंच गए। देर रात हालत गंभीर होने पर उज्ज्वल को लोकप्रिय हॉस्पिटल ले जाया गया, जहां उसकी मौत हो गई।
विज्ञापन
मां नहीं सह सकी सदमा
बेटे की मौत का पता लगते ही उज्ज्वल की मां रत्नो (42) की हालत खराब हो गई। दिल का दौरा पड़ते ही रत्नो की भी मौत हो गई। उधर, उज्ज्वल की मौत के बाद परिजनों और ग्रामीणों ने शव का पोस्टमार्टम कराने से इंकार कर दिया। परिजन जब बेटे का शव लेकर घर पहुंचे तो उससे पहले ही घर में मां का शव देखकर परिजनों में कोहराम मच गया। मंगलवार सुबह मां-बेटे का गमगीन माहौल में अंतिम संस्कार हुआ। उज्जवल के भाई अरुण व उसकी बहनों रीना, रीता, आशा, निशा, ऊषा, ईशु का रो रोकर बुरा हाल था।
विज्ञापन
बाइक खुद ही चला रहा था
परिजनों के अनुसार उज्ज्वल, टीटू और रोहित गहरे दोस्त थे। शादी में एक साथ जाने को लेकर तीनों दोस्त कई दिनों से तैयारी कर रहे थे। सोमवार शाम टीटू एक युवक से बाइक मांगकर लाया था, जबकि परिजनों ने तीनों को समझाया था कि वह बारात में बस से जाएं। लेकिन वह नहीं माने। बाइक उज्ज्वल ही चला रहा था। टक्कर लगते ही उज्जवल का सिर सड़क पर जाकर लगा। अगर हेलमेट होता तो शायद उसकी जान बच सकती थी।