{"_id":"6ac6a1d4e317f77759019636","slug":"both-constables-wanted-to-get-rich-quickly-they-fell-into-a-history-sheeters-trap-meerut-news-c-72-1-smrt1015-160704-2026-10-08","type":"story","status":"publish","title_hn":"Meerut News: जल्द धनवान बनना चाहते थे दोनों सिपाही, हिस्ट्रीशीटर के जाल में फंसे","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Meerut News: जल्द धनवान बनना चाहते थे दोनों सिपाही, हिस्ट्रीशीटर के जाल में फंसे
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
मेरठ। भावनपुर थाने पर तैनात 2025 बैच के सिपाही आशीष और प्रसन्नचित्त आनंद जल्द से जल्द पैसे कमाने की धुन में हिस्ट्रीशीटर साजिद उर्फ पिस्टल के जाल में फंस गए। जिस पर कानून के रखवाले ही अपराधियों के मददगार बन बैठे। वहीं पुलिस के द्वारा की गई जांच के दौरान भी दोनों सिपाहियों की हिस्ट्रीशीटर से लगातार बातें होने की जानकारी सामने आई है।
सोमवार को नकली नोटों के सौदे के दौरान दोनों सिपाही आरोपियों की मदद में जुटे हुए थे। भावनपुर थाना के गांव किनानगर निवासी फैजान, अभिषेक और गांव ज्ञानपुर निवासी हिस्ट्रीशीटर साजिद काफी समय से लोगों को दोगुना नकली नोट का झांसा देते हुए अपना शिकार बनाते थे। इसी कड़ी में तीनों बदमाशों ने पुलिस के सिपाही आशीष और प्रसन्नचित्त आनंद को जल्द से जल्द पैसे कमाने के लालच में फंसा लिया। जिसके बाद कानून के रखवाले ही हिस्ट्रीशीटर साजिद का साथ देते हुए अपराध की दुनिया में पहुंच गए।
पुलिस कर रही है अन्य लोगों के फोन की जांच
सिपाही आशीष, प्रसन्नचित्त आनंद और हिस्ट्रीशीटर साजिद, फैजान और अभिषेक के साथ-साथ अन्य मोबाइलों की जांच की जा रही है। वहीं पुलिस ने पकड़े गए दोनों सिपाहियों के जनपद हाथरस में भी वारदात से जुड़े साक्ष्य खंगालने का प्रयास किया था। दोनों सिपाहियों के पकड़े जाने के बाद उनके फोन से जुड़े लोग भी घबराए हुए हैं। वहीं पुलिस जनपद के अलावा अन्य स्थानों पर भी अपनी टीम के द्वारा जांच कराने में जुटी है। सीओ सुधीर सिंह ने बताया कि पांचों आरोपियो को जेल भेज दिया गया है। पुलिस उनकी कॉल डिटेल के आधार पर अन्य आरोपियों की भी तलाश में लगी है।
विज्ञापन
-- -- -- -- --
विज्ञापन
मेरठ। भावनपुर थाने पर तैनात 2025 बैच के सिपाही आशीष और प्रसन्नचित्त आनंद जल्द से जल्द पैसे कमाने की धुन में हिस्ट्रीशीटर साजिद उर्फ पिस्टल के जाल में फंस गए। जिस पर कानून के रखवाले ही अपराधियों के मददगार बन बैठे। वहीं पुलिस के द्वारा की गई जांच के दौरान भी दोनों सिपाहियों की हिस्ट्रीशीटर से लगातार बातें होने की जानकारी सामने आई है।
सोमवार को नकली नोटों के सौदे के दौरान दोनों सिपाही आरोपियों की मदद में जुटे हुए थे। भावनपुर थाना के गांव किनानगर निवासी फैजान, अभिषेक और गांव ज्ञानपुर निवासी हिस्ट्रीशीटर साजिद काफी समय से लोगों को दोगुना नकली नोट का झांसा देते हुए अपना शिकार बनाते थे। इसी कड़ी में तीनों बदमाशों ने पुलिस के सिपाही आशीष और प्रसन्नचित्त आनंद को जल्द से जल्द पैसे कमाने के लालच में फंसा लिया। जिसके बाद कानून के रखवाले ही हिस्ट्रीशीटर साजिद का साथ देते हुए अपराध की दुनिया में पहुंच गए।
विज्ञापन
पुलिस कर रही है अन्य लोगों के फोन की जांच
सिपाही आशीष, प्रसन्नचित्त आनंद और हिस्ट्रीशीटर साजिद, फैजान और अभिषेक के साथ-साथ अन्य मोबाइलों की जांच की जा रही है। वहीं पुलिस ने पकड़े गए दोनों सिपाहियों के जनपद हाथरस में भी वारदात से जुड़े साक्ष्य खंगालने का प्रयास किया था। दोनों सिपाहियों के पकड़े जाने के बाद उनके फोन से जुड़े लोग भी घबराए हुए हैं। वहीं पुलिस जनपद के अलावा अन्य स्थानों पर भी अपनी टीम के द्वारा जांच कराने में जुटी है। सीओ सुधीर सिंह ने बताया कि पांचों आरोपियो को जेल भेज दिया गया है। पुलिस उनकी कॉल डिटेल के आधार पर अन्य आरोपियों की भी तलाश में लगी है।
विज्ञापन