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Meerut News: भाकियू क्रांतिकारी ने उच्च शिक्षा संस्थानों के विनियम 2026 कानून का किया विरोध
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भारतीय किसान यूनियन (अराजनैतिक) की मासिक पंचायत में उपस्थित कार्यकर्ता। (स्त्रोत संगठन)
सरधना। सरकार और यूजीसी द्वारा उच्च शिक्षा संस्थानों में समानता के संवर्धन हेतु पारित विनियम 2026 के खिलाफ भारतीय किसान यूनियन क्रांतिकारी संगठन ने तहसील में विरोध प्रदर्शन किया। संगठन के कार्यकर्ताओं ने तहसील परिसर में धरना देकर केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और एसडीएम को ज्ञापन सौंपा।
राष्ट्रीय अध्यक्ष राजीव राणा के नेतृत्व में पहुंचे कार्यकर्ताओं ने जुलूस निकालकर सरकार के इस कानून पर कड़ी आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि यह कानून समाज में भेदभाव और जातिवादी मानसिकता को बढ़ावा देने वाला है। राणा ने चेताया कि ऐसे कानून सामाजिक ताने-बाने के लिए हानिकारक हैं और संगठन इसकी घोर निंदा करता है। राष्ट्रीय सचिव भूमेश कुमार सोम ने चेतावनी दी कि सरकार के स्वर्ण समाज को नजरअंदाज करने से राजनीतिक नुकसान हो सकता है। उन्होंने याद दिलाया कि पिछली लोकसभा चुनाव में थोड़ी सी नाराजगी के कारण सीटों में भारी कमी आई थी और यदि ऐसा फिर हुआ तो इसका असर पार्टी के लिए गंभीर होगा। भाकियू क्रांतिकारी के पदाधिकारियों ने भारी नारेबाजी के बीच एसडीएम को एक ज्ञापन सौंपा। इसमें कानून को तुरंत वापस लेने की मांग की गई। संगठन ने चेतावनी दी कि यदि मांगें नहीं मानी गईं तो पूरे देश में बड़े स्तर पर जनजागरण अभियान चलाया जाएगा।
इस मौके पर यज्ञ दत्त शर्मा, जगपाल फौजी, डॉ. संजय चौहान, अरुण सोम, संगीत सिंह सोम, बिजेंदर त्यागी, सुनील प्रजापति, कुलदीप सोम, बसंत सोम, विकास सोम, हप्पू प्रधान, सुनील प्रधान, सुंदर सोम, मनोज सोम मौजूद रहे।
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राष्ट्रीय अध्यक्ष राजीव राणा के नेतृत्व में पहुंचे कार्यकर्ताओं ने जुलूस निकालकर सरकार के इस कानून पर कड़ी आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि यह कानून समाज में भेदभाव और जातिवादी मानसिकता को बढ़ावा देने वाला है। राणा ने चेताया कि ऐसे कानून सामाजिक ताने-बाने के लिए हानिकारक हैं और संगठन इसकी घोर निंदा करता है। राष्ट्रीय सचिव भूमेश कुमार सोम ने चेतावनी दी कि सरकार के स्वर्ण समाज को नजरअंदाज करने से राजनीतिक नुकसान हो सकता है। उन्होंने याद दिलाया कि पिछली लोकसभा चुनाव में थोड़ी सी नाराजगी के कारण सीटों में भारी कमी आई थी और यदि ऐसा फिर हुआ तो इसका असर पार्टी के लिए गंभीर होगा। भाकियू क्रांतिकारी के पदाधिकारियों ने भारी नारेबाजी के बीच एसडीएम को एक ज्ञापन सौंपा। इसमें कानून को तुरंत वापस लेने की मांग की गई। संगठन ने चेतावनी दी कि यदि मांगें नहीं मानी गईं तो पूरे देश में बड़े स्तर पर जनजागरण अभियान चलाया जाएगा।
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इस मौके पर यज्ञ दत्त शर्मा, जगपाल फौजी, डॉ. संजय चौहान, अरुण सोम, संगीत सिंह सोम, बिजेंदर त्यागी, सुनील प्रजापति, कुलदीप सोम, बसंत सोम, विकास सोम, हप्पू प्रधान, सुनील प्रधान, सुंदर सोम, मनोज सोम मौजूद रहे।
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