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Meerut News: यूजीसी कानून का भाकियू (भानु) ने किया विरोध
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भाकियू (भानु) पीएम के नाम एस डी एम को ज्ञापन देते हुए। (मवाना)
संवाद न्यूज एजेंसी
मवाना। भाकियू (भानु) के कार्यकर्ताओं द्वारा प्रधानमंत्री के नाम एसडीएम संतोष कुमार सिंह को दिए ज्ञापन में यूजीसी कानून को भारतीय शिक्षा की आत्मा पर आघात बताया है। साथ ही चेतावनी दी कि यदि कानून वापस नहीं लिया तो भारत की नागरिकता छोड़ने को विवश होंगे।
प्रदेश अध्यक्ष (युवा) पश्चिमी अमित त्यागी गणेशपुर प्रदेश अध्यक्ष (युवा) पश्चिम उत्तर प्रदेश द्वारा प्रधानमंत्री के नाम उपजिलाधिकारी को दिए ज्ञापन में कहा कि यूजीसी कानून न केवल भारतीय शिक्षा की आत्मा पर आघात है, बल्कि यह सवर्ण समाज सहित समस्त शिक्षार्थी वर्ग के अधिकारों, अवसरों और पारंपरिक शिक्षा पद्धति के मूल सिद्धांतों के प्रतिकूल है। यह कानून शिक्षा के विकेंद्रीकरण, स्वायत्तता और गुणवत्ता के बजाय केंद्रीकरण, मनमानी एवं असमानता को बढ़ावा देता प्रतीत होता है। यूजीसी कानून के अंतर्गत विश्वविद्यालयों व महाविद्यालयों की स्वायत्तता का हनन किया जा रहा है, जिससे अकादमिक स्वतंत्रता समाप्त होने की आशंका है। ज्ञापन देने वालों में पुनीत त्यागी, जिलाध्यक्ष, नितिन त्यागी प्रदेश महामंत्री भी साथ थे।
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मवाना। भाकियू (भानु) के कार्यकर्ताओं द्वारा प्रधानमंत्री के नाम एसडीएम संतोष कुमार सिंह को दिए ज्ञापन में यूजीसी कानून को भारतीय शिक्षा की आत्मा पर आघात बताया है। साथ ही चेतावनी दी कि यदि कानून वापस नहीं लिया तो भारत की नागरिकता छोड़ने को विवश होंगे।
प्रदेश अध्यक्ष (युवा) पश्चिमी अमित त्यागी गणेशपुर प्रदेश अध्यक्ष (युवा) पश्चिम उत्तर प्रदेश द्वारा प्रधानमंत्री के नाम उपजिलाधिकारी को दिए ज्ञापन में कहा कि यूजीसी कानून न केवल भारतीय शिक्षा की आत्मा पर आघात है, बल्कि यह सवर्ण समाज सहित समस्त शिक्षार्थी वर्ग के अधिकारों, अवसरों और पारंपरिक शिक्षा पद्धति के मूल सिद्धांतों के प्रतिकूल है। यह कानून शिक्षा के विकेंद्रीकरण, स्वायत्तता और गुणवत्ता के बजाय केंद्रीकरण, मनमानी एवं असमानता को बढ़ावा देता प्रतीत होता है। यूजीसी कानून के अंतर्गत विश्वविद्यालयों व महाविद्यालयों की स्वायत्तता का हनन किया जा रहा है, जिससे अकादमिक स्वतंत्रता समाप्त होने की आशंका है। ज्ञापन देने वालों में पुनीत त्यागी, जिलाध्यक्ष, नितिन त्यागी प्रदेश महामंत्री भी साथ थे।
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