मौलाना के बयान पर भाजपा प्रवक्ता का पलटवार, कहा- क्यों दिखा रहे हो सीने, कौन चला रहा है गोलियां
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नागरिकता संशोधन कानून के मुद्दे पर जनजागरण अभियान शुरू करने वाली भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता प्रेम शुक्ल ने कहा कि सीएए के विरोध के नाम पर कुछ लोग पूरे देश में उन्माद फैलाने की कोशिश कर रहे हैं। यह दुर्भाग्यपूर्ण है। कुछ विपक्षी धार्मिक आधार पर ध्रुवीकरण की कोशिश में हैं। इससे सचेत रहने की जरूरत है।
सहारनपुर में बुधवार को दिल्ली रोड स्थित कार्यालय पर पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने मौलाना महमूद मदनी का नाम लिए बिना ही जमीयत उलमा-ए-हिंद पर निशाना साधते हुए कहा कि इस संस्था के लोग कहते हैं कि जो लोग पहले सेक्युलर थे, वे अब देश के विरोधी हो गए हैं। अब ये कहते हैं कि आप लोग गोली चलाओ, हमारे सीने कम नहीं पड़ेंगे। लेकिन गोली चला कौन रहा है और क्यों सीने दिखा रहे हो। गोली चलाने का कोई कार्यक्रम सरकार का नहीं है। वैसे भी सीएए के विरोध के दौरान एक ही व्यक्ति की मौत पुलिस की गोली से हुई। बाकी तो उन्माद में ही जान गंवा बैठे। इसलिए देश की छवि को दुनिया में खराब न होने दें।
नागरिकता छीनी नहीं बल्कि दी जाएगी
सीएए के लिए जनजागरण अभियान के तहत बुधवार को यहां पहुंचे भाजपा प्रवक्ता ने जवाहर लाल नेहरू, महात्मा गांधी और पूर्व पीएम सरदार मनमोहन सिंह से जुड़े प्रसंगों का हवाला दिया। इसके साथ ही कहा कि कांग्रेस विभाजन के समय दूसरे देशों में अल्पसंख्यक पीड़ितों को नागरिकता दिलाने की वकालत करती रही। अब कांग्रेस विरोधियों का समर्थन कर रही है। नागरिकता कानून को लेकर यह दुष्प्रचार देश और यहां के नागरिकों के हित में नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस कानून में नागरिकता छीनी नहीं बल्कि दी जाएगी।
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मुस्लिमों को डरने की जरूरत नहीं
सीएए के तहत अफगानिस्तान, पाकिस्तान और बांग्लादेश में रह रहे अल्पसंख्यकों हिंदू, सिख, इसाई और बौद्ध नागरिकों को नागरिकता दिलाएगी। ये तीनों इस्लामिक देश हैं। यहां मुस्लिम अल्पसंख्यक नहीं हैं और न ही उनके उत्पीड़न के मामले हैं। वैसे भी पीएम नरेंद्र मोदी साफ कर चुके हैं कि मुस्लिमों की न तो नागरिकता जाएगी और न ही उन्हें कोई परेशानी होगी। यह धर्म निरपेक्ष कानून है। केरल में सीएए के प्रति विरोध प्रस्ताव पर कहा कि संवैधानिक प्रावधानों में नागरिकता के कानून के मामले में राज्यस्तर पर ऐसे विरोध या उल्लंघन का अधिकार नहीं है।
अखिलेश जी... अपने पासपोर्ट, आधार कार्ड भी जमा करवा दो
शुक्ल ने कहा कि एनआरसी और एनपीआर से भी घबराने की जरूरत नहीं है। असम के अलावा अन्य राज्यों में एनआरसी पर अब तक काम ही नहीं हुआ तो फिर शोर कैसा। वैसे भी इन प्रावधानों का मकसद अपने नागरिकों को परेशान करना नहीं बल्कि घुसपैठियों की पहचान कर उन्हें उनके देशों में भेजना है। पूर्व सीएम अखिलेश यादव के एनपीआर मामले में दिए गए बयान पर उन्होंने कहा कि एनपीआर का संबंध आबादी की गणना से है। यह किसी की प्राइवेसी या अधिकारों को प्रभावित नहीं करेगा। यदि अखिलेश जी को एनपीआर से दिक्कत है तो उन्हें पासपोर्ट, आधार कार्ड जैसे दस्तावेज भी जमा करा देना चाहिए।
भाजपाइयों को सौंपी जागरूकता की जिम्मेदारी
भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता ने विधायकों सहित जिले के पार्टी नेताओं से कहा कि वे सीएए को लेकर जनजागरण की जिम्मेदारी को संजीदगी से निभाएं ताकि कोई दुष्प्रचार न हो। पार्टी कार्यालय पर उनके साथ जिलाध्यक्ष महेंद्र सैनी, महानगर अध्यक्ष राकेश जैन, देवबंद विधायक ब्रिजेश सिंह, पूर्व महानगर अध्यक्ष हेमंत अरोड़ा, जिला को-आपरेटिव बैंक के चेयरमैन राजपाल डूड्डा, जिला मीडिया प्रभारी विपिन चौधरी, महानगर मीडिया प्रभारी गौरव गर्ग सहित अन्य मौजूद रहे।
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