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भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा पर उठ रहीं अंगुलियां
Tue, 12 Mar 2019 02:15 AM IST
Gaurav sharma
न्यूज ब्यूरो, अमर उजाला
न्यूज ब्यूरो, अमर उजाला
Published by: Gaurav sharma
Updated Tue, 12 Mar 2019 02:15 AM IST
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मेरठ
- फोटो : अमर उजाला
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भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा की महानगर कमेटी को लेकर आरोपों का सिलसिला शुरू हो गया है। अब एक भाजपा फैंस क्लब ने जारी पत्र में मोर्चा के महानगर अध्यक्ष पर पैसे लेकर पार्टी की नीति के विपरीत नियुक्ति करने का आरोप लगाया है। इसमें कोषाध्यक्ष जावेद अंसारी के खिलाफ एनसीआरटी की नकली किताबें प्रकाशित करने के आरोप में मुकदमा दर्ज होने का हवाला दिया है।
राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह सहित प्रदेश के संगठन महामंत्री सुनील बंसल, क्षेत्रीय अध्यक्ष अश्वनी त्यागी और महानगर अध्यक्ष मुकेश सिंघल को जारी पत्र में कहा गया है कि जावेद अंसारी पर 9 फरवरी 2019 को एनसीआरटी की नकली किताबें प्रकाशित करने के आरोप में मुकदमा दर्ज किया गया था। यह भी आरोप लगाया कि जावेद अंसारी पहले सपा में थे। बाद में महानगर अध्यक्ष तहसीन अंसारी ने उन्हें कोषाध्यक्ष बना दिया। ऐसे अन्य कई पदाधिकारी अल्पसंख्यक मोर्चा में बताए गए हैं। जो सपा और बसपा से हाल ही में आए हैं।
इस मामले में तहसीन अंसारी का कहना है कि शाहिद भारती को जारी मनोयन पत्र पूरी तरह फर्जी है। क्योंकि भाजपा में कोई मनोनयन पत्र जारी नहीं होता है। जावेद अंसारी पर उन्होंने कहा कि वह किसी पार्टी में नहीं था, लेकिन जब उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज हुआ तो उन्होंने उसे पद से हटा दिया। इसलिए तमाम आरोप पूरी तरह गलत हैं। यह विपक्षी दलों की साजिश है, ताकि मुस्लिमों के बीच भाजपा को कमजोर किया जा सके।
राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह सहित प्रदेश के संगठन महामंत्री सुनील बंसल, क्षेत्रीय अध्यक्ष अश्वनी त्यागी और महानगर अध्यक्ष मुकेश सिंघल को जारी पत्र में कहा गया है कि जावेद अंसारी पर 9 फरवरी 2019 को एनसीआरटी की नकली किताबें प्रकाशित करने के आरोप में मुकदमा दर्ज किया गया था। यह भी आरोप लगाया कि जावेद अंसारी पहले सपा में थे। बाद में महानगर अध्यक्ष तहसीन अंसारी ने उन्हें कोषाध्यक्ष बना दिया। ऐसे अन्य कई पदाधिकारी अल्पसंख्यक मोर्चा में बताए गए हैं। जो सपा और बसपा से हाल ही में आए हैं।
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इस मामले में तहसीन अंसारी का कहना है कि शाहिद भारती को जारी मनोयन पत्र पूरी तरह फर्जी है। क्योंकि भाजपा में कोई मनोनयन पत्र जारी नहीं होता है। जावेद अंसारी पर उन्होंने कहा कि वह किसी पार्टी में नहीं था, लेकिन जब उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज हुआ तो उन्होंने उसे पद से हटा दिया। इसलिए तमाम आरोप पूरी तरह गलत हैं। यह विपक्षी दलों की साजिश है, ताकि मुस्लिमों के बीच भाजपा को कमजोर किया जा सके।
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