BJP Candidate List: गाजियाबाद पर अटका मेरठ का गणित, चौंकाने वाली हो सकती है घोषणा, लगाए जा रहे ये कयास
आगामी लोकसभा चुनाव को लेकर भारतीय जनता पार्टी प्रत्याशियों की पहली सूची जारी कर चुकी है। इसमें मेरठ व गाजियाबाद सीट पर बड़े बदलाव के कयास लगाए जा रहे हैं। कहा जा रहा है दोनों लोकसभा क्षेत्रों में प्रत्याशी बदले जा सकते हैं। वहीं बागपत और बिजनौर रालोद के खाते में तय मानी जा रही है।
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लोकसभा चुनाव के लिए भारतीय जनता पार्टी गाजियाबाद और मेरठ में बड़ा उलटफेर कर सकती है। शनिवार को जो प्रत्याशियों की सूची जारी हुई है, जिसके बाद माना जा रहा है कि मेरठ और गाजियाबाद लोकसभा क्षेत्र में प्रत्याशी बदल सकते हैं। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में भाजपा ने जाट, गुर्जर, ब्राह्मण, दलित और पिछड़ा वर्ग के उम्मीदवारों के नाम घोषित कर दिए हैं। अब ठाकुर बिरादरी और वैश्य बिरादरी के उम्मीदवारों पर ही निर्णय होना है।
सहारनपुर या किसी अन्य सीट पर एक ब्राह्मण प्रत्याशी और उतारा जा सकता है। माना जा रहा है कि अगर गाजियाबाद से जनरल वीके सिंह की जगह किसी दूसरे ठाकुर प्रत्याशी को उतारा जाता है तो मेरठ से वैश्य बिरादरी से ही उम्मीदवार घोषित किया जाएगा।
भाजपा 195 उम्मीदवारों की सूची जारी कर चुकी है। इनमें पश्चिम उत्तर प्रदेश की 14 में से 8 सीटों के प्रत्याशी घोषित किए गए हैं। इनमें 2019 में चुनाव जीते अधिकतर प्रत्याशियों को रिपीट किया गया है। मेरठ और गाजियाबाद को होल्ड पर रख दिया गया है। इससे संकेत मिल रहे हैं कि इन दोनों लोकसभा क्षेत्रों में पार्टी नए चेहरों पर दांव खेल सकती है। बागपत और बिजनौर रालोद के खाते में तय मानी जा रही हैं।
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अब तक जो टिकट भाजपा ने घोषित किए हैं उनमें मुजफ्फरनगर से जाट, कैराना और अमरोहा से गुर्जर और गौतमबुद्धनगर से पंडित को टिकट देकर भाजपा ने तीनों बिरादियों को प्रतिनिधित्व दिया है। दलित और पिछड़ा वर्ग का कोटा भी पूरा हो गया है। गाजियाबाद में अब तक ठाकुर बिरादरी से जनरल वीके सिंह सांसद थे, मेरठ में वैश्य बिरादरी से राजेंद्र अग्रवाल प्रतिनिधित्व कर रहे थे। अगर गाजियाबाद और मेरठ में दोनों सांसदों का टिकट बदलता है तो भाजपा इन दोनों बिरादरी का प्रतिनिधित्व बरकरार रखेगी।
अगर मेरठ में राजेंद्र अग्रवाल का टिकट कटता है तो यहां पर वैश्य को ही टिकट मिलने की उम्मीद है। मेरठ की बात करें तो वैश्य बिरादरी से कैंट विधायक अमित अग्रवाल, संजीव गोयल सिक्का, व्यापारी नेता विनीत अग्रवाल शारदा, हापुड़ से विकास अग्रवाल, भाजपा के महानगर अध्यक्ष सुरेश जैन ऋतुराज दावेदारी में हैं।
अगर भाजपा गाजियाबाद में वैश्य बिरादरी का उम्मीदवार उतारती है तो मेरठ में समीकरण बदल सकते हैं। यह भी हो सकता है कि मेरठ में भी कोई बड़ा चेहरा उतार दिया जाए। रविवार को रामायण सीरियल से प्रसिद्धि पाने वाले अरुण गोविल का नाम भी चर्चा में रहा। वह मेरठ के ही रहने वाले हैं।
भाजपा और रालोद के गठबंधन के बाद सबकी नजर बागपत और बिजनौर लोकसभा सीट पर लगी है। बागपत में जयंत चौधरी खुद लड़ेंगे या पार्टी के किसी सीनियर नेता को लड़ाएंगे, इस पर अभी सस्पेंस है। पार्टी सूत्रों के मुताबिक तो जयंत बागपत से पार्टी के किसी पुराने कार्यकर्ता को चुनाव लड़ा सकते हैं। अगर ऐसा होता है तो इससे बड़ा संदेश देने की तैयारी है। बिजनौर से किसी गुर्जर प्रत्याशी को उतारा जा सकता है। विधायक चंदन सिंह चौहान का नाम चर्चा में है, हालांकि अभी आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है।
भाजपा में बाहरी प्रत्याशी को भी चुनाव लड़ाने के संकेत मिल रहे हैं। इससे पहले भाजपा ने जदयू के साथ मिलकर केसी त्यागी को चुनाव लड़ाया था। उनकी बुरी तरह हार हुई थी। भाजपा के कार्यकर्ताओं का कहना है कि पार्टी को बाहरी प्रत्याशी लाने की बजाय मेरठ लोकसभा से ही किसी को टिकट देना चाहिए।
ये प्रत्याशी किए हैं घोषित
भारतीय जनता पार्टी ने मुजफ्फरनगर से केंद्रीय मंत्री संजीव बालियान को दोबारा चुनाव में उतारा है। कैराना से प्रदीप कुमार पर दोबारा विश्वास जताया गया है। गौतमबुद्ध नगर से मौजूदा सांसद महेश शर्मा, बुलंदशहर में भी भोला सिंह को दोबारा प्रत्याशी बनाया गया है। नगीना लोकसभा क्षेत्र सीट से ओम कुमार, रामपुर से घनश्याम लोधी, संभल से परमेश्वर सैनी, अमरोहा से कमर सिंह तंवर को प्रत्याशी बनाया गया है।