रामगंगा में डूबकर युवक की मौत, परिजनों में मचा कोहराम, चारा लेने गए थे चार दोस्त
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
यूपी में बिजनौर के स्योहारा में पशुओं के लिए चारा लेने के लिए रामगंगा को पार कर रहे एक युवक की डूब कर मौत हो गई। युवक अपने रिश्ते के भाई और दो अन्य दोस्तों के साथ गया था।
सोमवार की दोपहर 11 बजे सहसपुर के मोहल्ला तराई निवासी रोहित 21 वर्ष अपने ममेरे भाई बिल्टू व अपने दोस्तों रिंकू व धर्मेंद्र के साथ जंगल से चारा लेने के लिए जा रहा था। खेतों पर पहुंचने के लिए उन्हें रामगंगा नदी के एक बरसाती नाले पार करना पड़ता है। ये नाला गांव राजीपुर के पास रामगंगा नदी की एक धार के कटने से बना है। यह नाला मुरादाबाद के आगे जाकर फिर रामगंगा में मिल जाता है। इस समय रामगंगा में बढ़े पानी के कारण इस नाले में भी पानी बढ़ गया है।
ये चारों रामगंगा नदी के नाले के बीच पहुंचे तो अचानक पानी के तेज बहाव में रोहित के पैर फिसल गए। वह रामगंगा के पानी में डूबने लगा। बिल्टू ने रोहित की कमीज पकड़ कर उसे बचाने की बहुत कोशिश की, लेकिन कमीज फटकर बिल्टू के हाथ में ही रह गई। रोहित बह गया। पहले तो इन चारों ने उसे पानी में तलाश करने की कोशिश की, नहीं मिलने पर शाम को घर जाकर बताया। डूबने की खबर मिलने पर परिजनों में कोहराम मच गया। डूबने वाले युवक को तलाश करने के लिए मोहल्ले के लोग घटनास्थल पर पहुंच गए। उन्होंने युवक की तलाश शुरू कर दी। मंगलवार को युवक के डूबने की खबर मिलने पर पुलिस प्रशासन में हड़कंप मच गया। पुलिस मौके पर पहुंच गई। पीएसी को भी बुला लिया गया। थानाध्यक्ष अरिहंत कुमार सिद्धार्थ ने पीएसी तथा गोताखोरों के साथ कश्ती में बैठकर घटनास्थल का निरीक्षण किया। वहीं स्थानीय लोगों द्वारा डूबने की जगह से चालीस मीटर की दूरी पर झाड़ियों में उसका शव फंसा हुआ दिखाई दिया। ग्रामीणों ने उसे निकाल लाए।
चारा लाने को जान पर खेलने को मजबूर
ग्रामीणों का कहना है कि सहसपुर निवासियों के अधिकांश खेत रामगंगा नदी के इस बरसाती नाले के पार ही है। जंगल से चारा लेने के लिए उन्हें रामगंगा नदी के नाले को पार करना पड़ता है। बरसात के दिनों में नाला रौद्ररूप ले लेता है। पार करने के लिए कोई पुल या पुलिया न होने के कारण ग्रामीणों को रामगंगा नदी में उतर कर ही एक किनारे से दूसरे किनारे पर आनाजाना पड़ता है।
रामगंगा नदी के तेज बहाव के कारण लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है। ग्रामीण अपनी जान हथेली पर रखकर अपने खेतों से पशुओं के लिए चारा लेने के लिए जाते हैं। इसका आज तक भी प्रशासनिक अधिकारियों ने सुध नहीं ली है।
शहर से लेकर देश तक की ताजा खबरें व वीडियो देखने लिए हमारे इस फेसबुक पेज को लाइक करें
https://www.facebook.com/AuNewsMeerut/