छात्रवृत्ति चाहिए तो सही करा लें नाम, विवाहित छात्राओं को सालों से मिल रहा लाभ
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बिजनौर जिले के महाविद्यालयों में पढ़ने वाली छात्राओं को शादी के बाद छात्रवृत्ति मिलने में दिक्कत पेश आ रही है। कॉलेज में रेगुलर पढ़ने वाली अनेक ऐसी छात्राओं को हाईस्कूल मार्कशीट में कुमारी से आधार कार्ड में नाम के आगे श्रीमती लगने के बाद छात्रवृत्ति नहीं मिली है। परेशान छात्राएं नाम में शुद्धि कराने के लिए समाज कल्याण विभाग, बैंक और पोस्ट ऑफिस के चक्कर काट रही हैं।
शासन से छात्र-छात्राओं को दो श्रेणी में छात्रवृत्ति दी जाती है। पहली छात्रवृत्ति पूर्व दशम अर्थात कक्षा 9 व 10 के छात्रों को दी जाती है। जिले में इस श्रेणी की छात्रवृत्ति सामान्य जाति के 808 और अनुसूचित जाति के 10738 छात्र-छात्राओं को मिल रही हैं। दूसरी छात्रवृत्ति दशमोत्तर अर्थात कक्षा 11 से स्नातक, स्नातकोत्तर और तकनीकी पढ़ाई करने वाले छात्र-छात्राओं को मिलती है। जिले में इस श्रेणी की छात्रवृत्ति सामान्य जाति के 7889 और अनुसूचित जाति के 31525 छात्र छात्राओं को मिल रही है।
शासन ने वित्तीय वर्ष 2019-20 में छात्रवृत्ति पाने के लिए तय नियमों में बदलाव कर दिया गया है। समाज कल्याण विभाग कार्यालय के अनुसार छात्र, छात्रा, उसके पिता व माता का जो नाम हाईस्कूल की मार्कशीट में है, वही नाम आधार कार्ड में होना चाहिए। साथ ही छात्र-छात्रा की जन्मतिथि हाईस्कूल की मार्कशीट व आधार कार्ड में एक ही होनी चाहिए। साथ ही आधार कार्ड बैंक से लिंक अर्थात संबद्ध होना चाहिए।
शासन का छात्रवृत्ति के नियमों में बदलाव छात्र-छात्राओं के लिए परेशानी का सबब बना है। कई छात्र-छात्राओं को कई माह से छात्रवृत्ति नहीं मिल रही है। इस बदलाव की सबसे अधिक शिकार महाविद्यालय की छात्राएं हैं। डिग्री कॉलेज में पढ़ने वाली अनेक छात्राएं ऐसी हैं, जिनके आधार कार्ड शादी होने के बाद बने हैं। आधार कार्ड में नाम के पहले श्रीमती है जबकि हाईस्कूल की मार्कशीट में कुमारी है। अब वे कुमारी और श्रीमती के जाल में उलझी है।
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छात्राएं काट रहीं बैंक व दफ्तरों के चक्कर
डिग्री कॉलेज की छात्राएं नाम ठीक कराने के लिए बैंकों व समाज कल्याण विभाग के दफ्तर के चक्कर काट रही हैं। अनिता, वर्षा, चारु आदि छात्राओं का कहना है कि दफ्तर वाले कहते हैं कि वे नियम से बंधे हैं। बैंक वाले कहते हैं कि शादी होने पर आधार कार्ड में से श्रीमती नहीं हट सकता है। आधार में श्रीमती को कुमारी करने का विकल्प नहीं हैं। इसीलिए वह अपडेट नहीं हो पा रहा। उन्हें छात्रवृत्ति नहीं मिली है। नाम ठीक हो नहीं रहा है। परिवार की आर्थिक स्थिति अच्छी नहीं है। छात्रवृत्ति नहीं मिलने पर उन्हें पढ़ाई भी छोड़नी पड़ सकती है।
नाम अपडेशन का चल रहा है काम
जिला समाज कल्याण विभाग के अनुसार नियमानुसार नाम सही होने पर ही छात्रवृत्ति मिलेगी। बताया कि नाम में कुमारी और श्रीमती की समस्या लेकर छात्राएं दफ्तर में आई हैं। कुछ छात्राओं की छात्रवृत्ति कुमारी व श्रीमती की वजह से रुकी है। नाम अपडेशन अर्थात शुद्धीकरण का काम चल रहा है। जो 31 अक्तूबर तक चलेगा।
शासन से छात्रवृत्ति के नियमों में बदलाव हुआ है। छात्र-छात्रा का हाईस्कूल मार्कशीट व आधारकार्ड में नाम एक ही होना चाहिए। आधार कार्ड बैंक खाते से लिंक होना चाहिए। छात्रवृत्ति छात्र के खाते में भेजी जाती है - बद्री विशाल जिला समाज कल्याण अधिकारी बिजनौर।
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