बिजनौर: किसानों ने भुगतान के बदले उठाई 5.41 करोड़ की चीनी
जिलेभर में केवल 13 हजार किसानों ने ही 16 हजार 94 क्विंटल चीनी मिलों से उठाई
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पेराई सत्र के दौरान लगे लॉक डाउन में चीनी की बिक्री एकदम धड़ाम हो गई थी। इससे भुगतान तो लटकने ही लगा था साथ ही चीनी मिलों के पास चीनी रखने के लिए गोदामों में जगह तक कम पड़ने लगी थी। तब शासन ने किसानों को खर्च के लिए चीनी मिलों से चीनी लेने की छूट जारी की थी। चीनी की कीमत किसानों के बकाया भुगतान से काटी गई।
हर किसान को एक महीने में एक क्विंटल चीनी लेने की छूट दी गई थी। अप्रैल से अगस्त तक किसानों को यह छूट दी गई थी। 13 हजार छह किसानों ने 16 हजार 94 क्विंटल चीनी मिलों से उठाई। इसकी कीमत पांच करोड़ 41 लाख रुपये है।
मिल अफसरों के अनुसार किसानों ने चीनी के उठान के मुकाबले गन्ने के नगद भुगतान को ही वरीयता दी है। कुछ चीनी मिलों से तो किसानों ने 100 क्विंटल चीनी तक नहीं उठाई है। जिले में साढ़े तीन लाख से ज्यादा किसान हैं लेकिन केवल 13 हजार किसानों ने ही चीनी का उठान किया है।
चीनी मिल चीनी उठाने वाले किसान चीनी मात्रा कीमत
धामपुर 302 302 10.74
स्योहारा 54 51 1.74
बिलाई 6731 10084 342.29
बहादरपुर 1390 1129 37.40
बरकातपुर 240 355 12.36
बुंदकी 353 295 9.80
चांदपुर 2490 2433 80.14
बिजनौर 1402 1402 45.98
नजीबाबाद 44 44 1.49
योग 13006 16094 541.37
नोट:चीनी की मात्रा क्विंटल में और रुपये लाख में हैं।
जरूरत के हिसाब से ली चीनी
जिला गन्ना अधिकारी यशपाल सिंह का कहना है कि किसानों ने अपनी जरूरत के हिसाब से मिलों से चीनी उठाई है। किसानों का भुगतान लगाया कराया जा रहा है।