बिजनौर : चीनी मिलों पर किसानों का 700 करोड़ से ज्यादा का बकाया, ब्याज के लिए भी कर रहे आंदोलन
मिलों को बीते पेराई सत्र में किसानों ने तीन हजार 674 करोड़ रुपये का गन्ना बेचा था और किसानों को अब तक दो हजार 946 करोड़ का भुगतान मिला है।
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जिले की नौ चीनी मिलों को किसान गन्ने की आपूर्ति करते हैं। नियम है कि मिल बंद होने के 15वें दिन तक किसानों को गन्ना भुगतान मिल जाना चाहिए, लेकिन ऐसा नहीं हुआ है। जिले की चीनी मिलों में अब तक औसतन करीब 80 प्रतिशत बकाया है। मिलों को भुगतान करने के लिए लगातार नोटिस दिए जा रहे हैं, लेकिन इसका कोई बहुत ज्यादा असर नहीं दिखता है।
मिलों को बीते पेराई सत्र में किसानों ने तीन हजार 674 करोड़ रुपये का गन्ना बेचा था और किसानों को अब तक दो हजार 946 करोड़ का भुगतान मिला है। मिलों पर 727 करोड़ रुपये का भुगतान अभी बकाया है। इसके अलावा मिलों पर करीब 36 करोड़ रुपये का विलंब भुगतान पर ब्याज भी बकाया है।
भुगतान कराने के लिए प्रशासन ने हर सप्ताह चीनी मिल अफसरों के साथ समीक्षा बैठक शुरू कर दी है। किसानों ने भी गन्ना बकाया के ब्याज सहित भुगतान के लिए आंदोलन शुरू कर दिया है। राष्ट्रीय किसान मजदूर संगठन के 15 जुलाई को लखनऊ में होने वाले आंदोलन को सफल बनाने के लिए कड़ी मेहनत की जा रही है।
राष्ट्रीय किसान मजदूूर संगठन के वेस्ट यूपी महासचिव कैलाश लांबा के अनुसार जब किसान की बैंक आरसी जारी कर रहे हैं, तो किसान को भी विलंब भुगतान पर ब्याज मिलना चाहिए। किसान इस बार विलंब भुगतान पर ब्याज लेकर ही रहेंगे।
बकाया भुगतान की स्थिति
चीनी मिल गन्ना कीमत बकाया ब्याज
धामपुर 764.30 121.84 2.77
स्योहारा 701.55 96.96 5.33
बिलाई 436.90 237.89 12.67
बहादरपुर 397.17 00 1.77
बरकातपुर 459.60 80.12 4.51
बुंदकी 428.88 00 .62
चांदपुर 203.73 38.25 2.17
बिजनौर 126.92 64.07 3.56
नजीबाबाद 155.59 52.66 2.47
कुल 3674.68 727.81 35.92
नोट:सभी राशि करोड़ रुपये में है।