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पानी में करंट उतरने से दो पशुओं की मौत, युवक बचा
Tue, 05 Feb 2019 02:19 AM IST
Gaurav sharma
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
Published by: Gaurav sharma
Updated Tue, 05 Feb 2019 02:19 AM IST
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meerut
- फोटो : meerut
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लिसाड़ीगेट क्षेत्र में सड़क पर हुए जलभराव के दौरान करंट उतरने से भैंस और उसके लवारे ने तड़प-तड़प कर दम तोड़ दिया। इससे गुस्साई भीड़ ने हंगामा कर दिया। नगर निगम और बिजली विभाग के खिलाफ नारेबाजी करते हुए लोग धरने पर बैठ गये। पुलिस मौके पर पहुंची और पीड़ित को मुआवजा दिलाने का आश्वासन देकर मामला शांत कराया।
शालीमार गार्डन निवासी सलीम सोमवार को हरियाणा से भैंस खरीदकर घर लौट रहा था। उसका बेटा शादाब भी उसके साथ था। 60 फुटा रोड पर उन्होंने वाहन से भैंस उतारी और उसे पैदल ही घर लेकर चल दिये। जैसे ही शादाब सड़क पर भरे पानी के बीच से भैंस को लेकर आगे बढ़ा, अचानक भैंस तड़पने लगी। शादाब भी करंट की चपेट में आ गया। आस-पास मौजूद लोगों में यह देख हड़कंप मच गया। शोर-शराबा होने लगा। किसी तरह लोगों ने शादाब को पानी से बाहर निकाला। तब जाकर उसकी जान बची। लेकिन कुछ ही देर में भैंस और उसके लवारे ने तड़प-तड़पकर दम तोड़ दिया। इसके अलावा एक कुत्ते की भी करंट की चपेट में आकर मौत हो गई। इससे गुस्साए लोग सड़क पर उतर आए और हंगामा करने लगे। सूचना पर लिसाड़ीगेट पुलिस मौके पर पहुंची और बिजली आपूर्ति बंद कराई। नाराज लोग गंदे पानी में ही धरना देकर बैठ गये। नगर निगम और बिजली विभाग के खिलाफ जमकर नारेबाजी भी हुई। लोगों ने पीड़ित परिवार को मुआवजा दिलाने की मांग की। लिसाड़ीगेट इंस्पेक्टर रघुराज सिंह ने कहा कि बिजली विभाग और नगर निगम को जानकारी देकर मुआवजा दिलाया जाएगा। इसके बाद लोग शांत हुए।
मिला सात दिन का अल्टीमेटम
हंगामे की सूचना पाकर श्यामनगर रोड व्यापार संघ अध्यक्ष सलीम चौहान अन्य पदाधिकारियों के साथ मौके पर पहुंचे और रोष जताया। तभी व्यापारी नेता जीतू नागपाल, जीशान कुरैशी, फुरकान अल्वी, नदीम, तबरेज आलम, शोएब अहमद भी आ गये और नारेबाजी शुरू कर दी। पीड़ित सलीम ने व्यापारियों को बताया कि वह 90 हजार रुपये की भैंस लाया था। व्यापारियों ने अल्टीमेटम दिया कि अगर सात दिन में मुआवजा नहीं मिला, तो आंदोलन करेेंगे।
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जलभराव की हमारे पास कोई शिकायत नहीं आई है। जलभराव किस कारण से हो रहा है, उसे दिखवाया जाएगा। अगर सफाई होनी है, तो कराएंगे।
- डा. गजेंद्र कुमार, नगर स्वास्थ्य अधिकारी
- मामला मेरे संज्ञान में नहीं आया है। अगर कोई शिकायत आती है तो जांच कराई जाएगी। - संजीव राणा, अधीक्षण अभियंता, विद्युत नगरीय वितरण मंडल
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शालीमार गार्डन निवासी सलीम सोमवार को हरियाणा से भैंस खरीदकर घर लौट रहा था। उसका बेटा शादाब भी उसके साथ था। 60 फुटा रोड पर उन्होंने वाहन से भैंस उतारी और उसे पैदल ही घर लेकर चल दिये। जैसे ही शादाब सड़क पर भरे पानी के बीच से भैंस को लेकर आगे बढ़ा, अचानक भैंस तड़पने लगी। शादाब भी करंट की चपेट में आ गया। आस-पास मौजूद लोगों में यह देख हड़कंप मच गया। शोर-शराबा होने लगा। किसी तरह लोगों ने शादाब को पानी से बाहर निकाला। तब जाकर उसकी जान बची। लेकिन कुछ ही देर में भैंस और उसके लवारे ने तड़प-तड़पकर दम तोड़ दिया। इसके अलावा एक कुत्ते की भी करंट की चपेट में आकर मौत हो गई। इससे गुस्साए लोग सड़क पर उतर आए और हंगामा करने लगे। सूचना पर लिसाड़ीगेट पुलिस मौके पर पहुंची और बिजली आपूर्ति बंद कराई। नाराज लोग गंदे पानी में ही धरना देकर बैठ गये। नगर निगम और बिजली विभाग के खिलाफ जमकर नारेबाजी भी हुई। लोगों ने पीड़ित परिवार को मुआवजा दिलाने की मांग की। लिसाड़ीगेट इंस्पेक्टर रघुराज सिंह ने कहा कि बिजली विभाग और नगर निगम को जानकारी देकर मुआवजा दिलाया जाएगा। इसके बाद लोग शांत हुए।
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मिला सात दिन का अल्टीमेटम
हंगामे की सूचना पाकर श्यामनगर रोड व्यापार संघ अध्यक्ष सलीम चौहान अन्य पदाधिकारियों के साथ मौके पर पहुंचे और रोष जताया। तभी व्यापारी नेता जीतू नागपाल, जीशान कुरैशी, फुरकान अल्वी, नदीम, तबरेज आलम, शोएब अहमद भी आ गये और नारेबाजी शुरू कर दी। पीड़ित सलीम ने व्यापारियों को बताया कि वह 90 हजार रुपये की भैंस लाया था। व्यापारियों ने अल्टीमेटम दिया कि अगर सात दिन में मुआवजा नहीं मिला, तो आंदोलन करेेंगे।
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जलभराव की हमारे पास कोई शिकायत नहीं आई है। जलभराव किस कारण से हो रहा है, उसे दिखवाया जाएगा। अगर सफाई होनी है, तो कराएंगे।
- डा. गजेंद्र कुमार, नगर स्वास्थ्य अधिकारी
- मामला मेरे संज्ञान में नहीं आया है। अगर कोई शिकायत आती है तो जांच कराई जाएगी। - संजीव राणा, अधीक्षण अभियंता, विद्युत नगरीय वितरण मंडल