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बेटी कैंसर से जूझ रही और पिता से पांच लाख बदलने के नाम पर ठगे
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Wed, 07 Dec 2016 02:33 PM IST
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फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला
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जिस कैं सर पीड़िता दो साल की बच्ची के इलाज के लिए पिता पांच लाख रुपये के नोट लेकर बदलने को भटक रहा था। ठगों ने बच्ची का इलाज ही छीन लिया। दो युवक नई करेंसी बदलने के नाम पर पांच लाख रुपये ठगी कर फरार हो गये। मंगलवार को पीड़ित ने परतापुर थाने में तहरीर देकर इंसाफ की गुहार लगाई है।
मोदीनगर निवासी पराग की दो साल की बेटी एली को कैंसर है, जिसका इलाज दिल्ली एम्स में चल रहा है। बेटी के इलाज की खातिर पिता नये नोटों के लिए भटक रहा था। लेकिन कहीं से नये नोटों की व्यवस्था नहीं हो सकी। जिसके चलते बच्ची के पिता ने एक हजार के नोटों के पांच लाख रुपये बदलने के लिए एकत्र कर लिये। नोटबंदी के चलते पराग पुराने नोटों को बदलने के लिए परेशान था। इसी बीच पराग को शताब्दीनगर निवासी राहुल व निखिल मिले जो उसके जानकार थे। राहुल ने पराग से कहा कि उसका जानकार एक बैंक का गार्ड है वह नोट बदलवा देगा। आरोपी राहुल ने फोन पर मोदीपुरम स्थित एक बैंक के गार्ड को बुलाया और पराग से मिलवाया। गार्ड पराग को लेकर गया और परतापुर बाईपास पर उतार दिया, उससे कहा कि आधा घंटे में आ रहा हूं। काफी इंतजार करने के बाद पीड़ित पराग ने राहुल से शिकायत करते हुए कहा कि गार्ड पैसे लेकर भाग गया। निखिल ने बताया कि मैंने पराग को सतर्क किया था कि संभल कर रहना। पीड़ित का कहना था कि बेटी के इलाज के लिए नई करेंसी चाहिए थी, लेकिन अब वह बहुत परेशानी में है। बाद में पीड़ित परतापुर थाने पहुंचा और गार्ड की एक्टिवा का नंबर देते हुए थाने में तहरीर दी है। इंस्पेक्टर परतापुर सुशील दूबे ने जांच कराकर तहरीर के आधार पर कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
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मोदीनगर निवासी पराग की दो साल की बेटी एली को कैंसर है, जिसका इलाज दिल्ली एम्स में चल रहा है। बेटी के इलाज की खातिर पिता नये नोटों के लिए भटक रहा था। लेकिन कहीं से नये नोटों की व्यवस्था नहीं हो सकी। जिसके चलते बच्ची के पिता ने एक हजार के नोटों के पांच लाख रुपये बदलने के लिए एकत्र कर लिये। नोटबंदी के चलते पराग पुराने नोटों को बदलने के लिए परेशान था। इसी बीच पराग को शताब्दीनगर निवासी राहुल व निखिल मिले जो उसके जानकार थे। राहुल ने पराग से कहा कि उसका जानकार एक बैंक का गार्ड है वह नोट बदलवा देगा। आरोपी राहुल ने फोन पर मोदीपुरम स्थित एक बैंक के गार्ड को बुलाया और पराग से मिलवाया। गार्ड पराग को लेकर गया और परतापुर बाईपास पर उतार दिया, उससे कहा कि आधा घंटे में आ रहा हूं। काफी इंतजार करने के बाद पीड़ित पराग ने राहुल से शिकायत करते हुए कहा कि गार्ड पैसे लेकर भाग गया। निखिल ने बताया कि मैंने पराग को सतर्क किया था कि संभल कर रहना। पीड़ित का कहना था कि बेटी के इलाज के लिए नई करेंसी चाहिए थी, लेकिन अब वह बहुत परेशानी में है। बाद में पीड़ित परतापुर थाने पहुंचा और गार्ड की एक्टिवा का नंबर देते हुए थाने में तहरीर दी है। इंस्पेक्टर परतापुर सुशील दूबे ने जांच कराकर तहरीर के आधार पर कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
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