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Meerut News: दुर्गाबाड़ी में आकार ले रही मां दुर्गा की भव्य प्रतिमा, 220वें दुर्गोत्सव की तैयारियां तेज
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...कोलकाता के शिल्पकार 10 से 12 दिन में देंगे प्रतिमा को अंतिम स्वरूप
....16 से 20 अक्टूबर तक होंगे धार्मिक आयोजन, 21 को निकलेगी विसर्जन यात्रा
माई सिटी रिपोर्टर
मेरठ।
बंगाली दुर्गाबाड़ी समिति सदर में दुर्गा पूजा महोत्सव 2026 की तैयारियां चल रही हैं। पूजा पंडाल, सजावट और धार्मिक अनुष्ठानों के साथ मां दुर्गा की भव्य प्रतिमा को पारंपरिक बंगाली शैली में तैयार किया जा रहा है। कोलकाता से आए अनुभवी शिल्पकार प्रतिमा को अंतिम स्वरूप देने में जुटे हैं। प्रतिमा निर्माण में करीब 10 से 12 दिन का समय लगेगा।
प्रतिमा निर्माण की यह परंपरा बंगाली दुर्गाबाड़ी समिति की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत का हिस्सा है। कोलकाता से आने वाले शिल्पकारों के परिवार की कई पीढ़ियां इस कला को आगे बढ़ा रही हैं। चार दशक से अधिक समय से शिल्पकार विशेष रूप से मेरठ आकर दुर्गाबाड़ी में मां दुर्गा की प्रतिमा तैयार करते हैं।
समिति के अध्यक्ष अमिताभ मुखर्जी ने कहा कि दुर्गा पूजा धार्मिक आस्था के साथ समृद्ध सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक है। 220वें दुर्गोत्सव को पारंपरिक गरिमा के साथ भव्य रूप देने के लिए समिति पूरी तरह तैयार है। प्रधान सचिव अभय मुखर्जी ने बताया कि तैयारियों में परंपरा, अनुशासन और पर्यावरण संरक्षण का विशेष ध्यान रखा जा रहा है।
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पूजा सचिव सुब्रोतो विश्वास ने बताया कि प्रतिमा निर्माण से लेकर पूजा के प्रत्येक अनुष्ठान में वर्षों पुरानी बंगाली परंपराओं की गरिमा बनाए रखने का प्रयास किया जा रहा है। इस बार प्रतिमा निर्माण में जैविक और पर्यावरण-अनुकूल सामग्री व रंगों का इस्तेमाल किया जा रहा है, ताकि विसर्जन के दौरान जलस्रोतों में प्रदूषण कम से कम हो।
सुब्रतो सेन ने बताया कि शास्त्रीय परंपरा के अनुसार इस वर्ष मां दुर्गा का आगमन डोली पालकी पर और गमन हाथी पर माना जा रहा है। 19 अक्टूबर को अष्टमी और नवमी के संधिकाल में संधि पूजा होगी। यह पूजा सुबह 7:26 से 8:14 बजे तक 48 मिनट के पवित्र काल में संपन्न होगी।
बंगाली दुर्गाबाड़ी समिति में 16 से 20 अक्टूबर तक विभिन्न धार्मिक अनुष्ठानों और पूजा कार्यक्रमों का आयोजन होगा। 21 अक्टूबर को दशहरा के अवसर पर मां दुर्गा की विसर्जन यात्रा निकाली जाएगी।
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....16 से 20 अक्टूबर तक होंगे धार्मिक आयोजन, 21 को निकलेगी विसर्जन यात्रा
माई सिटी रिपोर्टर
मेरठ।
बंगाली दुर्गाबाड़ी समिति सदर में दुर्गा पूजा महोत्सव 2026 की तैयारियां चल रही हैं। पूजा पंडाल, सजावट और धार्मिक अनुष्ठानों के साथ मां दुर्गा की भव्य प्रतिमा को पारंपरिक बंगाली शैली में तैयार किया जा रहा है। कोलकाता से आए अनुभवी शिल्पकार प्रतिमा को अंतिम स्वरूप देने में जुटे हैं। प्रतिमा निर्माण में करीब 10 से 12 दिन का समय लगेगा।
प्रतिमा निर्माण की यह परंपरा बंगाली दुर्गाबाड़ी समिति की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत का हिस्सा है। कोलकाता से आने वाले शिल्पकारों के परिवार की कई पीढ़ियां इस कला को आगे बढ़ा रही हैं। चार दशक से अधिक समय से शिल्पकार विशेष रूप से मेरठ आकर दुर्गाबाड़ी में मां दुर्गा की प्रतिमा तैयार करते हैं।
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समिति के अध्यक्ष अमिताभ मुखर्जी ने कहा कि दुर्गा पूजा धार्मिक आस्था के साथ समृद्ध सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक है। 220वें दुर्गोत्सव को पारंपरिक गरिमा के साथ भव्य रूप देने के लिए समिति पूरी तरह तैयार है। प्रधान सचिव अभय मुखर्जी ने बताया कि तैयारियों में परंपरा, अनुशासन और पर्यावरण संरक्षण का विशेष ध्यान रखा जा रहा है।
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पूजा सचिव सुब्रोतो विश्वास ने बताया कि प्रतिमा निर्माण से लेकर पूजा के प्रत्येक अनुष्ठान में वर्षों पुरानी बंगाली परंपराओं की गरिमा बनाए रखने का प्रयास किया जा रहा है। इस बार प्रतिमा निर्माण में जैविक और पर्यावरण-अनुकूल सामग्री व रंगों का इस्तेमाल किया जा रहा है, ताकि विसर्जन के दौरान जलस्रोतों में प्रदूषण कम से कम हो।
सुब्रतो सेन ने बताया कि शास्त्रीय परंपरा के अनुसार इस वर्ष मां दुर्गा का आगमन डोली पालकी पर और गमन हाथी पर माना जा रहा है। 19 अक्टूबर को अष्टमी और नवमी के संधिकाल में संधि पूजा होगी। यह पूजा सुबह 7:26 से 8:14 बजे तक 48 मिनट के पवित्र काल में संपन्न होगी।
बंगाली दुर्गाबाड़ी समिति में 16 से 20 अक्टूबर तक विभिन्न धार्मिक अनुष्ठानों और पूजा कार्यक्रमों का आयोजन होगा। 21 अक्टूबर को दशहरा के अवसर पर मां दुर्गा की विसर्जन यात्रा निकाली जाएगी।