{"_id":"6999b5a7a4ea009b56035a63","slug":"bengali-language-is-the-identity-of-our-culture-bhavtaran-rai-meerut-news-c-228-1-mwn1001-104492-2026-02-21","type":"story","status":"publish","title_hn":"बांग्ला भाषा हमारी संस्कृति की पहचान: भवतरण राय","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बांग्ला भाषा हमारी संस्कृति की पहचान: भवतरण राय
Sat, 21 Feb 2026 07:09 PM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, मेरठ
संवाद न्यूज एजेंसी, मेरठ
Updated Sat, 21 Feb 2026 07:09 PM IST
विज्ञापन
शकुंतला कॉलोनी मे अंतर्राष्ट्रीय बांग्ला भाषा दिवस मनाते बंगाली समाज के लोग स्रोत संवाद
शकुंतला कॉलोनी में भारत बंगाली समन्वय समिति ने अंतरराष्ट्रीय मातृभाषा दिवस मनाया
हस्तिनापुर। कस्बे की शकुंतला कॉलोनी में निखिल भारत बंगाली समन्वय समिति की ओर से अंतरराष्ट्रीय मातृभाषा दिवस मनाया गया। कार्यक्रम में बांग्ला भाषा के महत्व, उसके सांस्कृतिक योगदान और मातृभाषा के संरक्षण पर जोर दिया गया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता जिलाध्यक्ष भवतरण राय निधिर ने की। उन्होंने कहा कि बांग्ला मातृभाषा हमारी पहचान और संस्कारों की आधारशिला होती है। बांग्ला भाषा ने साहित्य, संगीत और कला के क्षेत्र में विश्व पटल पर अपनी विशिष्ट पहचान बनाई है। हमें अपनी मातृभाषा के सम्मान और संरक्षण के लिए सदैव प्रयासरत रहना चाहिए। प्रमोद मंडल ने कहा कि मातृभाषा केवल संवाद का माध्यम नहीं, बल्कि संस्कृति और परंपरा की वाहक भी है। डॉ नकुल मंडल ने कार्यक्रम में सभी बंगाली समाज के लोगों को मातृभाषा के संरक्षण और नई पीढ़ी को उससे जोड़ने का संकल्प दिलाया। इस अवसर पर , बसंत गाइन, माधव सरकार, सुधांशु मंडल, संजय मंडल, निशिकांत, विमल सरकार, डॉ. स्वरूप मंडल, सहित अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
विज्ञापन
हस्तिनापुर। कस्बे की शकुंतला कॉलोनी में निखिल भारत बंगाली समन्वय समिति की ओर से अंतरराष्ट्रीय मातृभाषा दिवस मनाया गया। कार्यक्रम में बांग्ला भाषा के महत्व, उसके सांस्कृतिक योगदान और मातृभाषा के संरक्षण पर जोर दिया गया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता जिलाध्यक्ष भवतरण राय निधिर ने की। उन्होंने कहा कि बांग्ला मातृभाषा हमारी पहचान और संस्कारों की आधारशिला होती है। बांग्ला भाषा ने साहित्य, संगीत और कला के क्षेत्र में विश्व पटल पर अपनी विशिष्ट पहचान बनाई है। हमें अपनी मातृभाषा के सम्मान और संरक्षण के लिए सदैव प्रयासरत रहना चाहिए। प्रमोद मंडल ने कहा कि मातृभाषा केवल संवाद का माध्यम नहीं, बल्कि संस्कृति और परंपरा की वाहक भी है। डॉ नकुल मंडल ने कार्यक्रम में सभी बंगाली समाज के लोगों को मातृभाषा के संरक्षण और नई पीढ़ी को उससे जोड़ने का संकल्प दिलाया। इस अवसर पर , बसंत गाइन, माधव सरकार, सुधांशु मंडल, संजय मंडल, निशिकांत, विमल सरकार, डॉ. स्वरूप मंडल, सहित अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
विज्ञापन