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लोकसभा चुनाव-2019 से पहले पश्चिमी यूपी में दंगा भड़काने की कोशिश, रची जा रही ये साजिश!

Tue, 28 Aug 2018 10:36 AM IST
यूपी डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
यूपी डेस्क, अमर उजाला, मेरठ Updated Tue, 28 Aug 2018 10:36 AM IST
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before Lok Sabha elections 2019 conspiracy to spoil the atmosphere in western UP
मेरठ न्यूज - फोटो : अमर उजाला

क्या पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिलों में तनाव की बयार में 2019 के लोकसभा चुनाव की फसल पकाने की तैयारी चल रही है? भावनाएं भड़काने और छोटे विवादों को तूल देने की साजिशें चल पड़ी हैं। कहीं धार्मिक स्थल पर मांस फेंककर तो कहीं झगड़ों को जातीय संघर्ष का रूप देकर। छोटी-छोटी आपराधिक घटनाओं को तूल देने में भी कसर नहीं छोड़ी जा रही है। विपक्ष दलों का मुद्दा भी अब विकास नहीं, बल्कि आपराधिक मामले बनने लगे हैं। आखिर कौन है जो अमन को पलीता लगाना चाहते हैं? जिलों का खुफिया तंत्र इसकी रिपोर्ट शासन को भेज चुका हैं। सुरक्षा एजेंसियों ने भी अपना नेटवर्क फैलाना शुरू कर दिया। शासन ने भी पुलिस प्रशासन को अलर्ट रहने के निर्देश दिए हैं। जानें कैसे की जा रही हैं दंगे भड़काने की कोशिशें:-

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छोटी घटनाओं को दिया जा रहा तूल

मेरठ, मुजफ्फरनगर, सहारनपुर, शामली, बागपत  बिजनौर में पिछले एक महीने में जातीय संघर्ष, सांप्रदायिक व धार्मिक स्थल पर मांस फेंकने की घटना सबसे ज्यादा हुई। इन घटनाओं में राजनीति हस्तक्षेप भी बहुत हुआ है। इसको लेकर दंगा भड़काने में कोई कसर भी नहीं छोड़ी। सोशल साइट पर लोगों ने एक दूसरे पर खूब कीचड़ उछाला। पुलिस के सामने सबसे बड़ी चुनौती कानून व्यवस्था कायम रखना है। कई गांव में एक-एक माह से पुलिस, पीएसी और आरएएफ तैनात है। पुलिस को अंदेशा कि कई गांवों में जातीय संघर्ष और सांप्रदायिक तनाव हो सकता है।

दुष्कर्म के बाद जातीय संघर्ष
सरधना में सात साल की बच्ची से दुष्कर्म के मामले में जातीय संघर्ष, गंगानगर के उल्देपुर में दलित छात्र की हत्या के बाद जातीय संघर्ष, कोतवाली में स्कूटी न हटाने पर सांप्रदायिक तनाव की घटना हुई। तीनों जगह पर पुलिस का पहरा लगा है। वहीं, बकरीद के बाद धार्मिक स्थल पर मांस फेंकने की घटना हुई। ब्रह्मपुरी क्षेत्र के पूर्वा इलाही बख्श मंदिर में, लिसाड़ीगेट के फतेहउल्लापुर में प्राचीन शिव मंदिर और नौचंदी मैदान में प्राचीन मंदिर में मांस फेंका गया। जिससे तनाव की स्थिति बनी। इसके अलावा कई छोटी-छोटी घटनाओं को तनाव पैदा करने के लिए तूल दिया गया। 

एडीजी मेरठ जोन  प्रशांत कुमार के अनुसार छोटी-छोटी घटनाओं को लेकर तूल देने की कोशिश चल रही है। इसको लेकर पुलिस अलर्ट है। मेरठ समेत जोन के सभी थानेदारों को निर्देश दिए है कि हर घटनाओं पर अधिकारी खुद जाएं। जातीय संघर्ष व सांप्रदायिक तनाव की स्थिति नहीं होने देंगे।

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माहौल बिगाड़ने की कोशिश

before Lok Sabha elections 2019 conspiracy to spoil the atmosphere in western UP
मेरठ न्यूज - फोटो : अमर उजाला

सहारनपुर व बिजनौर जिलों में भी माहौल बिगाड़ने का लगातार प्रयास हो रहा है। पहले पिंजौरा के रविदास मंदिर में मूर्तियां खंडित कर दी गईं। अब 24 अगस्त की रात को ग्राम मवीकलां स्थित शिव मंदिर के सामने मांस के टुकड़े फेंके गए। तनाव पसरा तो पुलिस ने उन्हें हटवा दिया और दोनों समुदायों के लोगों के साथ बैठक कर हिदायत भी दी।
 
25 अगस्त को एक बार फिर देहात कोतवाली के गांव लाडवा के युवकों ने सोशल मीडिया पर धर्म विशेष की भावनाओं को भड़काने वाला एक फोटो वायरल किया। जिससे गांव में रोष व्याप्त हो गया। पुलिस ने दोनों युवकों को गिरफ्तार कर जेल भेजा। हालांकि एसपी सिटी प्रबल प्रताप सिंह का कहना है कि असामाजिक तत्वों की हरकतों को नजरंदाज नहीं किया जा सकता, लेकिन माहौल बिगाड़ने जैसी कोई बात नहीं हुई। 

वहीं बिजनौर में बकरीद के बाद नहटौर के मोहल्ला जोशियान, कासमपुर लेखराज में चामुंडा मंदिर के पास तालाब में माहौल बिगाड़ने के लिए पशुओं के अवशेष डाले गए। इसे लेकर मौहाल गर्म हो गया और अब तक लोगों में भारी रोष है। नहटौर थाने के प्रभारी निरीक्षक अजय कुमार के मुताबिक उन्हें ऐसी कोई जानकारी नहीं है, जबकि इलाके में सब को इस बारे में मालूम है और गांव वालों ने उन्हें ज्ञापन भी दिया है।

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सार्वजनिक स्थलों में फेंके जा रहे मांस के टुकड़े

मुजफ्फरनगर। लगातार माहौल बिगाड़ने का कुत्सित प्रयास किया जा रहा है। इसके लिए एक तरफ जहां धर्मस्थल और सार्वजनिक स्थलों में मांस के टुकड़े, अवशेष फेंके जा रहे हैं, वहीं दूसरी ओर सोशल मीडिया पर एक-दूसरे समुदाय पर आपत्तिजनक टिप्पणी कर माहौल को बिगाड़ने की कोशिश की जा रही है। इसके अलावा, जातिगत संघर्ष को भी लगातार बढ़ावा दिया जा रहा है। 

बकरीद के अगले ही दिन जहां शहर के मोहल्ला अंबा विहार, आवास विकास कॉलोनी व योगेंद्रपुरी में लोगों के घरों के बाहर व सड़क पर मांस के टुकड़े व अवशेष फेंक दिए गए, वहीं छपार में भी बीच राह मांस के लोथड़े मिले थे। इसके अलावा, पुरकाजी के मोहल्ला झोझियान में भी धर्मस्थल के बाहर मांस के टुकड़े व खून बिखरा मिला था, जिसको लेकर लोगों ने हंगामा किया था। 

मीरापुर में कुछ लोगों ने सरेराह कुर्बानी देने का प्रयास किया, जिससे माहौल तनावपूर्ण हो गया था। पुलिस द्वारा दो लोगों को हिरासत में लेकर कुर्बानी अंदर घरों में कराने पर लोग शांत हुए थे। वहीं, वर्ग विशेष की भावनाओं को भी भड़काते हुए शहर में दो बार बवाल कराने का प्रयास किया जा चुका है। मामले में एसएसपी अनंतदेव तिवारी का कहना है कि इस तरह की घटनाओं पर विशेष नजर रखते हुए शांति व्यवस्था कायम रखने पर जोर दिया जा रहा है। अफवाह फैलाने वाले लोगों को चिह्नित किया जा रहा है, जिनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

यहां भी ऐसी ही घटनाएं

शामली में माहौल बिगाड़ने की साजिश के तहत शरारती तत्वों द्वारा धर्मस्थल पर मांस के टुकड़े फेंकने की दो घटनाएं सामने आईं। दोनों ही घटनाएं बाबरी गांव में हुई। 22 अगस्त को एक धर्मस्थल में मांस के टुकड़े फेंके गए। इसको लेकर हिंदू संगठन के लोगों ने रोष व्यक्त किया था। वहीं, इसके अगले दिन गांव बाबरी में ही धर्मस्थल में मांस के टुकड़े फेंक दिए गए। पुलिस ने हिंदू संगठन के दो लोगों को हिरासत में भी लिया था, जिस कारण बाबरी में व्यापारियों ने बाजार बंद रख कर प्रदर्शन किया था। पुलिस ने दोनों समुदाय के लोगों के बीच बैठक करके माहौल को शांत बनाए रखने के लिए समझाया। बाबरी थाना पुलिस ने अज्ञात आरोपी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि घटना के पीछे किसी शरारती तत्व का हाथ है। दोनों मामलों की जांच की जा रही है।

गोवंश के अवशेष मिले
बागपत जिले में कई जगह गोवंश के अवशेष मिल चुके हैं, जिनसे माहौल खराब करने की कोशिश की जा रही है। सोमवार को  फैजपुर निनाना गांव के जंगल में दो गोवंश के अवशेष मिलने से ग्रामीणों में आक्रोश व्याप्त हो गया। नाराज ग्रामीणों ने हंगामा किया। पुलिस ने लोगों को समझा कर शांत किया। जेसीबी मशीन से गड्ढा खुदवाकर अवशेष को मिट्टी में दबवाया। किसान उम्मेद सिंह ने मुकदमा दर्ज कराया है। बकरीद से पहले दिल्ली-सहारनपुर हाइवे पर गेस्ट हाउस के पास गोवंश कटान किया गया था, जिसके विरोध में हिंदू संगठनों ने हंगामा किया। एसपी जयप्रकाश का कहना है कि धार्मिक स्थलों में गोमांस फेंकने का कोई मामला नहीं आया है। गोवंश कटान के जो मामले सामने आए हैं, उनके आरोपियों की गिरफ्तारी की जा रही है।

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