बीयर और बेसन के घोल से फूल रहे कुर्बानी के बकरे, जान लें ये जरूरी बातें
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
ईदुल-अज़हा पर हापुड़ रोड स्थित गुलमर्ग सिनेमा के पास सजी बकरा मंडी में व्यापारी तरह-तरह के हथकंडे अपना रहे हैं। कुर्बानी के बकरों को स्वस्थ और मोटा दिखाने के लिए कहीं उन्हें बीयर तो बेसन का घोल पिलाकर फुलाया जा रहा है।
इस मंडी में हरियाणा, पंजाब, राजस्थान, जयपुर, मेवात, अजमेर, मथुरा, गुलावठी और स्थानीय व्यापारियों ने डेरा डाला हुआ है। बकरे ग्राहकों को पहली नजर में पसंद आ जाएं, इसके लिए व्यापारी बकरों को मोटा करने के लिए दो दिनों तक भूखा रखते हैं। जिसके बाद मंडी में ले जाने से पहले कुछ व्यापारी जहां बकरों को भरपेट बीयर पिला रहे हैं, तो कुछ बकरों को फुलाने के लिए बेसन के पानी का इस्तेमाल कर रहे हैं। दूसरी ओर अधिकांश व्यापारी बकरों को भैंस का दूध और चने खिलाकर मोटा और स्वस्थ बनाते हैं।
तोतापरी की धूम
मंडी में राजस्थान तोतापरी, मेवाती, अजमेरी और पहाड़ी नस्लों के बकरे भारी संख्या में हैं। जिनमें तोतापरी की सबसे ज्यादा धूम है। बकरों के अलावा पहाड़ी और देशी भेड़ भी कुर्बानी के लिए लाई जा रही हैं।
मंडी में सूरज, सुल्तान और शेरू
स्थानीय व्यापारी याकूब के अनुसार मंडी में उनके जुड़वां बकरे सूरज और सुल्तान भी हैं। जिनकी उम्र दो साल और दोनों का वजन तीन सौ किलो होने का दावा किया गया। इन तोतापरी नस्लों के जुड़वा बकरों की कीमत 3 लाख 51 हजार रुपये है। रुस्तम नाम के एक बकरे की उम्र 1 साल और वजन करीब 100 किलो बताया गया। इसकी कीमत 1.20 लाख रुपये बतायी गई। फलावदा के व्यापारी नूर मोहम्मद के अनुसार शेरू नाम के बकरे की उम्र 2 साल और वजन 100 किलो से ज्यादा है। मेवाती नस्ल का यह बकरा देखने में बेहद खूबसूरत है। कीमत डेढ़ लाख रुपये है। शेरू के साथ बच्चों ने सेल्फी भी ली।
शैंपू से चमकते बाल
बकरों में चमक लाने के लिए उन्हें मंडी में लाने से पहले शैंपू से नहलाया जा रहा है। पशु व्यापारियों के अनुसार चुनिंदा बकरों को चमकाने में 10 शैंपू तक लग जाते हैं। इससे बकरे के शरीर के बाल मुलायम हो जाते हैं।
मंडी में रोजाना बिकते पांच हजार बकरे
गुलमर्ग बकरा मंडी के हाजी रफीक बताते हैं कि इन दिनों मंडी में रोज करीब 5 हजार बकरों की बिक्री होती है। मंडी में 5 हजार रुपये से लेकर डेढ़ लाख रुपये की कीमत के बकरे मौजूद हैं। औसतन मंडी में रोज करीब पांच करोड़ के बकरे बिक जाते हैं।
बीयर पिलाना गलत
शहर काजी जैनुस साजिद्दीन का कहना है कि ईदुल-अज़हा पर कुर्बानी के लिए बकरे की उम्र एक साल से कम नहीं होनी चाहिए। बकरा पूरी तरह स्वस्थ हो। अगर कोई व्यापारी बकरों को बीयर पिलाता है तो वो गलत है। ऐसा करने पर व्यापारियों को गुनाह मिलेगा। लेकिन कुर्बानी करने वालों का इससे कोई तकाज़ा नही है।
शहर से लेकर देश तक की ताजा खबरें व वीडियो देखने लिए हमारे इस फेसबुक पेज को लाइक करें
https://www.facebook.com/AuNewsMeerut/