मेरठ : रैपिड रेल के निर्माण कार्य की रफ्तार रोक रहा धार्मिक स्थल, डीएम को लिखा पत्र
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रैपिड रेल का निर्माण कार्य इन दिनों तेजी से चल रहा है, लेकिन इस काम में रिठानी स्थित पीर मजार बाधा बन रहा है। इसके चलते मुख्य परियोजना प्रबंधक, मोदीनगर आरपी कौशर ने जिलाधिकारी को पत्र लिखकर मजार को शिफ्ट कराने का अनुरोध किया है।
रैपिड रेल प्रोजेक्ट शुरू करने के साथ ही मेरठ दिल्ली मार्ग पर यातायात का संचालन भी सुचारु रूप से हो, इसके मद्देनजर मार्ग को चौड़ा किया जा रहा है। निर्माण में रिठानी में मुख्य मार्ग की पटरी पर करीब चालीस साल पहले बना रिठानी पीर आड़े आ रहा है। यह पीर अतिरिक्त बनाई जा रही लेन के बीचोंबीच है।
इस मामले में मुख्य परियोजना प्रबंधक, मोदीनगर आरपी कौशर ने जहां डीएम मेरठ को पत्र लिखते हुए पीर अन्यत्र स्थानांतरित करने का अनुरोध किया है। वहीं डीएम ने कार्रवाई के लिए एसीएम तृतीय को जिम्मेदारी दी है।
जमीन मिलना है मुश्किल
कोई भी धार्मिक स्थल पीछे की तरफ शिफ्ट हो सकता है, लेकिन जहां पर मजार है, उसके आसपास कोई ऐसी जगह नजर नहीं आ रही है जहां पर पीर को शिफ्ट किया जा सके। ऐसे में यह पीर प्रशासन के गले की फांस बन सकता है।
दो मिनट 55 सेकेंड के वीडियो में यमुना से गुलधर तक का सफर
समय-समय पर राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र परिवहन निगम की ओर से ड्रोन से वीडियोग्राफी की जा रही है। इसी क्रम में दो मिनट 55 सेकेंड का वीडियो अपलोड किया गया है। इसमें दिल्ली यमुना ब्रिज से लेकर गुलधर तक चल रहे कार्य को ड्रोन से दिखाया गया। इसमें दिखाया गया है कि 2023 तक साहिबाबाद से दुहाई तक रैपिड रेल का संचालन संभव है।
वीडियो में साफ दिखाया गया है कि रैपिड रेल यमुना, हिंडन नदी के ऊपर से गुजरती हुई साहिबाबाद, गाजियाबाद, मेरठ तक पहुंचेगी। इसके अलावा बीच-बीच में कई रेलवे के पुल भी आएंगे। उनके ऊपर से भी रैपिड रेल का ट्रैक बनाया जाएगा। इसके अलावा मेरठ में परतापुर इंटरचेंज के ऊपर से रैपिड रेल को गुजारा जाएगा। इसके लिए पहले ही एनसीआरटीसी की तरफ से तैयारियों को किया जा चुका है।
मेरठ में भी पिलर का निर्माण तेज
परतापुर फ्लाईओवर से आगे मेरठ शहर की तरफ एनसीआरटीसी द्वारा पिलर का निर्माण काफी तेजी से चल रहा है। शताब्दीनगर में कई पिलर आकार लेने लगे हैं। अगले कुछ दिनों में इन्हें आपस में जोड़ने का कार्य शुरू कर दिया जाएगा। मोहिउद्दीनपुर में भी कार्य तेज हैं। अमर उजाला कार्यालय के सामने भी पिलर खड़े होने शुरू हो गए हैं। यहां पिछले चार महीनों से पाइल लोड टेस्ट का कार्य दिन-रात किया जा रहा है।