तब्लीगी जमात का विवाद निपटाएंगे बांग्लादेश और पाकिस्तान के उलमा
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सहारनपुर के तब्लीगी जमात के मरकज को लेकर चल रहे विवाद की गूंज दूसरे मुल्कों तक पहुंच गई है। पड़ोसी मुल्क पाकिस्तान और बांग्लादेश के प्रमुख उलमा विवाद का निपटारा कराने के लिए 23 जनवरी को भारत पहुंचेंगे। ये दारुल उलूम देवबंद और दिल्ली में जमात के मरकज में पहुंचकर उलमा से वार्ता करेंगे।
दो गुटों में बंटे हजरत निजामुद्दीन में स्थित तब्लीगी जमात के मरकज और इसके अमीर मौलाना साद कांधलवी को लेकर चल रहे विवाद को लेकर कुछ दिन पहले दारुल उलूम कराची में उलमा की बैठक हुई थी। इस मामले में दारुल उलूम के सख्त रुख को देखते हुए पाकिस्तान और बांग्लादेश के उलमा ने भारत आकर विवाद को समाप्त कराने का मन बना लिया है।
23 जनवरी को दोनों मुल्कों के उलमा भारत पहुंचेंगे। विदेशी उलमा के भारत आने की पुष्टि दारुल उलूम के एक पदाधिकारी ने की है। खुफिया विभाग के सूत्रों ने भी बांग्लादेश से आने वाले उलमा के दल की पुष्टि की है। जो 23 जनवरी को भारत पहुंचेगा, जबकि पाकिस्तान से आने वाले दल के बारे में उनका कहना है कि जानकारी मिली है कि एक या दो दिन में यह दल भी भारत पहुंच सकता है।
18 मार्च 2014 को तब्लीगी जमात के अमीर मौलाना जुबैर के इंतकाल के बाद मौलाना साद ने बिना मैनेजमेंट की अनुमति खुद को जमात का अमीर घोषित कर दिया था। इसको लेकर पूरे देश के अंदर जमात के दो गुट बने हुए हैं।
इसको बढ़ावा उस समय मिला जब मौलाना साद कांधलवी पर आरोप लगे कि वह इज्तिमा में दीन इस्लाम की गलत व्याख्या कर रहे हैं। पिछले दिनों दारुल उलूम ने एक अन्य बयान जारी कर तब्लीगी जमात के दोनों गुटों से किसी भी प्रकार का ताल्लुक होने से इंकार करते हुए संस्था के भीतर जमात की गतिविधियों पर पाबंदी लगा दी थी।
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