मेरठ बार एसोसिएशन की मतगणना पर रोक: तीन सदस्यीय समिति करेगी जांच, चार प्रत्याशियों की शिकायत पर लिया संज्ञान
मेरठ बार एसोसिएशन की मतगणना के दौरान कानपुर जैसी घटना की पुनरावृत्ति की आशंका को देखते हुए बार काउंसिल ऑफ यूपी के अध्यक्ष शिरीष कुमार महरोत्रा के आदेश पर मतगणना अग्रिम आदेश तक रोक दी गई है। जिला जज व जिलाधिकारी को भी इस संबंध में पत्र लिखा गया है।
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मेरठ बार एसोसिएशन की प्रबंध समिति के चुनाव की मतगणना अग्रिम आदेशों तक रोक दी गई है। चुनाव में में गड़बड़ी का आरोप लगने के मामले में संज्ञान लेते हुए बार काउंसिल ऑफ यूपी के अध्यक्ष शिरीष कुमार महरोत्रा के आदेश पर मतगणना अग्रिम आदेश तक रोक दी गई है। निर्देश दिए गए हैं कि इस बीच यदि किसी अधिवक्ता ने कोई अनियमितता व अनुशासनहीनता की तो कार्रवाई की जाएगी। इस संबंध में जिला जज व जिलाधिकारी मेरठ को भी पत्र लिखा गया है कि मतपत्रों को पुलिस अभिरक्षा में रखवा लें, ताकि किसी भी अप्रिय घटना से बचा जा सके।
बार काउंसिल ऑफ यूपी के अध्यक्ष शिरीष कुमार महरोत्रा ने बलवंत सिंह, अजय कुमार शुक्ला और अजय यादव की एक तीन सदस्यी विशेष जांच समिति गठित की है। यह समिति एक सप्ताह में अध्यक्ष को रिपोर्ट भेजेगी। वहीं बार काउंसिल ऑफ यूपी के सदस्य रोहिताश्व अग्रवाल ने स्थानीय होने के नाते जांच समिति में शामिल न होने का अनुरोध किया है।
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दरअसल, मेरठ बार एसोसिएशन की प्रबंध समिति के चुनाव में गड़बड़ी का आरोप लगाते हुए चार प्रत्याशियों ने उत्तर प्रदेश बार काउंसिल को चिट्ठी लिखी थी। बार काउंसिल के सदस्य रोहिताश्व अग्रवाल ने भी पत्र लिखते हुए एल्डर्स कमेटी अध्यक्ष और महामंत्री को अविलंब आवश्यक दिशा-निर्देश जारी करने की मांग की थी। इससे पहले रविवार को शाम पांच बजे तक 1600 मतों की गिनती की घोषणा करते हुए चुनाव अधिकारियों ने शेष मतों की गणना सोमवार को करने की घोषणा कर दी।
चुनाव अधिकारी चौधरी नरेंद्र पाल सिंह ने बताया कि रविवार सुबह नौ बजे से मतगणना पंडित नानक चंद सभागार और दाताराम सिंगल लाइब्रेरी में चुनाव अधिकारियों और एल्डर्स कमेटी की देखरेख में हुई। मतगणना शाम पांच बजे तक चली। इस दौरान 2822 मतों में से 1600 मतों की ही गिनती पूरी हो पाई। एसोसिएशन में कनिष्ठ कार्यकारिणी सदस्यों के चुनाव के लिए मतगणना का कार्य पुराने बार हॉल में किया गया। दूसरी तरफ मतगणना में किस उम्मीदवार को कितने मत प्राप्त हुए इसकी जानकारी मुख्य चुनाव अधिकारी द्वारा नहीं दी गई।
आई पुलिस तो बढ़ गया आक्रोश
रविवार को मतगणना समाप्त होने पर कुछ अधिवक्ताओं ने मतगणना में धांधली होने का आरोप लगाया जिसके चलते कुछ समय के लिए पंडित नानक चंद सभागार के बाहर व अंदर हंगामे की स्थिति उत्पन्न हुई। हंगामा होते हुए देख पंडित नानक चंद सभागार में पुलिस को बुला लिया, इस पर अधिवक्ताओं ने बेहद आक्रोश जताया। इसके चलते पुलिस को हाल से बाहर जाना पड़ा। कुछ अधिवक्ताओं द्वारा चुनावी मंडल व एल्डर्स कमेटी को प्रार्थना पत्र देकर मतगणना शुरू से कराए जाने की मांग की। इस पर भी कोई निर्णय रविवार को नहीं लिया गया।
आरोप: गिने 1919 मत, घोषित किए सिर्फ 1600
बार एसोसिएशन अध्यक्ष पद के उम्मीदवार जितेन्द्र सिंह बना, सुशील कुमार गुप्ता और महामंत्री पद के प्रत्याशी परवेज आलम एवं अनुज कुमार शर्मा ने उप्र बार काउंसिल को पत्र लिखकर बड़े सवाल खड़े किए हैं। इनका आरोप है कि रविवार को शाम पांच बजे तक दो टेबल पर मतगणना हुई। पहली टेबल पर 1000 मतपत्रों की गिनती हुई तो दूसरी टेबल पर 1919 मतपत्र गिने गए।
आरोप है कि इनकी जगह जल्दबाजी में केवल 1600 मतों का परिणाम जल्दबाजी में घोषित कर दिया गया। इसमें निरस्त मतपत्रों की संख्या भी नहीं बताई गई। प्रत्याशियों के एजेंट जबरन बाहर निकाल दिए गए। इससे पहले व्हाट्सएप पर भी 1550 मतों की गिनती का ब्योरा जारी किया गया। तीनों प्रत्याशियों का आरोप है कि 218 लोगों से गलत ढंग से मतदान कराया गया। फोटोयुक्त मतदाता सूची भी प्रत्याशियों को नहीं दी गई।
जताई संगीन वारदात की आशंका
बार काउंसिल ऑफ यूपी के सदस्य रोहिताश्व अग्रवाल ने चेयरमैन को पत्र लिखते हुए प्रत्याशियों के प्रत्यावेदनों का हवाला दिया है। अग्रवाल ने लिखा है कि मतगणना के दौरान मेरठ बार एसोसिएशन के सदस्यों के बीच एल्डर्स कमेटी के विरुद्ध आक्रोश है। इससे कोई भी संगीन वारदात होने की प्रबल आशंका है। अगर त्वरित कार्रवाई नहीं की गई तो कानपुर जैसी घटना की पुनरावृत्ति की आशंका है। इसी आशंका को देखते हुए मतगणना को अग्रिम आदेशों तक रोक दिया गया है।