गंगानगर। एनएच 34 स्थित बहचौला गांव में सरकारी गोशाला का बुरा हाल है। अंदर गंदगी, कीचड़ फैली है। कई पशु भी बीमार हालत में मिले। गोरक्षा दल के सदस्यों का कहना है कि ग्राम प्रधान मोंटी कुमार ने कहा है कि गोशाला के देखरेख की उनकी जिम्मेदारी नहीं है।
शुक्रवार को गोरक्षा सेवा दल और सरयू वेलफेयर सोसाइटी से सोनिया, स्वप्नित, शिवम, आदित्य, कृष आदि बहचौला गांव स्थित गोशाला में पहुंचे, तो पूरे प्रांगण में कीचड़ और पानी भरा था। करीब 55 पशुओं को चारे के नाम पर सूखा भूसा खिलाया जा रहा था। शिवम के मुताबिक टिन शेड में 2 बछड़े बीमार हालत में मिले। शिकायतकर्ताओं का कहना है कि मौके पर पहुंचे डायल 112 के पुलिसकर्मियों ने ग्राम सचिव अंशुल पुंडीर से बात करने प्रयास किया, तो उन्होंने कोई सही जवाब नहीं दिया। संस्था पदाधिकारियों द्वारा इस मामले को शिकायत जिलाधिकारी और मुख्यमंत्री पोर्टल पर करने की बात कही गई है। ग्राम सचिव अंशुल पुंडीर ने बताया कि एक सप्ताह पहले ही गोशाला में सफाई कराई थी। बारिश होने के कारण यहां पानी भर गया है। फिर से सफाई कराई जाएगी। बीमार गोवंश का उपचार किया जा रहा है। इस संबंध में ग्राम प्रधान से भी बात की जाएगी।