सपा को झटका: पत्ता कटने के डर से आसपा में गए बाबर चौहान, किठौर सीट पर हलचल तेज, शाहिद मंजूर के लिए चुनौती
मेरठ की किठौर विधानसभा सीट पर सियासी हलचल तेज हो गई है। समाजवादी छात्रसभा के राष्ट्रीय महासचिव बाबर चौहान खरदौनी के आजाद समाज पार्टी में शामिल होने से सपा विधायक शाहिद मंजूर की चुनौती बढ़ने की चर्चा है।
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मेरठ की किठौर विधानसभा सीट पर राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। समाजवादी छात्रसभा के राष्ट्रीय महासचिव रहे बाबर चौहान खरदौनी के आजाद समाज पार्टी में शामिल होने के बाद सियासी चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है। माना जा रहा है कि यदि उन्हें किठौर से टिकट मिला तो वह सपा के मौजूदा विधायक शाहिद मंजूर के लिए चुनौती बन सकते हैं।
सपा के टिकट पर चुनाव लड़ने की थी तैयारी
सपा सूत्रों के अनुसार बाबर चौहान किठौर विधानसभा सीट से समाजवादी पार्टी के टिकट पर चुनाव लड़ना चाहते थे। हालांकि इस सीट से मौजूदा विधायक शाहिद मंजूर पार्टी के प्रमुख दावेदार माने जा रहे हैं। बताया जा रहा है कि टिकट कटने की आशंका के चलते बाबर चौहान ने पार्टी बदलने का फैसला लिया और आजाद समाज पार्टी का दामन थाम लिया।
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किठौर सीट पर बढ़ सकती है सियासी टक्कर
राजनीतिक जानकारों का कहना है कि यदि बाबर चौहान को आजाद समाज पार्टी से किठौर का टिकट मिल जाता है तो मुकाबला और रोचक हो सकता है। पिछली बार इस सीट पर शाहिद मंजूर ने भारतीय जनता पार्टी के सत्यवीर त्यागी को कड़े मुकाबले में केवल 2180 मतों से हराया था।
उस चुनाव में शाहिद मंजूर को 42.19 प्रतिशत और सत्यवीर त्यागी को 41.33 प्रतिशत मत मिले थे। किठौर क्षेत्र में मुस्लिम मतदाताओं की संख्या अधिक मानी जाती है, ऐसे में नए समीकरण चुनाव को प्रभावित कर सकते हैं।
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बाबर चौहान ने कही यह बात
इस मामले में बाबर चौहान का कहना है कि वह लंबे समय तक समाजवादी पार्टी से जुड़े रहे और पार्टी के आंदोलनों में सक्रिय भूमिका निभाई। उन्होंने कहा कि वह कई आंदोलनों के दौरान जेल भी गए, लेकिन पार्टी ने उन्हें उस तरह आगे नहीं बढ़ाया जैसा बढ़ाया जाना चाहिए था। उन्होंने कहा कि उनका किसी से कोई मनमुटाव नहीं है, लेकिन राजनीति में आगे बढ़ने के लिए समय-समय पर निर्णय लेने पड़ते हैं।