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बारिश से सड़कें समुद्र, गलियां बनी नदियां  

Sat, 28 Jul 2018 10:18 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
अमर उजाला ब्यूरो Updated Sat, 28 Jul 2018 10:18 AM IST
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baarish se sarke samundra, galia bani nadia
फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
अपने आगमन से एक दिन पहले ही जमकर बरसे सावन से सड़कें समुद्र सरीखी तो गलियां नदियां बन गईं। इंद्र देव भी कुछ इस कदर मेहरबान हुए कि बारिश ने 32 साल का रिकॉर्ड तोड़ दिया। बृहस्पतिवार देर रात से शुक्रवार दोपहर तक बदरा जमकर बरसे। जनजीवन भी अस्तव्यस्त होकर रह गया। मौसम कार्यालय पर बारिश 146.8 मिमी रिकॉर्ड की गई। मौसम विज्ञानियों के अनुसार आगामी 48 घंटों में मानसून सक्रिय रहेगा।
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बीते तीन दिनों से रही बारिश ने लोगों को गर्मी से तो राहत दिला दी। लेकिन जलभराव से अब समस्याएं खड़ी होने लगी हैं। शुक्रवार को तो झमाझम बारिश से लोगों को घरों में कैद रहना पड़ा। हालात यह थे कि शहर के अधिकांश हिस्से टापू में बदल गए। चारों तरफ दूर तक पानी ही पानी दिखा। हाईवे पर भी वाहनों की रफ्तार धीमी पड़ गई। लेकिन तापमान सामान्य से नीचे आ गया। मौसम कार्यालय पर अधिकतम तापमान 26.8 डिग्री व न्यूनतम तापमान तापमान 24.0 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया। अधिकतम आर्द्रता 100 व न्यूनतम 98 प्रतिशत दर्ज की गई। 
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भारतीय कृषि प्रणाली अनुसंधान संस्थान के मौसम वैज्ञानिक डॉ. एन सुभाष का कहना है कि अभी मानसूनी सिस्टम से बारिश का असर बना रहेगा। तीन दशक में जुलाई माह में सबसे अधिक 372 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई है। बारिश का असर अगले 48 घंटे तक रहेगा।  
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32 साल में जुलाई माह में हुई बारिश  
वर्ष       मिमी  
1987     305  
1988     175.6  
1989      220.8 
1990    210.7  
1991    163.7  
1992    127.3 
1993    305.5 
1994    339 
1995    70.6 
1996    192.6 
1997     208.6 
1998     360.8 
1999     215.5 
2000     347.0  
2001      179.3 
2002      93.0  
2003      57.0  
2004      100.0  
2005      276.7  
2006      216.0  
2007       96.5 
2008       177.0  
2009     260.1  
2010     360 
2011      264.8  
2012     139.8  
2013     174.6  
2014      175.5  
2015      164.3  
2016      323.1  
2017      156.2  
2018       372  

(आंकडे़ आईआईएफएसआर मोदीपुरम से)

टर्फ है इसका कारण
मानसून की एक टर्फ मेरठ से होते हुए हिसार, गंगानगर और वेस्ट यूपी में बनी हुई है, जिस कारण से यहां अच्छी बारिश हो रही है। अभी तक हुई बारिश रिकॉर्ड तोड़ रही है। अंतिम दिनों में भी बारिश का असर बना रहेगा। आगामी 48 घंटे तक भारी बारिश का अलर्ट जारी है। -डॉ. यूपी शाही, मौसम वैज्ञानिक, कृषि विवि
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