सीसीएसयू में सुसाइड: बेहद हसमुख था प्रशांत, रात को दोस्तों संग की मस्ती फिर सुबह चुन ली मौत, साथी गुमसुम
बीटेक तृतीय वर्ष के छात्र अभिषेक प्रताप सिंह ने बताया कि प्रशांत करीब तीन दिन पहले ही अपने घर बनारस से लौटकर आया था। उसकी छठे सेमेस्टर में चार बैक आई थीं, जिसको लेकर परेशान था। उसने पॉलीटेक्निक में डिप्लोमा किया था, जिसमें 89 फीसदी अंक थे।
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अक्सर हंसी-ठिठोली करने वाला सीसीएसयू में बीटेक थर्ड इयर का छात्र प्रशांत पांडेय मंगलवार को दोस्तों को रुलाकर हमेशा के लिए चला गया। अवाक दोस्तों की समझ नहीं आ रहा कि सुबह 9.20 से 10.25 बजे के बीच ऐसा क्या हुआ कि उसने फांसी लगा ली। छात्रों ने बताया प्रशांत काफी मिलनसार था और हमेशा मुस्कराकर ही बात करता था।
बीटेक तृतीय वर्ष के छात्र अभिषेक प्रताप सिंह ने बताया कि प्रशांत करीब तीन दिन पहले ही अपने घर बनारस से लौटकर आया था। उसकी छठे सेमेस्टर में चार बैक आई थी, जिसको लेकर परेशान था। उसने पॉलीटेक्निक में डिप्लोमा किया था, जिसमें 89 फीसदी अंक थे।
पांचवें सेमेस्टर में 76 फीसदी अंक आए थे। जब उसकी छठे सेमेस्टर में चार विषयों में बैक आई तो वह काफी परेशान हो गया। कुछ समय बाद वह अपने घर बनारस चला गया, जहां से तीन दिन पहले लौटकर आया था।
बनारस से लौटकर आने के बाद उसके मन में क्या हलचल थी इसका किसी को पता ही नहीं चला। तीन दिन पहले उसने विभाग के एक प्रोफेसर से बैक को लेकर चर्चा की, जिस पर प्रोफेसर ने स्पेशल बैक के फार्म भरने की सलाह दी तो वह फार्म भरने के लिए राजी हो गया। प्रोफेसर ने कहा था कि चिंता न करे, उत्तीर्ण हो जाएगा।
हॉस्टल के छात्रों ने बताया कि सोमवार की रात को उसने मेस में खाना खाया और फिर रात तक हंसी-ठिठोली करते हुए इधर-उधर की बात करने लगा। मंगलवार की सुबह नाश्ता कर रूम में लौटा तो रूम पार्टनर आदित्य और रिषभ ने क्लास के लिए चलने की बात कही तो उसने मन नहीं होने की बात कहते हुए जाने से इनकार कर दिया। करीब 9.20 बजे आदित्य और रिषभ क्लास के लिए चले गए। दोनों क्लास पहुंचे तो वहां पता चला कि एक कर्मी के पुत्र की असमय मृत्यु होने की वजह से कंडोलेंस कर दी गई है, तो वह करीब 10.25 बजे लौटकर हॉस्टल आ गए। तब घटना का पता चला।
इंजीनियरिंग कॉलेज में असिस्टेंट एकाउंटेंट गुरु प्रसाद पांडेय ने बताया कि प्रशांत उनके मामा का पुत्र था। वह अक्सर उनसे मिलने के लिए आता रहता था। उन्होंने बताया शाम को प्रशांत उनके पास दो बार आया और अपनी कुछ किताब रखकर गया था। उससे पारिवारिक रूप से बातचीत हुई और वह हंसते हुए काफी बातचीत करता था। एक पल के लिए भी ऐसा अहसास नहीं हुआ कि उसने मन में आत्महत्या करने जैसा कोई फैसला भी कर रखा है।
परिवार की हरसंभव मदद करेगा विवि, भाई-बहनों को पढ़ाएंगे: कुलपति
सीसीएसयू की कुलपति प्रो. संगीता शुक्ला कैंपस के छात्र प्रशांत पांडे द्वारा आत्महत्या करने से आहत हैं। नम आंखें और रुंधे गले से उनके मुंह से बस यही निकला ‘प्रशांत के माता-पिता पर क्या बीत रही होगी। इस खबर से मां का क्या हाल हुआ होगा। प्रशांत को ऐसा नहीं करना चाहिए था।’
उन्होंने बताया कि विवि प्रशासन न सिर्फ प्रशांत के परिवार की हरसंभव मदद करेगा बल्कि उसके भाई-बहनों को निशुल्क पढ़ाने के लिए तैयार है। उसकी बहनों का विवि दाखिला करेगा और जहां तक वह पढ़ना चाहेंगे, पढ़ाया जाएगा। कुलपति ने शाम को सभी अधिकारियों की बैठक बुलाकर कहा कि सारे हॉस्टलों में छात्र-छात्राओं की काउंसिलिंग कराएं। ये बेहद दुखद घटना है।