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सड़क हादसे में बीएससी कृषि के छात्र की मौत
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सड़क हादसे में बीएससी कृषि के छात्र की मौत
मेरठ। सरदार वल्लभ भाई पटेल कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के छात्र की सड़क हादसे में मंसूरपुर में मौत हो गई। छात्र की मौत से विवि में शोक छा गया। कार्यक्रम निरस्त कर दिए गए। दो दिन पहले ही मृतक छात्र ने नई बाइक ली थी। कुछ छात्रों का कहना है कि साथियों को बाइक की दावत देने के लिए ही मंसूरपुर तक गए थे। परिजन शव को लेकर देवरिया रवाना हो गए।
देवरिया निवासी आर्मी कमांडेंट एनके रावत जालंधर में तैनात है। उनका बेटा मयंक रावत सरदार वल्लभ भाई पटेल कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय में बीएससी कृषि का द्वितीय वर्ष का छात्र था। वह विवि में ही हॉस्टल टाइप वन ए में रह रहा था। बुधवार रात चार दोस्तों के साथ हॉस्टल से बाहर निकलकर वह मंसूरपुर पहुंच गया। यहां पर मयंक हाईवे पर अपने दोस्तों का इंतजार कर रहा था, इसी दौरान एक एंबुलेंस ने उसके टक्कर मार दी। गंभीर घायल होने पर उसे बेगराज पुर स्थित मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया, जहां डॉक्टरों ने छात्र को मृत घोषित कर दिया।
विवि के कुलपति डॉ. आरके मित्तल को जैसे ही हादसे की जानकारी मिली तो उन्होंने हादसे का हवाला देकर राज्यपाल द्वारा होने वाले कौशल विकास केंद्र के शुभारंभ कार्यक्रम को निरस्त कराया। छात्र की मौत से विवि में गम है।
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विवि हॉस्टल से कैसे निकले छात्र
कृषि विवि के छात्र मंयक रावत की मौत के बाद विवि की हॉस्टल व्यवस्था पर भी सवाल उठे है। हॉस्टल का जिम्मा डीएसडब्लू, चीफ वार्डन और वार्डन का होता है। रात में पांच छात्र हॉस्टल से कैसे बाहर निकल गए। यह जांच का विषय है।
पंजाब लाइन से भी की थी पढ़ाई
कृषि विवि से रजिस्ट्रार डॉ. बीआर सिंह, डॉ. पंकज सिंह व अन्य लोग मुजफ्फरनगर पहुंचे। सैन्यकर्मी भी हादसे की जानकारी मिलते ही पहुंच गए। एनके रावत की पोस्टिंग मेरठ में भी रही है। मंयक ने कक्षा 12 की पढ़ाई मेरठ पंजाब सिख लाइन स्कूल से की है।
बाइक की खुशी में देने गया था दावत
छात्रों ने बताया कि दो दिन पहले ही मंयक ने नई बाइक ली थी, उसी की पार्टी के लिए गए मंसूरपुर तक चले गए थे। जबकि मंयक के साथ गए छात्रों ने विवि प्रशासन को बताया कि एक छात्र को पेट मेंदर्द हो गया था, हाईवे पर दवाई नहीं मिली तो वह मंसूरपुर तक तक चले गए।
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मेरठ। सरदार वल्लभ भाई पटेल कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के छात्र की सड़क हादसे में मंसूरपुर में मौत हो गई। छात्र की मौत से विवि में शोक छा गया। कार्यक्रम निरस्त कर दिए गए। दो दिन पहले ही मृतक छात्र ने नई बाइक ली थी। कुछ छात्रों का कहना है कि साथियों को बाइक की दावत देने के लिए ही मंसूरपुर तक गए थे। परिजन शव को लेकर देवरिया रवाना हो गए।
देवरिया निवासी आर्मी कमांडेंट एनके रावत जालंधर में तैनात है। उनका बेटा मयंक रावत सरदार वल्लभ भाई पटेल कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय में बीएससी कृषि का द्वितीय वर्ष का छात्र था। वह विवि में ही हॉस्टल टाइप वन ए में रह रहा था। बुधवार रात चार दोस्तों के साथ हॉस्टल से बाहर निकलकर वह मंसूरपुर पहुंच गया। यहां पर मयंक हाईवे पर अपने दोस्तों का इंतजार कर रहा था, इसी दौरान एक एंबुलेंस ने उसके टक्कर मार दी। गंभीर घायल होने पर उसे बेगराज पुर स्थित मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया, जहां डॉक्टरों ने छात्र को मृत घोषित कर दिया।
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विवि के कुलपति डॉ. आरके मित्तल को जैसे ही हादसे की जानकारी मिली तो उन्होंने हादसे का हवाला देकर राज्यपाल द्वारा होने वाले कौशल विकास केंद्र के शुभारंभ कार्यक्रम को निरस्त कराया। छात्र की मौत से विवि में गम है।
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विवि हॉस्टल से कैसे निकले छात्र
कृषि विवि के छात्र मंयक रावत की मौत के बाद विवि की हॉस्टल व्यवस्था पर भी सवाल उठे है। हॉस्टल का जिम्मा डीएसडब्लू, चीफ वार्डन और वार्डन का होता है। रात में पांच छात्र हॉस्टल से कैसे बाहर निकल गए। यह जांच का विषय है।
पंजाब लाइन से भी की थी पढ़ाई
कृषि विवि से रजिस्ट्रार डॉ. बीआर सिंह, डॉ. पंकज सिंह व अन्य लोग मुजफ्फरनगर पहुंचे। सैन्यकर्मी भी हादसे की जानकारी मिलते ही पहुंच गए। एनके रावत की पोस्टिंग मेरठ में भी रही है। मंयक ने कक्षा 12 की पढ़ाई मेरठ पंजाब सिख लाइन स्कूल से की है।
बाइक की खुशी में देने गया था दावत
छात्रों ने बताया कि दो दिन पहले ही मंयक ने नई बाइक ली थी, उसी की पार्टी के लिए गए मंसूरपुर तक चले गए थे। जबकि मंयक के साथ गए छात्रों ने विवि प्रशासन को बताया कि एक छात्र को पेट मेंदर्द हो गया था, हाईवे पर दवाई नहीं मिली तो वह मंसूरपुर तक तक चले गए।