फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Meerut News ›   Ayodhya dispute, Maulana Madni says that the decision of Supreme Court will be based on the evidence

अयोध्या विवाद: मौलाना अरशद मदनी बोले- हमें पूर्ण विश्वास, सबूतों के आधार पर होगा फैसला

Fri, 18 Oct 2019 01:31 AM IST
कपिल kapil न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सहारनपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सहारनपुर Published by: कपिल kapil Updated Fri, 18 Oct 2019 01:31 AM IST
विज्ञापन
Ayodhya dispute, Maulana Madni says that the decision of Supreme Court will be based on the evidence
मौलाना सैयद अरशद मदनी - फोटो : अमर उजाला

सुप्रीम कोर्ट में बाबरी मस्जिद-रामजन्मभूमि विवाद में आखिरी सुनवाई होने पर जमीयत उलमा-ए-हिंद के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना सैय्यद अरशद मदनी ने खुशी जाहिर करते हुए कहा कि हमें पूर्ण विश्वास है कि फैसला आस्था की बुनियाद पर न होकर सबूतों के आधार पर होगा।

विज्ञापन


गुरुवार को जारी बयान में मौलाना अरशद मदनी ने तय समय पर सभी पक्षों को सुनने पर सुप्रीम कोर्ट का धन्यवाद किया। मदनी ने कहा कि वक्फ बोर्ड का चेयरमैन सिर्फ वक्फ का संरक्षक होता हैं उसका मालिक नहीं। बाबरी मस्जिद को लेकर मुसलमानों का नजरिया आज भी वही है जिसका जिक्र जमीयत उलमा-ए-हिंद हमेशा से करती आ रही है। उन्होंने कहा कि जो जगह मस्जिद के लिए वक्फ कर दी जाए वो हमेशा मस्जिद ही रहती है, उसकी पहचान में कभी कोई परिवर्तन नहीं किया जा सकता।
विज्ञापन


यह भी पढ़ें: अयोध्या पर सुनवाई पूरी, पश्चिमी यूपी में हाई अलर्ट, अफसरों के छुट्टी लेने पर लगाई रोक
विज्ञापन
विज्ञापन


मौलाना मदनी ने कहा कि अयोध्या विवाद को लेकर मुसलमानों का नजरिया पूरी तरह से तथ्यों और प्रमाणिक साक्ष्यों पर आधारित हैं। बाबरी मस्जिद किसी मंदिर को तोड़कर नहीं बनाई गई और न ही वहां कोई मंदिर था। उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट को पांच दिसंबर 1992 से पहले की स्थिति को बरकरार रखना चाहिए और मस्जिद को मुसलमानों को वापस देना चाहिए। क्योंकि सुप्रीम कोर्ट को इस बात का आश्वासन दिया गया था कि मस्जिद से छेड़छाड़ नहीं की जाएगी और उसकी पूरी निगरानी होगी। लेकिन सुप्रीम कोर्ट में दाखिल श्वेत पत्र के बाद भी उसका हनन हुआ। इसलिए सुप्रीम कोर्ट को उस पर नोटिस लेना चाहिए और मस्जिद को रिस्टोर करना चाहिए। मौलाना मदनी ने कहा कि हम अदालत के फैसले का इंतजार कर रहे हैं और हम पूरे सम्मान के साथ फैसले को सर झुकाकर स्वीकार करेंगे।

नोट- इन खबरों के बारे आपकी क्या राय हैं। हमें फेसबुक पर कमेंट बॉक्स में लिखकर बताएं।

शहर से लेकर देश तक की ताजा खबरें व वीडियो देखने लिए हमारे इस फेसबुक पेज को लाइक करें


https://www.facebook.com/AuNewsMeerut/

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed