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Meerut News: जागा नगर निगम... गोवंशों को मिला भूसा, खल-चूरी
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जागा नगर निगम... गोवंशों को मिला भूसा, खल-चूरी
मेरठ। परतापुर बराल में नगर निगम की कान्हा उपवन गोशाला में गोवंशों को भूसा, खल-चूरी और हरा चारा मिल गया है। सर्दी से बचाव के लिए दिन में भी सोडियम लाइटें जलाई गईं। दानदाता भी गुड़ लेकर गोशाला पहुंचे। हालांकि क्षमता से अधिक गोवंश होने के कारण गोशाला में गोवंशों को अधिकतर समय खड़े रहकर ही गुजारना पड़ रहा है।
अमर उजाला ने बुधवार के अंक में नगर निगम की परतापुर बराल में गोशाला का जायजा लेकर अव्यवस्थाओं को उजागर किया था। गोशाला में गोवंश को जहां भूसे के स्थान पर धान की पराली मिल रही थी वहीं गुड़ का नामोनिशान नहीं था। इतना ही नहीं गोशाला परिसर में बगैर कटा हरा चारा तो पड़ा था, लेकिन गोवंश की खोर में धान की सूखी पराली की ही कुट्टी पड़ी थी। पूरी अव्यवस्था उजागर होने के बाद दिन निकलते ही नगर निगम प्रशासन ने गोशाला में जहां एक ट्रक भूसा डलवाया, वहीं पराग की खल चोकर की गाड़ी भी पहुंच गई। इतना ही नहीं काफी समय से जंग खा रही चारा काटने की मशीन पर गन्ने की फसल से चारा तैयार किया गया। गोवंश को भूसा, हरा चारा और खल-चूरी खाने को मिली।
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दानदाता ने गोवंश के लिए भेजा गुड़
-नगर निगम भले ही गोवंश के लिए गुड़ की व्यवस्था न कर पाया हो, लेकिन एक दानदाता ने गोशाला में तीन क्विंटल गुड़ भिजवा दिया है। उस व्यक्ति ने अपना नाम भी गोपनीय रखा है, जिसके बाद सभी गोवंशों को गुड़ दिया गया।
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विस्तार के पटल शेड के इंतजार में
-गोशाला में क्षमता से दोगुना गोवंश हैं। जिसके कारण गोवंश केे आराम नहीं मिल पा रहा है। इसके लिए नगर निगम ने गोशाला के विस्तार के लिए पिलर खड़े किए हुए हैं। माना जा रहा है कि अगर शीघ्र ही इन पिलरों पर टीन शेड डल जाए तो गोवंश को राहत मिल जाएगी।
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-गोशाला में भूसा और खल-चूरी की स्टॉक करा दिया गया है। जरूरत पड़ने पर गुड़ की भी व्यवस्था करा दी जाएगी। सर्दी के चलते दिन में भी गोवंश के बीच अलाव और सोडियम लाइटें जलवाने के निर्देश दिए हैं।
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मेरठ। परतापुर बराल में नगर निगम की कान्हा उपवन गोशाला में गोवंशों को भूसा, खल-चूरी और हरा चारा मिल गया है। सर्दी से बचाव के लिए दिन में भी सोडियम लाइटें जलाई गईं। दानदाता भी गुड़ लेकर गोशाला पहुंचे। हालांकि क्षमता से अधिक गोवंश होने के कारण गोशाला में गोवंशों को अधिकतर समय खड़े रहकर ही गुजारना पड़ रहा है।
अमर उजाला ने बुधवार के अंक में नगर निगम की परतापुर बराल में गोशाला का जायजा लेकर अव्यवस्थाओं को उजागर किया था। गोशाला में गोवंश को जहां भूसे के स्थान पर धान की पराली मिल रही थी वहीं गुड़ का नामोनिशान नहीं था। इतना ही नहीं गोशाला परिसर में बगैर कटा हरा चारा तो पड़ा था, लेकिन गोवंश की खोर में धान की सूखी पराली की ही कुट्टी पड़ी थी। पूरी अव्यवस्था उजागर होने के बाद दिन निकलते ही नगर निगम प्रशासन ने गोशाला में जहां एक ट्रक भूसा डलवाया, वहीं पराग की खल चोकर की गाड़ी भी पहुंच गई। इतना ही नहीं काफी समय से जंग खा रही चारा काटने की मशीन पर गन्ने की फसल से चारा तैयार किया गया। गोवंश को भूसा, हरा चारा और खल-चूरी खाने को मिली।
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दानदाता ने गोवंश के लिए भेजा गुड़
-नगर निगम भले ही गोवंश के लिए गुड़ की व्यवस्था न कर पाया हो, लेकिन एक दानदाता ने गोशाला में तीन क्विंटल गुड़ भिजवा दिया है। उस व्यक्ति ने अपना नाम भी गोपनीय रखा है, जिसके बाद सभी गोवंशों को गुड़ दिया गया।
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विस्तार के पटल शेड के इंतजार में
-गोशाला में क्षमता से दोगुना गोवंश हैं। जिसके कारण गोवंश केे आराम नहीं मिल पा रहा है। इसके लिए नगर निगम ने गोशाला के विस्तार के लिए पिलर खड़े किए हुए हैं। माना जा रहा है कि अगर शीघ्र ही इन पिलरों पर टीन शेड डल जाए तो गोवंश को राहत मिल जाएगी।
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-गोशाला में भूसा और खल-चूरी की स्टॉक करा दिया गया है। जरूरत पड़ने पर गुड़ की भी व्यवस्था करा दी जाएगी। सर्दी के चलते दिन में भी गोवंश के बीच अलाव और सोडियम लाइटें जलवाने के निर्देश दिए हैं।