Meerut News: 'ताई' थी जिंदा, लेकिन दिखा दी मृत, ऐसे हड़प ली करोड़ों की संपत्ति, तहसील में भी हड़कंप
रोहटा के डूंगर गांव में एक किसान ने अपनी जिंदा ताई को मृत दिखाते हुए जालसाजी से करोड़ों की संपत्ति अपने नाम करा ली। जब मृतका की वारिस को इसके बारे में पता लगा, तो उन्होंने जिलाधिकारी और एसएसपी से शिकायत कर कानूनी कार्यवाही करने की मांग की है। वहीं मामला अधिकारियों के संज्ञान में आने पर संलिप्त तहसील कर्मियों में हड़कंप मचा हुआ है।
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मेरठ के रोहटा से एक चौकाने वाला मामला सामने आया है। यहां डूंगर गांव के एक किसान पर जालसाली से करोड़ों की संपत्ति हड़पने का आरोप लगा है। यह आरोप मृतका की वारिस ने लगाया है। दरअसल गांव डूंगर की रहने वाली महिला हुक्मो पत्नी स्व. जैनू के केवल एक संतान ब्रह्मकुमारी थी। कोई लड़का न होने के कारण जैनू की मौत के बाद हुक्मो अपने भतीजे जीत सिंह और तेजवीर के पास ही रहती थी। लेकिन कुछ दिन बाद हुक्मो का भतीजों से मनमुटाव हो गया और वह अपनी बेटी ब्रह्मकुमारी की ससुराल में जाकर रहने लगी। वहीं ब्रह्मकुमारी के भी एक बेटी है, जिसका नाम योजना देवी है। योजना के पति सुरेन्द्र फौज में नौकरी कर रहे थे। योजना का अपने नाना के घर पर काफी समय से आना जाना बना हुआ था। योजना का कहना है कि उनकी नानी हुक्मो की वो इकलौती वारिसान हैं। जब वह रिटायरमेंट के बाद गांव डूंगर में गई और अपने मामा से अपने हिस्से की जमीन में हक मांगा तो मामा ने बोला कि हुक्मो तो उन्हें 23 साल पहले जमीन बेच चुकी है। योजना ने जब ये सुना तो वह दंग रह गई। उसने जब तहसील में जाकर रिकॉर्ड खंगलवाया तो वहां पता चला कि हुक्मो के भतीजों तेजवीर ओर जीतसिंह ने तहसील कर्मियों से जाल साजी कर सन 2003 में हुक्मो के फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र के सहारे मृत दर्शाकर उसकी सारी संपति को अपने नाम पर दर्ज करा लिया। जबकि हुक्मो की मौत 11 दिसंबर 2009 में हुई है। जिसका मृत्यु प्रमाण पत्र भी विभाग द्वारा जारी किया हुआ है।
अधिकारियों से की शिकायत
पूरे प्रकरण के बारे में पता चलने के बाद योजना देवी ने जिला अधिकारी और एसएसपी को शिकायती पत्र देकर पूरे प्रकरण की जांच कराकर दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्यवाही करने और उसकी हड़पी गई संपति को वापस दिलाने की गुहार लगाई है।
जांच से तहसील कर्मियों में भी मचा हड़कंप
इस सम्बन्ध में एसडीएम सदर डॉ दीक्षा जोशी ने बताया कि शिकायत मिली है जांच के बाद ही कुछ कहा जाएगा कि पूरे प्रकरण की सच्चाई क्या है। तहसील में जांच आने से तहसील कर्मियों में हड़कंप मचा हुआ है। जिंदा महिला को मृत दिखाकर उसकी संपति को उसके वारिसों को न देकर भतीजों को देना एक गंभीर जांच का विषय बन गया है।