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ऑडिट टीम ने डाला डेरा, खंगाल रही फाइल
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मेरठ। भोला की झाल पर बने 100 एमएलडी वाटर ट्रीटमेंट प्लांट का संचालन कर रही दिवालिया फर्म को हो रहे भुगतान मामले की जांच के लिए लखनऊ से आई टीम ने जल निगम में डेरा डाल रखा है। टीम ने दूसरे दिन भी प्लांट और भुगतान से संबंधित सभी फाइलों और पत्रावलियों का अवलोकन किया। सूत्रों ने बताया कि टीम सभी फाइलें लेकर लखनऊ जाएगी।
दरअसल भोला की झाल पर नगर निगम का 100 एमएलडी वाटर ट्रीटमेंट प्लांट बना है। इस प्लांट से शहरवासियों को गंगाजल की आपूर्ति की जाती है। नगर निगम ने प्लांट के संचालन और रखरखाव का अनुबंध जल निगम की नागर कार्य इकाई के साथ किया हुआ है। नागर कार्य इकाई ने इसका ठेका आउटसोर्सिंग फर्म प्रतिभा इंडस्ट्रीयल लिमिटेड को दे रखा है, लेकिन दो साल पहले यह फर्म दिवालिया हो चुकी है। इसके बाद नागर कार्य इकाई ने इसकी सूचना न तो अपने विभाग को दी और न ही नगर निगम को दी। इतना ही नहीं जालसाजी कर एक दूसरी फर्म टीएल इंफ्रा बनाकर नगर निगम से मिलने वाला प्लांट का भुगतान फर्म के खातों में भेजा जा रहा है।
अमर उजाला ने मामले का परत दर परत खुलासा किया तो जल निगम के प्रबंध निदेशक अनुराग यादव ने ऑडिट जांच बैठाते हुए लखनऊ से ऑडिट टीम को भेज रखा है। पिछले दो दिन से टीम प्लांट की अनुबंध शर्तों, दस्तावेजों और अब तक किए गए भुगतान आदि के कागज खंगालने में लगी है। यह टीम अब सभी फाइल और दस्तावेज लेकर लखनऊ रवाना होगी। लखनऊ मुख्यालय में पूरे मामले का ऑडिट होगा।
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दरअसल भोला की झाल पर नगर निगम का 100 एमएलडी वाटर ट्रीटमेंट प्लांट बना है। इस प्लांट से शहरवासियों को गंगाजल की आपूर्ति की जाती है। नगर निगम ने प्लांट के संचालन और रखरखाव का अनुबंध जल निगम की नागर कार्य इकाई के साथ किया हुआ है। नागर कार्य इकाई ने इसका ठेका आउटसोर्सिंग फर्म प्रतिभा इंडस्ट्रीयल लिमिटेड को दे रखा है, लेकिन दो साल पहले यह फर्म दिवालिया हो चुकी है। इसके बाद नागर कार्य इकाई ने इसकी सूचना न तो अपने विभाग को दी और न ही नगर निगम को दी। इतना ही नहीं जालसाजी कर एक दूसरी फर्म टीएल इंफ्रा बनाकर नगर निगम से मिलने वाला प्लांट का भुगतान फर्म के खातों में भेजा जा रहा है।
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अमर उजाला ने मामले का परत दर परत खुलासा किया तो जल निगम के प्रबंध निदेशक अनुराग यादव ने ऑडिट जांच बैठाते हुए लखनऊ से ऑडिट टीम को भेज रखा है। पिछले दो दिन से टीम प्लांट की अनुबंध शर्तों, दस्तावेजों और अब तक किए गए भुगतान आदि के कागज खंगालने में लगी है। यह टीम अब सभी फाइल और दस्तावेज लेकर लखनऊ रवाना होगी। लखनऊ मुख्यालय में पूरे मामले का ऑडिट होगा।
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