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जान का खतरा बता अतुल ने वापस मांगी वाई श्रेणी सुरक्षा
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sat, 22 Apr 2017 02:37 AM IST
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फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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सपा नेता अतुल प्रधान ने सरकार पर आरोप लगाया कि राजनीतिक विद्वेष के कारण उसकी वाई श्रेणी सुरक्षा हटाई गई है। अतुल ने अपनी जान को खतरा बताते हुए सुरक्षा वापस मांगी है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि सुरक्षा के अभाव में उसके साथ कोई घटना हुई तो उसकी जिम्मेदार प्रदेश सरकार की होगी।
अतुल ने बताया कि उन्होंने इस संबंध में एसएसपी को पत्र देकर अवगत करा दिया है। अतुल का कहना है कि वह राजनीतिक परिवार से है।बचपन में ही उसके माता पिता की हत्या हो चुकी है। पिता प्रधानी कर चुके हैं। 15 साल से वह भी जनसमस्याओं को लेकर राजनीति कर रहे हैं। 2012 और 2016 में सपा के टिकट पर विधान सभा चुनाव लड़ा। पत्नी जिला पंचायत अध्यक्ष रही हैं। इसी राजनीतिक प्रतिद्वंदता के कारण उन्हें जान का खतरा बना है। देर रात तक उन्हें जनता के बीच आना जाना पड़ता है। माता पिता की हत्या करने वालों से आज भी उन्हें जान का खतरा बना है, उनके परिवार के पास किसी तरह का लाइसेंसी असलहा भी नहीं है। इसी वजह से पिछली सरकार ने मुझे गनर दिए । बाद में उनकी सुरक्षा की जांच के बाद 2017 के विधान सभा चुनाव से दो महीने पहले उन्हें वाई श्रेणी की सुरक्षा दी गई।
अतुल ने बताया कि 17 अप्रैल को स्पीड पोस्ट से उसके धमकी भरा पत्र भी मिला। जिसमें उन्हें जान से मारने की धमकी भी दी गई। जिसकी एफआईआर नौचंदी थाने में भी दर्ज कराई गई।
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अतुल ने बताया कि उन्होंने इस संबंध में एसएसपी को पत्र देकर अवगत करा दिया है। अतुल का कहना है कि वह राजनीतिक परिवार से है।बचपन में ही उसके माता पिता की हत्या हो चुकी है। पिता प्रधानी कर चुके हैं। 15 साल से वह भी जनसमस्याओं को लेकर राजनीति कर रहे हैं। 2012 और 2016 में सपा के टिकट पर विधान सभा चुनाव लड़ा। पत्नी जिला पंचायत अध्यक्ष रही हैं। इसी राजनीतिक प्रतिद्वंदता के कारण उन्हें जान का खतरा बना है। देर रात तक उन्हें जनता के बीच आना जाना पड़ता है। माता पिता की हत्या करने वालों से आज भी उन्हें जान का खतरा बना है, उनके परिवार के पास किसी तरह का लाइसेंसी असलहा भी नहीं है। इसी वजह से पिछली सरकार ने मुझे गनर दिए । बाद में उनकी सुरक्षा की जांच के बाद 2017 के विधान सभा चुनाव से दो महीने पहले उन्हें वाई श्रेणी की सुरक्षा दी गई।
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अतुल ने बताया कि 17 अप्रैल को स्पीड पोस्ट से उसके धमकी भरा पत्र भी मिला। जिसमें उन्हें जान से मारने की धमकी भी दी गई। जिसकी एफआईआर नौचंदी थाने में भी दर्ज कराई गई।
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