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अधूरी तैयारी के साथ वाटर ट्रीटमेंट प्लांट चलाने की कोशिश
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मेरठ। भोला की झाल स्थित वाटर ट्रीटमेंट प्लांट को आधी अधूरी तैयारियों के साथ चलाने की कोशिश शुरू हो गई है। आउटसोर्स फर्म ने क्लोरीफोकुलेटरों को बिना इपोक्सी पेंट किए ही पानी से भर दिया है। इसके अतिरिक्त कई जरूरी काम पूूरे नहीं किए जा सके हैं। फर्म प्रतिनिधियों का कहना है कि क्लोरीफोकुलेटर में इपोक्सी पेंट करना अनुबंध में नहीं है। वहीं, नगर आयुक्त मनीष बंसल ने पूरा काम किए बगैर प्लांट चालू करने पर उनके बिल से कटौती करने की हिदायत दी है। जीएम जलकल मंगलवार को प्लांट का दौरा करके महापौर व नगर आयुक्त को रिपोर्ट देंगे।
भोला की झाल स्थित 100 एमएलडी का प्लांट 45 दिन से बंद है। इसके चलते शहरवासियों को गंगाजल की आपूर्ति नहीं हो पा रही है। सफाई के लिए बंद की गई गंगनहर तय समय 14 नवंबर को चालू हो गई। वहीं, प्लांट नगर निगम और जल निगम के बीच भुगतान की रार, सफाई एवं मरम्मत कार्य पूरा नहीं होने के चलते अब तक चालू नहीं सका है। अब प्लांट का रखरखाव और संचालन कर रही आउटसोर्स फर्म टीएल इंफ्रा आधी अधूरी सफाई और मरम्मत के साथ ही इसे चालू करने की तैयारी में जुटी है। क्लोरीफोकुलेटरों में बिना फूड ग्रेड इपोक्सी पेंट किए बगैर ही पानी से भर दिया। स्वास्थ्य की दृष्टि से क्लोरीफोकुलेटर में इपोक्सी पेंट होना बेहद जरूरी है। ऐसा नहीं होने पर पानी आरसीसी स्ट्रक्चर से होकर घरों तक पहुंचेगा। फर्म प्रतिनिधियों ने अनुबंध में शामिल नहीं होने की बात कहते हुए हाथ खड़े कर दिए हैं।
इस बारे में नगर आयुक्त मनीष बंसल ने बताया कि अगर प्लांट को पूरी तरह सही करके नहीं चलाया गया तो फर्म के बिल से कटौती की जाएगी। वहीं, महापौर सुनीता वर्मा ने मामले की जानकारी मिलने पर जीएम जलकल रतनलाल से फोन पर बात की और मंगलवार को प्लांट का निरीक्षण करने के निर्देश दिए। महापौर ने कहा कि जब तक प्लांट पूरी तरह चलने योग्य नहीं हो जाएगा तब तक जल निगम का पीछा नहीं छोड़ा जाएगा।
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भोला की झाल स्थित 100 एमएलडी का प्लांट 45 दिन से बंद है। इसके चलते शहरवासियों को गंगाजल की आपूर्ति नहीं हो पा रही है। सफाई के लिए बंद की गई गंगनहर तय समय 14 नवंबर को चालू हो गई। वहीं, प्लांट नगर निगम और जल निगम के बीच भुगतान की रार, सफाई एवं मरम्मत कार्य पूरा नहीं होने के चलते अब तक चालू नहीं सका है। अब प्लांट का रखरखाव और संचालन कर रही आउटसोर्स फर्म टीएल इंफ्रा आधी अधूरी सफाई और मरम्मत के साथ ही इसे चालू करने की तैयारी में जुटी है। क्लोरीफोकुलेटरों में बिना फूड ग्रेड इपोक्सी पेंट किए बगैर ही पानी से भर दिया। स्वास्थ्य की दृष्टि से क्लोरीफोकुलेटर में इपोक्सी पेंट होना बेहद जरूरी है। ऐसा नहीं होने पर पानी आरसीसी स्ट्रक्चर से होकर घरों तक पहुंचेगा। फर्म प्रतिनिधियों ने अनुबंध में शामिल नहीं होने की बात कहते हुए हाथ खड़े कर दिए हैं।
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इस बारे में नगर आयुक्त मनीष बंसल ने बताया कि अगर प्लांट को पूरी तरह सही करके नहीं चलाया गया तो फर्म के बिल से कटौती की जाएगी। वहीं, महापौर सुनीता वर्मा ने मामले की जानकारी मिलने पर जीएम जलकल रतनलाल से फोन पर बात की और मंगलवार को प्लांट का निरीक्षण करने के निर्देश दिए। महापौर ने कहा कि जब तक प्लांट पूरी तरह चलने योग्य नहीं हो जाएगा तब तक जल निगम का पीछा नहीं छोड़ा जाएगा।
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