UP: सहारनपुर में एटीएस ने डाला डेरा, खंगाल रही संदिग्धों की कुंडली, जल्द हो सकती हैं गिरफ्तारी
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सहारनपुर में एटीएस द्वारा पकड़े गए जैश-ए-मुहम्मद और तहरीक-ए-तालिबान के संदिग्ध आतंकी नदीम ने उत्तर प्रदेश में अपना नेटवर्क मजबूत कर लिया था। इसका खुलासा एटीएस की कार्रवाई में हुआ है। एटीएस अब नदीम के फिदायीन साथी जनपद फतेहपुर निवासी हबीबुल इस्लाम उर्फ सैफुल्ला को कानपुर से गिरफ्तार करने के बाद सहारनपुर में डेरा डाले हुए है। यह आतंकी भी जैश-ए-मुहम्मद के लिए कार्य कर रहा था। इन दोनों ने पाकिस्तान और अफगानिस्तान के आतंकियों को 50 से अधिक वर्चुअल आईडी बनाकर दी हैं।
कोतवाली गंगोह क्षेत्र के गांव कुंडाकला निवासी मुहम्मद नदीम पुत्र नफीस को एटीएस तीन दिन पूर्व गिरफ्तार कर चुकी है। नदीम से गई पूछताछ में एटीएस के हाथ कई अहम सुराग लगे थे। नदीम के मोबाइल फोन से पाकिस्तान और अफगानिस्तान के आतंकियों से सोशल मीडिया के जरिए की गई बातचीत की चैट और वॉयस मैसेज भी बरामद किए थे। इसके साथ ही 70 पेज की पीडीएफ फाइल बरामद की, जिसमें जैश-ए-मुहम्मद और तहरीक-ए-तालिबान के आतंकियों ने नदीम को फिदायीन हमले करने सहित आतंक फैलाने के तरीकों को समझाया था।
एटीएस ने अब कानपुर से नदीम के साथी फिदायीन हबीबुल इस्लाम उर्फ सैफुल्ला को गिरफ्तार किया है, जो मोतिहारी, बिहार का मूल निवासी है। वर्तमान में वह मोहल्ला सय्यदबाड़ा जनपद फतेहपुर में रह रहा था।
फर्जी वर्चुअल आईडी बनाने में हैं मास्टर
हबीबुल इस्लाम उर्फ सैफुल्ला फर्जी वर्चुअल आईडी बनाने में मास्टर है। नदीम और हबीबुल ने अफगानिस्तान एवं पाकिस्तान में बैठे आतंकियों को 50 से अधिक वर्चुअल आईडी बनाकर दी हैं। हबीबुल इस्लाम उर्फ सैफुल्ला व नदीम से की गई पूछताछ में यह खुलासे हुए हैं।
यह भी पढ़ें: शानदार पहल: ऐतिहासिक नगरी हस्तिनापुर में शुरू हुई गंगा की महाआरती, हर रोज किया जाएगा भव्य आयोजन
जेहादी वीडियो भेजकर उकसाते थे
एटीएस के मुताबिक, नदीम और हबीबुल सैफुल्ला द्वारा वर्चुअल आईडी पर बनाए गए ग्रुपों में पाकिस्तान और अफगानिस्तान के आतंकी जेहादी वीडियो अपलोड करते थे। इसके साथ ही फिदायीन हमले के तौर-तरीकों को भी सिखाया जाता था। जेहादी वीडियो भेजकर युवाओं जेहाद के लिए प्रेरित किया जाता था। जैश-ए-मुहम्मद संगठन के आतंकी नदीम और हबीबुल को युवाओं को संगठन से जोड़ने के लिए कहते थे। इसके बाद उनको पाकिस्तान में बुलाकर विशेष ट्रेनिंग देने के लिए भी कहा जाता था।
अब एटीएस की रडार पर कई
नदीम और हबीबुल इस्लाम उर्फ सैफुल्ला की गिरफ्तारी के बाद कई संदिग्ध एटीएस और पुलिस की रडार पर आ गए हैं। सूत्रों के मुुताबिक, जैश-ए-मुहम्मद और तहरीक-ए-तालिबान से जुड़े कई संदिग्ध प्रदेश में सक्रिय हैं। हबीबुल और नदीम से हुई पूछताछ में एटीएस को यह जानकारी मिली है। संदिग्धों की गिरफ्तारी को एटीएस जुटी है।
स्वतंत्रता दिवस पर करना था हमला
एटीएस सूत्रों के मुताबिक, नदीम और हबीबुल इस्लाम उर्फ सैफुल्ला फिदायीन हमला करना चाहते थे। पाकिस्तान और अफगानिस्तान के आतंकियों ने नदीम को जहां नुपुर शर्मा की हत्या करने का टॉस्क दिया था, वहीं, हबीबुल इस्लाम उर्फ सैफुल्ला को स्वतंत्रता दिवस पर फिदायीन हमला करने के लिए भी कहा था। सरकारी भवन और पुलिस मुख्यालय इनके निशाने पर थे। एटीएस ने समय रहते कार्रवाई कर आतंकियों की साजिश को नाकाम किया है।
डेरा डाले हुए है एटीएस, खंगाल रही संदिग्धों की कुंडली
नदीम के सहारनपुर पकड़े जाने बाद से एटीएस जनपद में डेरा डाले हुए हैं। सूत्र बताते हैं कि, एटीएस देवबंद में भी गोपनीय तरीके जांच कर रही हैं। इसके अलावा पूरे जनपद नजर बनाए हुए हैं। क्योंकि, नदीम के कई अन्य साथियों के होने भी जानकारी मिली है। फोन पर जिन लोगों से नदीम बात करता था, उनकी कुंडली भी एटीएस खंगालने में लगी है।