भारत ने मौजूदा एशियाई खेलों में शूटिंग स्पर्धा से पहला गोल्ड मेडल जीता। और यह गोल्ड जीता मेरठ के शूटर सौरभ चौधरी ने। उनका अंतिम-2 में मुकाबला जापान के मत्सुदा से था। उनकी जीत से जहां पूरे देश में उल्लास का माहौल है। वहीं उनके परिवार और कोच से अमर उजाला ने बात की। आइए जानते हैं उनकी इस कामयाबी के पीछे की कुछ खास बातें :-
जापानी निशानेबाज का दो में से पहला शॉट 8.9 पर जाकर लगा, जिससे भारतीय निशानेबाज को लाभ मिला। सौरभ ने इस मौके को जाने नहीं दिया और दोनों हाथों से लपकते हुए देश को खुशियां दी। 16 वर्षीय सौरभ ने फाइनल में 240.7 का स्कोर किया और शीर्ष पर रहते हुए गोल्ड मेडल जीता।
कोच की पिस्टल से जीता था पहला मेडल
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बेटे के मेडल दिखातीं सौरभ चौधरी की मां
- फोटो : अमर उजाला
मेरठ के रोहटा ब्लॉक के कलीना निवासी सौरभ चौधरी एक किसान परिवार से ताल्लुक रखते हैं। उनके पिता किसान जगमोहन सिंह एक किसान हैं। सौरभ चौधरी ने साल 2015 में शूटिंग में दिलचस्पी दिखाई, जिसके बाद उन्होंन बागपत के बिनौली में स्थित वीर सहामल राइफल क्लब में शूटिंग की ट्रेनिंग के लिए एडमिशन ले लिया। वहां कोच अमित श्योरन के सानिध्य में ट्रेनिंग ली। सौरभ प्रतिदन गांव से ऑटो द्वारा सुबह सात बजे शूटिंग क्लब पुहुंच जाते और आठ नौ घंटे से भी ज्यादा अभ्यास करते।
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घर में भी शूटिंग की प्रैक्टिस करते हैं सौरभ चौधरी
- फोटो : अमर उजाला
सौरभ चौधरी ने अपनी ट्रेनिंग के दौरान ही राज्य स्तरीय शूटिंग प्रतियोगिता में हिस्सा लिया। इस दौरान उन्होंने कोच की पिस्टल से ही पहला मेडल जीता। इसके बाद घरवालों ने जैसे-तैसे पौने दो लाख रुपये का इंतजाम किया और बेटे को पिस्टल दिलाई। इसके बाद सौरभ ने राष्ट्रीय व अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर कई प्रतियोगिताएं जीतीं।
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शूटर सौरभ चौधरी
- फोटो : अमर उजाला
करीबियों से पैसे लेकर बेटे को दिलाई थी पिस्टल
सौरभ ने जैदाबाद बागपत के आदर्श विद्यापीठ, इंटर कॉलेज से हाई स्कूल किया है। वर्तमान में तोलाहन इंटर कॉलेज के छात्र हैं। उनके घर में उनके बड़े भाई नितिन मां बृजेश देवी और पिता है। बड़ी बहन साक्षी की शादी हो चुकी है। अमर उजाला से बातचीत में परिजनों ने बताया कि टीवी पर लाइव देखा तो बेटे की जीत का पता चला कि उसने देश के लिए मेडल जीता है तो उनकी खुशी का ठिकाना नहीं रहा।