फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Meerut News ›   Asian Games 2018: Meerut players are aal set to target Gold in Race Walk games

एशियन गेम्स: 'रेस वॉक' में भी दिखेगा मेरठ का जलवा, खिलाड़ियों ने 'गोल्ड' के लिए कसी कमर

Mon, 27 Aug 2018 01:38 PM IST
यूपी डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
यूपी डेस्क, अमर उजाला, मेरठ Updated Mon, 27 Aug 2018 01:38 PM IST
विज्ञापन
Asian Games 2018: Meerut players are aal set to target Gold in Race Walk games
रेस वॉक मेें हिस्सा लेने वाले खिलाड़ी अपने कोच के साथ - फोटो : अमर उजाला
इंडोनेशिया के जकार्ता में चल रहे एशियाई खेलों में आगे होने वाली रेस वॉक प्रतियोगिता के लिए भारत के खिलाड़ियों ने कमर कस ली है। इस प्रतियोगिता में हिस्सा लेने के लिए भारत की ओर से दो खिलाड़ी जकार्ता पहुंच चुके हैं, जबकि उनके कोच प्रतियोगिता से एक दिन पहले रवाना होंगे। जानें कौन है दौड़ चाल के ये होनहार :-
विज्ञापन

 
 

मेरठ के मवाना तहसील स्थित  अकबरपुर गढ़ी गांव निवासी सुरेंद्र मावी पुत्र महकार सिंह सेना में सूबेदार पद पर कार्यरत हैं। वह इस समय भारतीय रेस वॉक टीम के मुख्य कोच हैं। सूबेदार व कोच सुरेंद्र मावी ने अमर उजाला से फोन पर बताया कि लगभग दो माह पहले चाइना में हुए वर्ल्ड कप में भारत की टीम ने पांचवा स्थान प्राप्त किया था। भारत की ओर से सूबेदार संदीप कुमार व हवलदार इरफान ने हिस्सा लिया था।

इंडोनेशिया के जकार्ता में चल रहे एशियाई खेलों में भी भारत की ओर से ये दोनों खिलाड़ी हिस्सा लेंगे। यह प्रतियोगिता 29 व 30 अगस्त को आयोजित होनी है। कोच सुरेंद्र मावी का कहना है कि दोनों ही खिलाड़ियों ने काफी मेहनत की है और उनका लक्ष्य भारत के लिए सोना लाना है। उन्होंने बताया कि इसके बाद उनका पूरा ध्यान 2020 में टोक्यो ओलंपिक की तैयारी में जुटना है।

विज्ञापन
विज्ञापन

Asian Games 2018: Meerut players are aal set to target Gold in Race Walk games
फाइल फोटो

जानें क्या है रेस वॉक
रेस वॉकिंग, या दौड़ चाल, एथलेटिक्स खेल के अंतर्गत आने वाली एक लंबी दूरी की अनुशासनात्मक चाल है। हालांकि यह एक तरह की दौड़ ही है लेकिन तेज दौड और साधारण चाल से बिल्कुल अलग है। इसकी खास बात यह है कि  इस खेल में प्रत्येक खिलाड़ी के पैरों को हर कदम पर जमीन के संपर्क में रहना होता है। इसे रनिंग ट्रैक और सड़कों पर ही विशेष रूप से आयोजित किया जाता है। सन् 1904 में  हुए ओलंम्पिक खेलों में इस खेल से लोगों का व्यापक तौर पर पहली बार परिचय हुआ था।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed