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असीम अरुण: कभी थे मेरठ के पुलिस अफसर, आ रहे हैं प्रभारी मंत्री बनकर, साझा की दिल की बात, शहर से है पुराना नाता

Thu, 04 Jun 2026 01:32 AM IST
Mohd Mustakim अमर उजाला नेटवर्क, मेरठ
अमर उजाला नेटवर्क, मेरठ Published by: Mohd Mustakim Updated Thu, 04 Jun 2026 01:32 AM IST
सार

Meerut News: जिले के प्रभारी मंत्री असीम अरुण आज मेरठ आ रहे हैं। उन्होंने फेसबुक पोस्ट के जरिए पुरानी यादें साझा की। 1967 में उनके पिता मेरठ के पुलिस अधीक्षक देहात थे। 1996 में खुद एएसपी के रूप में कमान संभाली थी।

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Aseem Arun: Was once a police officer of Meerut, is coming as the minister in-charge, shared his heart's feeli
असीम अरुण - फोटो : अमर उजाला नेटवर्क

विस्तार

जिले का नया प्रभारी मंत्री नियुक्त किए जाने के बाद समाज कल्याण राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) असीम अरुण ने सोशल मीडिया पर मेरठ की जनता के नाम दिल को छू लेने वाला संदेश साझा किया है। फेसबुक पोस्ट में उन्होंने कहा कि मेरठ की जिम्मेदारी संभालना उनके लिए केवल एक दायित्व नहीं है, बल्कि यह उनके जीवन का सबसे सौभाग्यशाली और भावुक कर देने वाला अवसर है। इसलिए कि मेरठ से उनका और उनके परिवार का पीढ़ियों पुराना रिश्ता है।
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पिता की कानून-व्यवस्था की विरासत से जुड़ा नाता
प्रभारी मंत्री ने इस पोस्ट में अपने पिता पूर्व पुलिस महानिदेशक दिवंगत श्रीराम अरुण की विरासत को याद किया। बताया कि साल 1967 में उनके पिता मेरठ के पुलिस अधीक्षक देहात थे। यह वह दौर था जब आज का गाजियाबाद, बागपत, हापुड़ और गौतम बुद्ध नगर (नोएडा) भी मेरठ जिले का ही हिस्सा हुआ करते थे।
इसके बाद साल 1987 के भीषण सांप्रदायिक दंगों के दौरान उनके पिता को पुलिस उपमहानिरीक्षक मेरठ बनाकर भेजा गया था। उन्होंने अपनी सूझबूझ और कड़ाई से न केवल मेरठ में शांति बहाल की, बल्कि अगले तीन वर्षों तक जनता की सेवा कर यहां के लोगों के दिलों में अमिट जगह बनाई।
 
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एएसपी के रूप में मेरठ से शुरू हुआ था असीम अरुण का सफर
पिता के पदचिह्नों पर चलते हुए असीम अरुण का खुद का पुलिसिंग कॅरिअर भी मेरठ से ही शुरू हुआ था। 1996 से 1998 तक वह मेरठ में सहायक पुलिस अधीक्षक के पद पर तैनात रहे। अपनी पहली पोस्टिंग के दिनों को याद करते हुए उन्होंने लिखा कि वह अल्हड़पन और सीखने का दौर था। युवा होने के नाते कुछ गलतियां भी हुईं, लेकिन मेरठ ने हमेशा एक अभिभावक की तरह मुझे सिखाया और सीने से लगाया।
 
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मेरठ से है गहरा रिश्ता
प्रभारी मंत्री ने अपनी जिंदगी के सबसे खूबसूरत पन्नों को पलटते हुए बताया कि मेरठ की धरती ने ही उन्हें गृहस्थ जीवन का आशीर्वाद दिया। तीन अक्तूबर 1997 को ज्योत्सना के साथ उनका विवाह इसी पोस्टिंग के दौरान हुआ था, इसलिए उनकी पत्नी आज भी मेरठ को अपनी ससुराल मानती हैं। यही नहीं, उनके छोटे बेटे अमन का जन्म भी साल 2002 में मेरठ की ही पावन धरा पर हुआ था।
 

आज शाम छह बजे सर्किट हाउस में होगा भव्य स्वागत
वर्षों बाद मेरठ की सेवा का दोबारा मौका मिलने पर असीम अरुण ने कहा कि ऐसा लगता है जैसे मैं किसी पद पर नहीं, बल्कि अपने ही घर लौट रहा हूं। प्रभारी मंत्री के रूप में असीम अरुण बृहस्पतिवार की शाम छह बजे मेरठ के सर्किट हाउस पहुंचेंगे। भाजपा के पूर्व महानगर अध्यक्ष डॉ. चरण सिंह लिसाड़ी का कहना है कि उनके आगमन को लेकर कार्यकर्ताओं, पदाधिकारियों और आम जनता में भारी उत्साह है।

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