{"_id":"6a57c8856c119718cf0dfecc","slug":"army-soldier-dies-in-vehicle-accident-meerut-news-c-73-1-mtd1003-107958-2026-07-15","type":"story","status":"publish","title_hn":"Meerut News: सेना के जवान की वाहन दुर्घटना में मौत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Meerut News: सेना के जवान की वाहन दुर्घटना में मौत
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
- गांव रछौती निवासी जनेश्वर हिमाचल प्रदेश में क्यूआरटी टीम में दे रहा था सेवा
संवाद न्यूज एजेंसी
मुंडाली। करीब 15 दिन पहले शिमला के नजदीक गश्त के दौरान सेना का वाहन खाई में गिरने के कारण सेना के कई जवान घायल हो गए थे। इनमें मुंडाली थाना क्षेत्र के गांव रछौती निवासी जनेश्वर कुमार भी शामिल था। सभी घायलों को मिलिट्री हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था। उपचार के दौरान बुधवार सुबह जनेश्वर की मौत हो गई। सूचना मिलने पर परिजन शिमला के लिए रवाना हो गए।
क्षेत्र के गांव मुुंडाली निवासी जनेश्वर पुत्र राजकुमार 2014 में सेना में भर्ती हुए थे। वह कुुमाऊं रेजीमेंट की 11वीं बटालियन में तैनात थे। वर्तमान में वह भारतीय सेना में हिमाचल प्रदेश में क्यूआरटी टीम में अपनी सेवाएं दे रहे थे। करीब 15 दिन पहले गश्त गाड़ी में जनेश्वर और उसके साथी जवान गश्त पर थे। किन्हीं कारणों से उनका वाहन अनियंत्रित होकर गहरी खाई में गिर गया था। इस हादसे में अन्य जवानों के अलावा जनेश्वर भी गंभीर रूप से घायल हो गया था। इन सभी जवानों को रेस्क्यू कर पास के मिलिट्री हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था। इसकी सूचना जनेश्वर के परिजनों को भी दी गई थी।
परिजनों के अनुसार 15 दिनों से ही जनेश्वर से लगातार फोन पर वार्ता हो रही थी, जिससे पता चल रहा था कि वह ठीक हो रहा है। बुधवार सुबह उसकी बटालियन के अधिकारी की कॉल आई कि इलाज के दौरान जनेश्वर की हो गई है। आनन-फानन में परिजन शिमला के लिए रवाना हो गए। परिजनों ने बताया कि जनेश्वर तीन भाइयों में मंझला था। बड़ा भाई गांव में खेती-बाड़ी करता है और छोटा भाई भारतीय सेना में देश सेवा कर रहा है। जनेश्वर की शादी को आठ वर्ष हो चुके हैं। इनके तीन बच्चे हैं।
विज्ञापन
हादसे और मौत के कारणों पर संशय
सिपाही जनेश्वर की मौत ने पूरे क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया है। वहीं अभी तक हादसे और उसकी मौत के कारणों को लेकर स्थिति पूरी तरफ साफ नहीं हो पाई है। परिजनों का कहना है कि उन्हें केवल जनेश्वर के घायल होने का पता चला। वह लगातार उनसे फोन पर संपर्क में था, जो कि स्वस्थ होने की जानकारी दे रहा था। मौके पर पहुंचकर ही मौत के सही कारणों का पता लग सकेगा।
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
मुंडाली। करीब 15 दिन पहले शिमला के नजदीक गश्त के दौरान सेना का वाहन खाई में गिरने के कारण सेना के कई जवान घायल हो गए थे। इनमें मुंडाली थाना क्षेत्र के गांव रछौती निवासी जनेश्वर कुमार भी शामिल था। सभी घायलों को मिलिट्री हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था। उपचार के दौरान बुधवार सुबह जनेश्वर की मौत हो गई। सूचना मिलने पर परिजन शिमला के लिए रवाना हो गए।
क्षेत्र के गांव मुुंडाली निवासी जनेश्वर पुत्र राजकुमार 2014 में सेना में भर्ती हुए थे। वह कुुमाऊं रेजीमेंट की 11वीं बटालियन में तैनात थे। वर्तमान में वह भारतीय सेना में हिमाचल प्रदेश में क्यूआरटी टीम में अपनी सेवाएं दे रहे थे। करीब 15 दिन पहले गश्त गाड़ी में जनेश्वर और उसके साथी जवान गश्त पर थे। किन्हीं कारणों से उनका वाहन अनियंत्रित होकर गहरी खाई में गिर गया था। इस हादसे में अन्य जवानों के अलावा जनेश्वर भी गंभीर रूप से घायल हो गया था। इन सभी जवानों को रेस्क्यू कर पास के मिलिट्री हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था। इसकी सूचना जनेश्वर के परिजनों को भी दी गई थी।
विज्ञापन
परिजनों के अनुसार 15 दिनों से ही जनेश्वर से लगातार फोन पर वार्ता हो रही थी, जिससे पता चल रहा था कि वह ठीक हो रहा है। बुधवार सुबह उसकी बटालियन के अधिकारी की कॉल आई कि इलाज के दौरान जनेश्वर की हो गई है। आनन-फानन में परिजन शिमला के लिए रवाना हो गए। परिजनों ने बताया कि जनेश्वर तीन भाइयों में मंझला था। बड़ा भाई गांव में खेती-बाड़ी करता है और छोटा भाई भारतीय सेना में देश सेवा कर रहा है। जनेश्वर की शादी को आठ वर्ष हो चुके हैं। इनके तीन बच्चे हैं।
विज्ञापन
हादसे और मौत के कारणों पर संशय
सिपाही जनेश्वर की मौत ने पूरे क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया है। वहीं अभी तक हादसे और उसकी मौत के कारणों को लेकर स्थिति पूरी तरफ साफ नहीं हो पाई है। परिजनों का कहना है कि उन्हें केवल जनेश्वर के घायल होने का पता चला। वह लगातार उनसे फोन पर संपर्क में था, जो कि स्वस्थ होने की जानकारी दे रहा था। मौके पर पहुंचकर ही मौत के सही कारणों का पता लग सकेगा।