कैप्सूल और इंजेक्शन के सहारे आर्मी की दौड़, अभी तक 5660 ने लिया भाग
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सेना भर्ती रैली में दौड़ में बाजी मारने के लिए युवा अपनी जान भी खतरे में डाल रहे हैं। ऊर्जा बढ़ाने वाली स्टेरॉयड का इस्तेमाल कर दौड़ लगा रहे हैं। इंजेक्शन से डोज भी ले रहे हैं। सोमवार को भर्ती के दौरान सेना ने मैदान में और आसपास सिरिंज और कैप्सूल बरामद किए। यह प्राणघातक हो सकते हैं। दौड़ के दौरान एक अभ्यर्थी बेहोश हो गया। उसे जवानों ने संभाला और इलाज दिया।
सोमवार को हापुड़ और नोएडा जिले के गढ़मुक्तेश्वर, हापुड़ और दादरी तहसील के युवाओं की सैनिक सामान्य ड्यूटी, सैनिक तकनीकी, सैनिक तकनीकी नर्सिंग सहायक, सैनिक लिपिक, स्टोर कीपर और सैनिक ट्रेडमैन पद के लिए भर्ती थी। कुल 12702 अभ्यर्थी पंजीकृत थे। इनमें से 5660 ने दौड़ लगाई और 533 ने फिजिकल फिटनेस टेस्ट पूरा किया। मौसम भर्ती में सेना का साथ दे रहा है। पहले दो दिन की भर्ती स्थगित होने के बाद सोमवार को मौसम साफ रहा। बिना बारिश के दिन की भर्ती प्रक्रिया हुई।
कैप्सूल और इंजेक्शन किए बरामद
भर्ती के दौरान ऊर्जा बढ़ाने वाला कैप्सूल जहां पर अभ्यर्थी बैठे थे, वहां से बरामद किया। कैप्सूल मिलने के बाद अभ्यर्थियों की सघन जांच की गई। मैदान के पास एक जगह पर खाली इंजेक्शन और सिरिंज मिलीं। भर्ती में ऊर्जा बढ़ाने के लिए दवा लेने के बारे में फिजिशियन डॉ. तनुराज सिरोही का कहना है युवा भर्ती से पहले स्टेरॉयड शुरू कर देते हैं। कई कंपनी ऊर्जा बढ़ाने का दावा करती हैं। यह गलत है। बिना डॉक्टर की सलाह के स्टेरॉयड खाना हानिकारक है। उधर, भर्ती के दौरान मैदान पर एक लावारिस बैग मिला। बैग किसका है जब यह पता नहीं चला तो उसकी जांच की गई।
पेसर की ली मदद तो ब्लैक लिस्ट होंगे अभ्यर्थी : दौड़ के दौरान पेसर की मदद लेने पर अभ्यर्थियों को ब्लैक लिस्ट किया जाएगा। रविवार को भर्ती में एक पेसर पकड़ा गया था।
अभ्यर्थी गश खाकर गिरा
दौड़ लगाते समय हापुड़ निवासी अभ्यर्थी विशाल गश खाकर गिर पड़ा। उसको चोट आई। जवानों ने फौरन उसे एंबुलेंस में पहुंचाया। वहां उसका इलाज किया गया। मैदान पर एंबुलेंस और फायर ब्रिगेड की व्यवस्था है।
आज की भर्ती
मंगलवार को बुलंदशहर और नोएडा जिले की भर्ती है। 11903 अभ्यर्थी पंजीकृत हैं। इनमें 8898 बुलंदशहर और 3005 नोएडा जिले के अभ्यर्थी हैं। युवक मैदान के आसपास सोमवार शाम को ही आ गए थे।
भर्ती में अभ्यर्थियों की घटी संख्या अधिकारियों को चौंका रही
सेना भर्ती में अभ्यर्थियों का घटी संख्या अधिकारियों को चौंका रही है। पंजीकरण कराने वालों की संख्या ठीक है, लेकिन भर्ती में युवक 50 प्रतिशत के आसपास ही पहुंच रहे हैं। अधिकारी इसकी मुख्य वजह आधार कार्ड को मान रहे हैं। शताब्दीनगर में मेरठ सेना भर्ती कार्यालय की ओर से 13 जिलों की 29 जून से कराई जा रही भर्ती प्रक्रिया में अभ्यर्थियों की संख्या उम्मीद के मुताबिक नहीं रही है। पहले दो दिन की भर्ती बारिश की वजह स्थगित करनी पड़ी। उसके बाद हुई तीन दिन की भर्ती में पहुंचने वालों का आंकड़ा 50 प्रतिशत के आसपास रहा है। एक जुलाई की भर्ती में 13000 ने पंजीकरण कराया था। इनमें 7127 ने दौड़ में भाग लिया। 619 मेडिकल तक पहुंचे। दो जुलाई को 12500 का पंजीकरण था। 6611 ने दौड़ लगाई और 556 मेडिकल तक पहुंचे। तीन जुलाई को 12702 का पंजीकरण था। इनमें 5666 ने दौड़ लगाई और 533 मेडिकल के लिए क्वालीफाई किया। भर्ती निदेशक कर्नल रजनीश मेहता के कहना है आमतौर पर भर्ती में 70 से 80 प्रतिशत अभ्यर्थी पहुंचते हैं। ऑनलाइन पंजीकरण के बाद अभ्यर्थी आ रहे हैं। आधार कार्ड नंबर या आवेदन संख्या को अनिवार्य किया गया है। यह वजह हो सकती है।
फैक्ट
एक जुलाई को 54.82 प्रतिशत अभ्यर्थियों ने दौड़ में भाग लिया
दो जुलाई को 52.88 प्रतिशत अभ्यर्थी दौड़े
तीन जुलाई को 44.60 प्रतिशत ही भर्ती में हुए शामिल
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