दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेस-वे निर्माण का रास्ता साफ, परतापुर तक मंजूरी, आईटी पार्क और रैपिड को इंतजार
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दिल्ली मेरठ एक्सप्रेसवे के चौथे चरण में परतापुर से डासना (31किमी) तक काम तेज गति से होना है। कुछ दिन पहले प्रशासन ने सिर्फ ग्रामीण इलाके में काम करने की अनुमति दी थी। परतापुर तक काम मिलने की अनुमति के बाद रास्ता साफ हो गया है।
अब एक्सप्रेसवे के काशी, अच्छरोंडा और परतापुर इलाके में भी काम शुरू करने की अनुमति मिल गई है। इन इलाकों में ही काफी काम अटका हुआ था। परतापुर में एक्सप्रेसवे का प्रमुख केंद्र है। यहां काम शुरू होने से एक्सप्रेसवे रफ्तार पकड़ेगा।
अब मजदूरों की चिंता
एक्सप्रेसवे का काम शुरू होने में मजदूरों की दिक्कत सामने आ सकती है। अमर उजाला ने एक सप्ताह पहले ही मजदूरों की संख्या कम होने की खबर प्रकाशित की थी। एक्सप्रेस-वे के लिए 1400 मजदूरों की जरूरत है, जो अभी सिर्फ 500 ही है। हाल ही में इस मुद्दे को लेकर एनएचएआई और जीआर के बीच बैठक हो चुकी है। अब अधिक मशीनें लगाकर काम में तेजी लाने का प्रयास किया जाएगा।
आईटी पार्क और रैपिड को इंतजार
मंगलवार को आईटी पार्क और रैपिड के आवेदनों पर भी विचार किया गया। वेदव्यासपुरी में बन रहे आईटी पार्क और पंजाब नेशनल बैंक के जोनल कार्यालय को भी जल्द अनुमति मिल जाएगी।
रैपिड रेल के लिए भूड़बराल से शताब्दीनगर तक अनुमति मांगी गई है। मंगलवार को एनसीआरटीसी के चीफ प्रोजेक्ट मैनेजर पंकज त्यागी ने सांसद राजेन्द्र अग्रवाल से वार्ता कर प्रोजेक्ट की प्रगति के बारे में बताया।
प्रशासन ने अनुमति देकर निर्माण का रास्ता तो साफ कर दिया है, लेकिन मजदूरों की दिक्कत सामने आ रही है। लोकल मजदूरों से काम कराया जाएगा। मानसून से पहले मिट्टी का कार्य निपटाने का प्रयास किया जाएगा। - अरविंद कुमार, प्रोजेक्ट मैनेजर एनएचएआई