अपराजिता: पीसीएस बनने पर स्वीटी ने बताया सफलता का राज, छात्राओं ने खूब पूछे सवाल
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अमर उजाला के अपराजिता अभियान के तहत कांधला क्षेत्र के डांगरौल गांव स्थित प्राइड एकेडमी में सेल्फ डिफेंस और करियर काउंसिलिंग शिविर का आयोजन किया गया। इसमें पीसीएस परीक्षा पास करने वाली स्वीटी कुमारी छात्राओं से रू-ब-रू हुई और अपनी कामयाबी के राज बताए। वहीं ताइक्वाडो एक्सपर्ट ने आत्मरक्षा के गुर सिखाए।
रोज क्लास अटेंड करें, परीक्षा में नहीं होगी परेशानी
इस कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि 2017 बैच की पीसीएस परीक्षा में चयनित हुई स्वीटी कुमारी और कॉलेज डॉयरेक्टर नीलम तोमर ने संयुक्त रूप से किया। इसके बाद छात्राओं से सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए। उन्होंने लघु नाटिका के माध्यम से दहेज प्रथा पर प्रहार किया। इसके अलावा देशभक्ति कार्यक्रम ओर देशभक्ति गीत पर कई हैरतअंगेज करतब दिखाए। छात्राओं ने ताइक्वाडो के डेमो देखकर सबको हैरान किया।
शिविर में पीसीएस परीक्षा पास कर जिला विकलांग कल्याण अधिकारी बनी बंतीखेड़ा निवासी स्वीटी कुमारी छात्राओं से रू-ब-रू हुई। छात्राओं ने उनसे पढ़ाई और करियर संबंधी सवाल किए और उन्होंने उसका जवाब दिया। कार्यक्रम में समाजसेविका वीना अग्रवाल ने कहा कि अपराजिता अभियान बेटियों को मन से मजबूत बनाने की मुहिम है। नेशनल निशानेबाज रिचा मलिक ने छात्राओं को निशानेबाजी के करियर के बारे में बताया। कार्यक्रम में अंजली पांचाल, कालेज प्रधानाध्यापिका वंदना शर्मा, सुभाष तोमर, नीतू तोमर, मनुज कुमार का सहयोग रहा।
शरीर के साथ मन से भी मजबूत बनें - कोमल सिंह
छात्राओं के सवाल, पीसीएस अधिकारी के जवाब
कक्षा 11 की छात्रा खुशी ने पूछा कि बड़े अधिकारी बनने के लिए बड़े शहर के इंस्टीट्यूट से कोचिंग लेना क्या जरूरी है। इस पर जवाब में बताया कि ये जरूरी नहीं है। हर किसी की आर्थिक हालत वहां कोचिंग करने की नहीं होती। घर पर भी इंटरनेट ओर यूटयूब के माध्यम से भी तैयारी हो सकती है। उन्होंने भी ऐसे ही पीसीएस की तैयारी की है।
कक्षा छह की छात्रा ने पूछा कि परीक्षा के दिन में क्या 12 घंटे पढ़ना जरूरी है, जवाब में बताया गया कि यदि आप रेगुलर क्लास करते हैं तो रोजाना घर में चार से पांच घंटे पढ़ने से ही आपको एग्जाम के दिनों में 12 घंटे पढ़ने की जरूरत नहीं होगी। रुटीन की तरह ही परीक्षा की तैयारी करें। अच्छे नंबर आएंगे।
कक्षा सात की वंशिका ने पूछा कि यदि पढ़ाई करते वक्त बोरियत हो तो क्या करें, इस पर बताया गया कि यदि किसी विषय से बोरियत हो तो या तो उस वक्त विषय चेंज कर उसे बाद में पढ़ लें या फिर थोड़ा टहल लें या खेल लें या म्यूजिक भी सुन सकते हैं।
हौंसले से मिलती है बुलंदी
11वीं कक्षा की छात्रा महिमा ने पूछा कि आप पीसीएस अधिकारी कैसे बनीं। बताया कि इसके लिए ये जरूरी नहीं कि आप किसी बड़े शहर के नामी गिरामी सेंटर से कोचिंग लें। आप अपने घर में बैठकर भी कई माध्यमों से तैयारी कर सकती हैं। बस आपका टारगेट फिक्स हो और मन में हौंसला। उनकी उम्र तीन साल थी, जब उनके पापा उन्हें छोड़कर चले गए, लेकिन इसके बाद भी उनकी मम्मी ने पढ़ाया और अफसर बनीं।
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ताइक्वांडो एक्सपर्ट कोमल सिंह ने छात्राओं को ताइक्वांडो के किक, पंच डबल किक और डबल पंच करना सिखाया। उन्होंने बताया कि अच्छे खानपान से लड़कियां शरीर से तो मजबूत हो सकती हैं, लेकिन उन्हें मन से मजबूत बनाना होगा और इसके लिए हौंसले की जरूरत होगी। मन मजबूत होगा तभी वे ताइक्वांडो जूडो के जरिये सामने वाले को जवाब दे सकेंगी।
छात्राओं को बहुत कुछ सीखने को मिला
प्राइड एकेडमी की डायरेक्टर नीलम तोमर ने कहा कि अमर उजाला का अपराजिता अभियान बेटियों के मन के अंदर का डर निकालता है। आज के कार्यक्रम में पीसीएस के लिए चयनित स्वीटी कुमारी ने जिस तरह बच्चों को सफलता के टिप्स दिए वे छात्राओं के बहुत काम आएंगे। ताइक्वांडो एक्सपर्ट के टिप्स से बेटियों को मन से मजबूत बनने की सीख मिली। उनका स्कूल आगे भी इस तरह के आयोजन कराता रहेगा।
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